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Tuesday, September 29, 2020

सुशांत सिंह हत्या या आत्महत्या पर शीघ्र पर्दा हटने वाला..........

देवेश प्रताप सिंह राठौर ,

स्वाबलंबी (वरिष्ठ पत्रकार)

......आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पैनल ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत पर अपने निष्कर्ष प्रस्तुत सौंप दिए हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो के अनुरोध पर डॉक्टर सुधीर गुप्ता की अध्यक्षता में एक पैनल का गठन किया गया था, जिसने सुशांत  का विसरा रिपोर्ट की जांच की।

सूत्रों के अनुसार, 'एक विस्तृत बैठक हुई, इस दौरान एम्स के डॉक्टरों के पैनल ने अपने निर्णायक निष्कर्ष सीबीआई को सौंपे।सूत्रों का कहना है कि पिछले 40 दिनों में सीबीआई के निष्कर्षों के साथ एम्स पैनल के निष्कर्षों की पुष्टि की जा रही है। एम्स पैनल के निष्कर्षों को इस मामले में विशेषज्ञ की राय के रूप में लिया जाएगा और डॉक्टर अभियोजन पक्ष के गवाह होंगे।बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत 14 जून को अपने मुंबई स्थित फ्लैट में मृत पाए गए थे। पुलिस का कहना था कि यह आत्महत्या है लेकिन इस तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं कि ये हत्या हो सकती है। सीबीआई जो सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी बाद मामले की जांच कर रही है,। उसका कहना है कि वह सभी एंगल को देख रही है। सुशांत सिंह मौत का जल्द से जल्द पर्दा हटने की स्थिति में  धीरे धीरे बढ़ता जा रहा है, सुशांत


