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Friday, September 11, 2020

एम्बुलेंस कर्मियों की सूझबूझ एवं सतर्कता से बची युवती की जान

आने वाले समय में डिजिटल एम्बुलेंस सेवा दिखेगी: सत्यभान  

फतेहपुर, शमशाद खान । गाजीपुर थाना क्षेत्र के भौली गांव में एक युवती ने घरेलू कलह के चलते फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। जिसे उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। जहां डाक्टर ने हालत नाजुक देखते हुए कानपुर के लिए रिफर कर दिया। परिजनों ने इसकी जानकारी एम्बुलेन्स को दी। एम्बुलेन्स तत्काल मौके पर पहुंची और इतनी लम्बी दूरी तय करते हुए कर्मचारियों की सूझबूझ से महिला की हालत में सुधार आया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। 

युवती को एम्बुलेन्स से कानपुर ले जाते परिवारीजन।

बताते चलें कि भौली गांव निवासी छेदी प्रसाद की 18 वर्षीय पुत्री शिवानी ने घरेलू कलह के चलते फांसी लगाकर जान देने का प्रयास किया। जब परिजनों को इसकी जानकारी हुयी तो वह तत्काल उसे उपचार के लिए जिला चिकित्सालय लाये। जहां डाक्टरों ने हालत नाजुक देखते हुए कानपुर के लिए रिफर कर दिया। परिजनों ने रिफर होने की जानकारी एम्बुलेन्स कर्मियों को दी। जिस पर तत्काल एम्बुलेन्स कर्मी वाहन लेकर दो मिनट में ही अस्पताल पहुंचे और रिफर युवती को लेकर 80 किलोमीटर दूर कानपुर हैलट के लिए रवाना हुये। रास्ते में एम्बुलेन्स कर्मियों की सूझबूझ एवं सतर्कता के चलते धीरे-धीरे युवती की हालत में सुधार होने लगा और उसे उपचार के लिए हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसकी हालत में सुधार है। युवती के सकुशल होने पर उसे परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। पिता छेदी प्रसाद ने एम्बुलेन्स कर्मचारियों का शुक्रिया अदा करते हुए जीवीके 108 की सेवा की प्रशंसा की। जिसकी वजह से उनकी बेटी की जान बच सकी। प्रोग्राम मैनेजर सत्यभान त्रिवेदी व अंकित दुबे का कहना है कि जिले में एम्बुलेंस व्यवस्था को और बेहतर बनाए जाने के लिए कई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है। आने वाले समय में एम्बुलेंस सेवा डिजिटल एम्बुलेंस सेवा दिखेगी। जिसे मरीजों की काल के 15 मिनट के अंदर ही सेवा का लाभ मिलेगा।


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