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Sunday, September 27, 2020

दो बच्चों के जन्म में तीन साल का फासला जरूरी

जिला महिला अस्पताल में मनाया गया विश्व गर्भनिरोधक दिवस

हमीरपुर, महेश अवस्थी । जिला महिला अस्पताल में  विश्व गर्भनिरोधक दिवस पर परिवार की खुशहाली के लिए महिलाओं को गर्भनिरोधक के अस्थाई साधनों के विषय में विस्तार से जानकारी दी गई। इसके साथ ही गर्भावस्था के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों से भी रूबरू कराया गया। कार्यक्रम में जिला महिला अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ.फौजिया अंजुम ने कहा कि एक बच्चे के बाद दूसरे बच्चे के जन्म के बीच में कम से कम तीन साल का फासला होना चाहिए। यह जच्चा-बच्चा दोनों के लिए फायदेमंद होता है। जल्दी-जल्दी मां बनने से कई तरह की दिक्कतें खड़ी हो जाती हैं और परिवार के आकार बड़े होने से भविष्य में भी कठिनाइयों का सामना करना होता है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.आरके सचान ने कहा कि जिले की सभी प्रसव इकाइयों में गर्भनिरोधक की


सभी अस्थाई विधियां उपलब्ध हैं। इनका लाभ लें। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.एमके बल्लभ ने भी छोटे परिवारों को आज की जरूरत बताया। उन्होंने कहा कि अब वह समय नहीं रहा है, जब बड़े परिवार हुआ करते थे। मेडिकल साइंस बहुत आगे निकल चुका है। परिवार को सीमित रखने के समस्त साधन उपलब्ध हैं।परिवार नियोजन की काउंसलर निकिता ने महिलाओं को अस्थाई साधनों अंतरा इंजेक्शन, छाया टेबलेट, आईयूसीडी, माला एन गोली के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अंतरा इंजेक्शन महिलाओं में काफी लोकप्रिय है। इससे भी अनचाहे गर्भ से बचा जा सकता है। साथ ही उन्होंने गर्भावस्था के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी जानकारी दी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुरेंद्र साहू ने गर्भनिरोधक साधनों को अपनाने वालों को शासन द्वारा मिलने वाले लाभों के बारे में जानकारी दी।लॉजिस्टिक मैनेजर अजय कुमार, डी सी पी एम मंजरी गुप्ता भी मौजूद रही।



फोटो- विश्व गर्भनिरोधक  दिवस के अवसर पर महिला कॉलेज में आयोजित हुआ कार्यक्रम।

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