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Wednesday, September 16, 2020

किसानों के लिए लाभदायक है हल्दी की खेती

फतेहपुर, शमशाद खान । हल्दी की खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों से बाग में खेती करने की सलाह दी है। हल्दी औषधीय गुणों से परिपूर्ण होने के साथ ही कोरोना जैसी घातक बीमारी से लड़ने में सहायक साबित हो सकती है। हल्दी की खेती के संबंध में कृषि विज्ञान केन्द्र थरियांव के उद्यान वैज्ञानिक डाॅ. देवेन्द्र स्वरूप ने बताया कि हर प्रकार की भूमि पर हल्दी की खेती की जा सकती है लेकिन उचित जल निकास वाली बलुई, दोमट व चिकनी मिट्टी जिसमें जीवांश की अच्छी मात्रा हो हल्दी की खेती के लिए उपयुक्त है। किसान इसकी खेती करके अपनी आय बढ़ा सकते हैं। उन्होने बताया कि किसान जिस खेत या बाग में हल्दी की खेती करना चाहते हैं उसकी एक-दो बार जुताई करके मिट्टी पलटने के बाद दो-तीन बार जुताई देशी हल से करनी चाहिए। जिससे खेत की मिट्टी अच्छी तरह से समतल व भुरभुरी हो जाये। उन्होने बताया कि हल्दी की विभिन्न प्रजातियों में नरेन्द्र हल्दी- 1, 3 व 5 पीतांबरी, मेडुकर व मेघा 1 राजेन्द्र, सोनिया खेती के लिए अधिक उपयोगी हैं। 



हल्दी के रोपण का समय

फतेहपुर। सदर तहसील के बिलंदा गांव निवासी सत्य प्रकाश तिवारी हल्दी की खेती करने वाले किसान हैं। इनके पास कई प्रजातियों के हल्दी के पौध हैं। उधर खागा तहसील के दयालपुर गांव के रहने वाले किसान चन्द्र किशोर मौर्य भी हल्दी की खेती कई वर्षों से कर रहे हैं। इन किसानों का कहना है कि कम समय में तैयार होने वाली हल्दी अप्रैल के मध्य तक तथा लम्बी अवधि में तैयार होने वाली हल्दी की जून माह में बुआई करें। रोपण पूर्व डाईथेन एम 45 का 0.30 प्रतिशत घोल इसके कंदो को अच्छी तरह से उपचारित कर छाया में सुखा लें, जिससे हर तरह की समस्या से बचा जा सके।

बीज की मात्रा एवं पैदावार

फतेहपुर। हल्दी की खेती की बुआई करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि पंक्तियों से पंक्ति की दूरी 45 से 50 सेंटीमीटर तथा बीज से बीज की दूरी 20 से 25 सेंटीमीटर पर ही बुआई करके मिट्टी लगाना चाहिए। अच्छी तरह सिंचाई, निराई एवं समय-समय पर पौध का देखभाल की जाए तो प्रति हेक्टेयर 250 से 300 क्विंटल पैदावार मिल सकती है। इसके लिए विज्ञान केन्द्र थरियांव के उद्यान वैज्ञानिक डाॅ. देवेन्द्र स्वरूप ने बताया कि ये औषधीय खेती है। परंपरागत खेती के साथ-साथ किसानों को हल्दी की भी खेती करनी चाहिए, जिससे उनको अतिरिक्त लाभ हो सके।


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