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Thursday, September 17, 2020

विश्वकर्मा समाज ने धूमधाम से मनाई भगवान विश्वकर्मा की जयंती

प्रसपा व श्रीकृष्णा आइडियल स्कूल में भी मनाई गई जयंती

बांदा, के एस दुबे । गत वर्षो की भांति इस बार भी भगवान विश्वकर्मा की पूजा अर्चना मण्डी समिति मंदिर तिन्दवारी रोड में भगवान विश्वकर्मा का पूजन अर्चन तथा हवन पूजन किया गया। जिसमें समाज के लोगों ने पूजा व आरती में बढ़ चढ़कर भाग लिया तथा विधिवत पूजा अर्चना किया गया। इस कोरोना काल में सोशल डिस्टेसिंग का ध्यान रखते हुये फेस मास्क व सेनेटाइजर का सावधानी का ध्यान दिया गया।

कृष्णा आईडियल स्कूल में शाल ओढ़ाकर अतिथि को सम्मानित करते हुए

अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकारमहासभा जिलाध्यक्ष रामबाबू विश्वकर्मा की अध्यक्षता में किया गयां समाज के समस्त लोगों का स्वागत किया गया। इस पूजन कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष के पी विश्वकर्मा ने समाज को एकजुट होने का आहवान किया। जयप्रकाश विश्वकर्मा एडवोकेट लीगल सहायक, युवा अध्यक्ष शशांक विश्वकर्मा, ललित विश्वकर्मा आदि विश्वकर्मा समाज के लोगों ने बडी उत्सुकता से भाग लिया और कार्यक्रम को सम्पन्न कराया। अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा ने भगवान विश्वकर्मा के 17 सितम्बर का सार्वजनिक अवकाश न होने पर रोष व्यक्त किया। जिनमें मनबोधन विश्वकर्मा कोषाध्यक्ष ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा पूरे मनुष्य जाति के आराध्य शिल्पी देव है, जो आज हमारे देश में सुई से लेकर जहाज तक बनाये जाते है। इसके अलावा प्रसपा के कैम्प कार्यालय में विश्वकर्मा जयंती समारोह बडी धूमधाम के साथ पार्टी जिलाध्यक्ष इमत्याज खान की अध्यक्षता मतें आयोजित किया गया। कार्यक्रम के संयोजक जिला महासचिव जोगेन्द्र प्रसाद विश्वकर्मा ने किया। इसके श्री कृष्णा आईडियल स्कूल पल्हरी में पार्टी के युवा जिला संयोजक एजाज खान द्वारा हिन्दी के महान विद्वान पूर्व प्रवक्ता सी पी दीक्ष्ज्ञित ललित व जे पी यादव को अंग वस्त्र भेंटकर उन्हे सम्मानित किया। श्री कृष्णा आईडियल स्कूल में भी विश्वकर्मा जयंती धूमधाम से आयोजित की गई। हिन्दी पर चर्चा करते हुये डा. सी पी दीक्षित ललित ने कहा कि कोई ऐसा राष्ट्र नही होता, जिसकी अपनी राष्ट्रभाषा न हो, दुर्भाग्य है जिस हिन्दी का माध्यम बनाकर आजादी की लड़ाई लड़ी गई और स्वतंत्रता प्राप्त हुई, उसी स्वतंत्र भारत में अब तक हिन्दी को राष्ट्रभाष का दर्जा नही मिला है। उन्होने कहा कि विश्वकर्मा भगवान शिल्पकला एवं निर्माण शास्त्र के देवता थे। जिन्होने अपनी शिल्पकला के द्वारा अनूठी रचनायें की तथा कर्म की प्रेरणा प्रदान की। इस दौरान अनुज सोनी, अंकित अम्बेडकर, आशीष सोनकर, साजिद सौदागर, मान सिंह, नीरज निषाद आदि लोग उपस्थित रहे।

कारखानों और प्रशिक्षण संस्थानों में पूजे गए भगवान विश्वकर्मा 

विश्वकर्मा भगवान की पूजा करते समाज के लोग

बांदा। पीली कोठी सब स्टेशन पर देवशल्पी विश्वकर्मा जयंती पर आयोजित कार्यक्रम बिजली विभाग के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। इस मौके पर मशीनों और उपकरणों की पूजा की गई। इस दौरान मुख्य अभियंता वितरण केशव कुमार भरद्वाज, अधीक्षण अभियंता एसके मिश्रा, अधिशासी अभियंता नगरी वीके मिश्रा, उपखण्ड अधिकारी शत्रुघन सिंह, अवर अभियंता कांता प्रसाद, अनिल यादव, सुरेश सिंह, मुन्ना रामेश्वर, प्रसाद आलोक, शर्मा कमाल, अहमद एहसास, आशुतोष दीक्षित, ठेकेदार सचिन मिश्रा आदि सभी कर्मचारी मौजूद रहे। 


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