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Friday, September 11, 2020

अपराध रोकने में नाकाम, वाहन चेकिंग के नाम पर उगाही में मस्त पुलिस

वाहन चालकों को अपराधियों की तरह घेरकर करते बदसलूकी 

डेढ़ किलोमीटर के अंदर ही बनाये चार चेकिंग प्वाइंट 

फतेहपुर, करन सिंह चौहान । जिले में अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस अधीक्षक प्रशांत वर्मा भले ही प्रभारियों व उपनिरीक्षकों के तबादले कर रहे हों लेकिन जिले में अपराध रूकने का नाम नहीं ले रहा है। जिसकी प्रमुख वजह यह है कि पुलिस अपने कर्तव्य को भूलकर सिर्फ पैसा कमाने में जुटी हुयी है। इसका जीता जागता नमूना प्रतिदिन शहर क्षेत्र में देखने को मिलता है। सदर कोतवाली क्षेत्र के अन्तर्गत तमाम बड़ी घटनाएं बीते एक माह के अंतराल में हुयी है। एक भी घटना का खुलासा अब तक पुलिस द्वारा नहीं किया गया है लेकिन शहर पुलिस दिन भर अपने कामों में व्यस्त रहती है। यह व्यस्तता सिर्फ और सिर्फ वाहन चालकों तक ही सीमित रहती है। शहर क्षेत्र के प्रत्येक चैराहे पर चेकिंग प्वाइंट बनाकर आने-जाने वाले बाइक सवारों पर बाज की तरह झपट्टा मारकर पीआरडी व होमगार्ड के जवान टूट पड़ते हैं और चालक से बदसलूकी करते हुए अपराधियों की तरह घेरकर उससे वसूली का खुला खेल देखा जा सकता है। जीटी रोड पर महज डेढ़ किलोमीटर के अंदर ही चार चेकिंग प्वाइंट बना दिये गये हैं। जिससे रोजमर्रा का सामान खरीदने के लिए निकलने वाले बाइक सवार अब जीटी रोड पर जाने से भी घबराने लगे हैं। 

बाकरगंज चैराहे पर बाइक सवार को रोक कर जांच करती पुलिस। फाइल फोटो

बताते चलें कि शहर क्षेत्र की कानून व्यवस्था इन दिनों चरमरा गयी है। मादक पदार्थों का कारोबार हो या फिर सट्टे का कारोबार। गली-गली एवं मुहल्ले-मुहल्ले यह कारोबार पनप रहे हैं। पुलिस के संरक्षण में कारोबारी दिनों दिन अपने कारोबार में तरक्की कर रहे हैं। जिससे शहर क्षेत्र में अपराधों का ग्राफ भी बढ़ा है। घर व दुकानों में चोरी के साथ-साथ शहर में इन दिनों बाइक चोरी की घटनाएं भी बढ़ी है लेकिन कोतवाली व सम्बन्धित चैकी की पुलिस इन अपराधों को रोक पाने में असफल साबित हो रही है। शहर पुलिस का आलम यह है कि सभी जरायम के धंधों में चार चांद लगाने के लिए जी-जान से मेहनत कर रहे हैं और अवैध धंधों के संचालक पुलिस की जेब में मोटी रकम भरने का काम कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार एक अदना सा सिपाही भी दिनों लाखों रूपये के वारे-न्यारे करने में लगा हुआ है। पुलिस की इस हलाहवाली का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। शहर पुलिस की काली करतूतों से कोई अंजान नहीं है लेकिन आला अधिकारी इस पर अंकुश नहीं लगा पा रहे हैं। शहर पुलिस का ध्यान इन दिनों सिर्फ और सिर्फ कानून व्यवस्था के नाम पर बाइक सवारों पर बाज की तरह गिरना ही दिखाई देता है। शहर क्षेत्र के ज्वालागंज, रोडवेज बस स्टाप, बाकरगंज, सदर अस्पताल तिराहा, नऊवाबाग, पत्थरकटा चैराहा, पटेलनगर चैराहा, आईटीआई रोड, वर्मा तिराहा, देवीगंज, शादीपुर चैराहा समेत अन्य स्थानों पर यातायात पुलिस द्वारा चेकिंग प्वाइंट बनाये गये हैं। इन चेकिंग प्वाइंटों पर दिन भर पुलिस कर्मियों का जमावड़ा लगा रहता है। जो वाहन व मास्क चेकिंग के नाम पर लोगों का खुलेआम उत्पीड़न कर रही है। आने-जाने वाले बाइक सवारों पर तैनात पुलिस कर्मी बाज बनकर टूट पड़ते हैं। मानो यह बाइक सवार किसी बड़े अपराध को अंजाम देकर सड़क पर निकला हो और ये पुलिस कर्मी इसे पकड़ने के लिए ही लगे हों। चैराहे पर पुलिस कर्मी घेराबंदी करके खड़े हो जाते हैं और जैसे ही बाइक सवार आया तो उस पर चारों ओर से झपट्टा मारकर उसकी बाइक रूकवा लेते हैं और उसकी बाइक की चाभी तत्काल निकालकर साहब के पास भेज दिया जाता है और फिर पुलिसिया खेल शुरू हो जाता है। सूत्रों के अनुसार बेचारे बाइक सवार को इतना हेमलेट व कोरोना के नाम पर इतना डरा दिया जाता है कि वह बेचारा पुलिस की बातों में आकर दो सौ से लेकर पांच सौ रूपये तक पुलिस कर्मी की जेब में डालने के लिए विवश हो जाता है। यदि बाइक सवार पैसा देने से इंकार करता है तो उसका तत्काल ई-चालान कर दिया जाता है। अगर इतनी ही सतर्कता पुलिस मादक पदार्थों की बिक्री, सट्टा कारोबार, बाइक चोर गिरोह, घर व दुकानों में चोरी की घटना को अंजाम देने वालों के पीछे दिखाये तो शायद कुछ हद तक शहर क्षेत्र अपराधियों से मुक्त हो जायेगा। पुलिस की इस सख्ती का खामियाजा दुकानदारों को भुगतना पड़ता है। कोई भी बाइक सवार चेकिंग प्वाइंटों के आस-पास बाइक खड़ी कर सामान खरीदने तक की हिम्मत नहीं करता। जिससे इन दुकानदारों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। व्यापारियों में भी इस बात को लेकर नाराजगी व्याप्त है। 


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