सिंह केस में  हॉलीवुड की अभिनेत्रियां दीपिका पादुकोण यह दीपिका पादुकोण वही एक्टर हैं दिल्ली के जेएनयू यूनिवर्सिटी में आजादी मांगने वाले गैंग की मांग करने वाले छात्रों की हमदर्द बनकर गई थी। जो देश मैं रहते हुए हमें चाहिए आजादी हम लेके रहेंगे आजादी आजादी की मांग कर रहे थे ,उस गिरोह का सपोर्ट करने के लिए उनके दुख दर्द को सुनने के लिए दीपिका पादुकोण के पास समय था ।और दिल्ली जेएनयू पहुंची उन्हें मुंबई के पालघाट में साधुओं की हत्याओं पर पालघाट जाने की जरूरत नहीं समझी जो मुंबई में ही है। और दिल्ली में जेएनयू जाने के लिए इनके पास समय था जिस देश ने  नाम सम्मान पैसा शोहरत सब दिया उस देश में कितने अन्याय होते हैं महाराष्ट्र में होते हैं जहां पर वह माया नगरी मुंबई में हो रही अत्याचारी उन्हें नहीं दिखाई दे रही है। बहुत से लोगों के नाम आएंगे एनसीपी की जांच प्रक्रिया अभी चल रही है अभी बहुत बड़े-बड़े फिल्मी स्टार आएंगे हो सकता है थाली में छेद करने वाले का भी कोई परिवार का सदस्य आ सकता है। कोई भरोसा नहीं है कौन क्या है जांच प्रक्रिया जो एनसीपी कर रही है उसमें सब धीरे-धीरे छोटी मछली बड़ी मछली और बड़े-बड़े मगरमच्छ सब सामने आएंगे, गुलशन कुमार की जब मौत हुई थी उस समय गुलशन कुमार के लिए बहुत सी फिल्मी हस्तियां उस समय थी करीब दो दशक पीछे की बात है जब गुलशन कुमार को गोली मारकर हत्या की गई दाऊद इब्राहिम गैंग द्वारा यह जो हत्या की गई गुलशन कुमार जैसे भक्ति गायक देश की आन बान शान उसके गुनहगारों को आज तक नहीं पकड़ा गया किसने मारा कहां मारा क्यों मारा यह सब ठंडे बस्ते में जमा पड़ा है। आज बहुत सी घटनाएं दुर्घटनाएं होती हैं देश में हमारे वीर सैनिक आतंकवादियों को मौत के घाट उतार रही है और धोखे से हमारे वीर सैनिक भी शहीद हो जाते हैं, कभी दीपिका पादुकोण उनकी टीम और इनके धूम्रपान गिरोह ने  कभी वीर सैनिकों के लिए आज तक( दो )2 शब्द नहीं बोले ,वहीं पर आमिर खान फिल्मी अभिनेता भारत ने उन्हें नाम पैसा सब कुछ दिया उन्हें भारत में रहने से डर लगता है अरे भाई आपको कौन रोके हैं भारत से डर लगता है तो पाकिस्तान या सीरिया या इराक चले जाओ वहां बहुत शांति है। वहां डर नहीं लगेगा हिंदुस्तान में डर लग रहा है इसका मुख्य कारण आपको यहां पर पूरी आजादी है आप की मजबूती आपको एहसास नहीं करा पाती अच्छे और खराब का सही निर्णय जातिगत के आधार पर लेते हैं । जाओ पाकिस्तान और सीरिया नेपाल में रहकर आओ तब पता चले गए हिंदुस्तान क्या है कौन अच्छा है कौन खराब है सब आपको समझ में आ जाएगा।वहां चले जाओ वहां तो सब आप ही की बिरादरी के हैं वहां तो डर नहीं लगेगा। इस देश में जाति धर्म के आधार पर बहुत से गद्दार हैं, उन गद्दारों को आतंकवाद को बढ़ावा और संरक्षण प्राप्त होता है। जिस कारण आतंकवाद समाप्त नहीं हो पा रहा और लोग किसी गरीब बेटी की हत्या या बलात्कार होता रहता है उस पर यह कभी बॉलीवुड कि कोई भी हस्ती उनके घर पर जाकर उन्हें सांत्वना नहीं प्रदान करती है। और ना ही आज तक कोई आर्थिक मदद की है। सुशांत सिंह राजपूत की मौत का पर्दा जब उठेगा अभी तो महिलाओं का गैंग फिल्म अभिनेत्रियों का पता चल रहा है नशेड़ी गैंग अभी धीरे-धीरे फिल्मीस्तान के बॉलीवुड के हीरो जिन्हें हम कहते हैं वह पर्दे पर हीरो हैं लेकिन वास्तविक जीवन के देश के बहुत बड़े खलनायक हैं। जावेद अख्तर फिल्म निर्माता निर्देशक और संगीतकार गीतकार की भाषा शैली आप सुनिए हमेशा उन्होंने हिंदुस्तान की सरकार का मुख्य रूप से भारतीय जनता पार्टी का विरोधी किया है। जव हिंदुस्तान में जावेद अख्तर को नाम शोहरत पैसा सब दिया और जात धर्म के आधार पर बहुत ही कड़वा बोलते हैं  इससे उनकी मानसिकता को स्पष्ट तौर पर समझा जा सकता है। सुशांत सिंह केस में बहुत बड़े-बड़े लोगों का हाथ है सीबीआई सब पता लगा लेगी, फिल्म अभिनेत्री फिल्म हीरो और राजनेता तक इसमें सीबीआई जांच में स्पष्ट तौर पर बहुत से लोगों के आने का संदेश व्यक्त किया जा सकता है। बॉलीवुड में किसको हीरो बनाना है किसको नही बनाना है यह दुबई से तय होता है यह दाऊद इब्राहिम तय करते हैं किस हीरो को लेना है इस पर कभी भी सरकार ने गौर क्यों नहीं किया डी कंपनी आज भी मुंबई में फल फूल रहा है, क्यों सरकारें इतनी कमजोर हो गई हैं कानून का हाथ इतना कमजोर हो गया है । दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में रहता है उसका गिरोह यहां चल रहा है हिंदुस्तान में वो तय करता है कि किसे फिल्मों में रखा जाएगा, इसीलिए नशेड़ी बनाए जाते हैं दाऊद इब्राहिम का डर या संरक्षण या दबाव में ए नशेड़ी गैंग फल फूल रहा है। अभी बहुत से लोग मिलेंगे सुशांत सिंह दिशा सांडयाल की मौत का रहस्य खुलना चाहिए। क्योंकि यह मौत पूरे देश को महाराष्ट्र सरकार की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगने के बाद में वह आज देश की जनता जानना चाहती है सुशांत सिंह मौत का सही पता चले इसलिए न्याय हेतु सीबीआई एनसीपी जांच कर रही है। मुंबई की माया नगरी में क्या-क्या होता है किसी को पता नहीं वस्त्रों को किस तरह पहना जाता है परिवार के साथ बैठकर आप कोई कार्यक्रम नहीं देख सकते बहुत ही कम फिल्में ऐसी हैं जो परिवार के साथ देखी जा सकती हैं। सीरियल 2013 बन रहे हैं जो अधिकतर वन मैन एवम् औरत के अन्य आ मैन के औरतों से औरतों को अन्य मैन से जिस तरह नाटक को मोड़ कर दिखाया जाता है वह भी एक नाटक औरत मर्द एक दूसरे अन्य लोगों से टच होने की कहानी के सारांश निकलते हैं जब इस तरह के वोडाफोन के नाटक चल रहे हैं फ़ूहड़ पन के आजकल नाटक चल रहे हैं। इंसान और जानवर के बीच जो दूरियां थी वह जानवरों वाली इंसानों में आ गई है। कोई शर्म लिहाज नाम की चीज नहीं है। हर कोई बॉलीवुड की चमक दमक को देखकर और वहां के कलाकार कलाकारों को देखकर चाहता है कि हम भी उस फिल्मी नगरिया में जाएं परंतु नहीं नहीं मालूम वहां पर जाने के बाद अगर शोहरत आपने पाई तो आपका हाल सुशांत सिंह की तरह ही होगा बहुत से टैलेंट है आज लेकिन किसी का माई बाप नहीं है किसी का संरक्षण प्राप्त नहीं है इसलिए सारी योग्यता टैलेंट है सब खेत खलियानों एवं दो वक्त की रोटी जुटाने में मजदूरी छोटी सी नौकरी में अनुभव होते हुए भी अनुभवहीन व्यक्ति के साथ कार्य करना पड़ता है। यह है अपना भारतवर्ष यहां पर बड़े-बड़े सेलिब्रिटी के बड़े-बड़े लोगों के लिए हाई कोर्ट सुप्रीम कोर्ट लोअर कोर्ट संडे हो या अन्य दिन स्पेशल तौर पर बुला ली जाती है ,और जजमेंट या जमानत हो जाती है। आज देश का गरीब आदमी कमजोर आदमी किस तरह से एक-एक पैसा जोड़कर मुकदमा लड़ता है तथा सामान्य आदमी कैसे लड़ता रहता है ,तथा तारीख पे तारीख पे तारीख पे तारीख पे तारीख चलती रहती है और एक दिन वह तारीख आती है जब वह मृत्यु शैया पर लेट कर जीवन लीला समाप्त हो जाती है, परंतु तारीख का दौर खत्म नहीं होता यह हिंदुस्तान की न्यायपालिका है।

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