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Thursday, September 10, 2020

कंगना रनौत का ऑफिस गिराया जाना गैर कानूनी .............

देवेश प्रताप सिंह राठौर 

(वरिष्ठ पत्रकार)

........................ कंगना रनौत के साथ जो हुआ इससे स्पष्ट हो गया है कि कोई भी वर्चस्व रखने वाला सरकार राज्य सरकार चर्चाएं अपने कानून के तहत किसी का भी नुकसान करने में कानून की तरफ देखना पसंद नहीं करते हैं। कंगना रनौत ने सुशांत सिंह राजपूत एक्टर की संदिग्ध रूप के हत्या में इंसाफ की मांग की जिसका महाराष्ट्र सरकार ने जबरदस्त विरोध कर कंगना रनौत का ऑफिस को गिरा दिया और उनके मकान को फ्लैट को भी गिराने की सोचा जा रहा है यह लोकतंत्र की हत्या की है उद्धव ठाकरे के द्वारा, जबकि उद्धव ठाकरे के एक घटक दल शरद पवार ने जिस तरह कंगना रनौत का ऑफिस गीराया जाना उचित नहीं ठहराया इतनी जल्दी एक्शन लेने की जरूरत नहीं थी। यह शरद पवार का वक्तव्य देश के सामने आया परंतु संजय राऊत जैसे झोलाछाप नेताओं के कारण आज देश गर्त में जा रहा है जो कानून से बड़े अपने को मानते हैं। देश में कोई भी व्यक्ति इंसाफ की मांग करेगा क्या उसका इस तरह से हनन होगा , इंसाफ की मांग करने वाले को इस तरह सरकार ने कंगना रनौत के साथ जो बीएमसी ने कंगना का ऑफिस गिरा कर जो उधव ठाकरे की त्रिशंकु सरकार ने जिस तरह कंगना रनौत काऑफिस गिरा कर बहुत बहादुरी का कार्य किया है ,यह उद्धव ठाकरे सोच रहे होंगे तो यह उनकी भूल है उन्हें शर्म आनी चाहिए एक सूबे के मुख्यमंत्री होने के नाते उन्हें धैर्य से और संतोष पूर्वक सबको साथ लेकर कार्य करने की जरूरत थी। यह बिल्कुल ही पूर्ण रूप से बदले की भावना से किया गया कार्य स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। कंगना रनौत जिस तरह सुशांत सिंह राजपूत हत्याकांड में जिसे महाराष्ट्र पुलिस ने उधव सरकार के निर्देशों  के अनुसार जो लापरवाही सुशांत सिंह केस में दिखाई दी महाराष्ट्र पुलिस की इससे स्पष्ट हो गया महाराष्ट्र पुलिस ने कोई उचित कार्रवाई सरकार के दबाव में नहीं की ,उस के संदर्भ में जो कंगना रनौत ने जो बात बोली उससे महाराष्ट्र सरकार ने अपनी मुंबई में गुंडागर्दी कर स्पष्ट तौर पर यह दिखा दिया, संजय रावत को जेएनयू दिल्ली के यूनिवर्सिटी में जब कन्हैया कुमार , उमर खालिद आजादी की बात कर रहे थे हम लेके रहेंगे आजादी उसमें उधव ठाकरे शीशे नाम का घर तोड़ कर उनका मुंह तोड़ कर जवाब देती कि तुम्हें कौन सी आजादी चाहिए आजादी को भारत में वर्ष 1947 को मिल चुकी थी उसे  संजय राऊत का मुंह बंद रहा क्यों शिवसेना बदल गई है वह शिवसेना नहीं बची जो बालासाहेब ठाकरे ने शिवसेना का गठन किया था वह उनके पुत्र उद्धव ठाकरे इस समय रावण, महाभारत के धृतराष्ट्र के रूप में पुत्र मोह में फंसे हैं । अच्छे बुरे का ज्ञान कानून सब भूल गए हैं ।जिस देश के रहेनें  वाले है उसी देश का एक राज्य है महाराष्ट्र के उधव ठाकरे मुख्यमंत्री दया  के सहारे कांग्रेसो एनसीपी के सहारे चल रही है। और जहां उस सुवे के मुख्यमंत्री हैं ।क्या महाराष्ट्र कि त्रिशंकु  सरकार 5 साल चलेगी मैं दावे के साथ कह सकता हूं यह त्रिशंकु सरकार खुद अपने कर्मों से नीचे गिर जाएगी  कानून का राज्य महाराष्ट्र में नहीं चलता है ,सिर्फ


गुंडाराज शिवसेना के लोग खुद कानून बनाते हैं वह किसी कानून को नहीं मानते हैं। यह कंगना रनौत के मकान को मुंबई में गिरा कर स्पष्ट तौर पर प्रदर्शित कर दिया है कंगना के पड़ोस में ही एक मकानजिस तरह कंगना रनौत का बना था उसी तरह उनके पड़ोस में भी उसी तरह मकान बना था बीएमसी ने उन्हें 1 हफ्ते का समय दीया वही बीएमसी ने कंगना रोनोत को 24 घंटे का भी समय नहीं दिया कंगना रनोत उस समय आउट आफ स्टेशन थी मुंबई में नहीं थी जिस तरह मकान को गिराया गया, यह पूर्ण रूप से विरोधाभास की गुंडागर्दी का सरकार का संजय राउत का कार्य है। यह इस देश के कानून के लिए वास्तव में देश के कानून के लिए बहुत बड़ा धब्बा है कानून की कोई मर्यादा नहीं रखी महाराष्ट्र सरकार ने मेरी सर्वोच्च न्यायालय से ने अपील है कि कंगना रनौत का जो मकान भवन ऑफिस किराया गया है बीएमसी द्वारा गिराया गया उसका हर्जाना आकलन कर बीएमसी या महाराष्ट्र सरकार को देने के लिए आदेश करें , उन्हें पता चले की देश में कानून भी है देश की कानून की मर्यादा तोड़ने वाली पार्टी, व्यक्ति या सरकार ,कानून की मर्यादा को भूल जाए , उसे कठिन सबक देने की न्यायपालिका को जरूरत है। कानून क्या है कानून की हैसियत क्या हैउसको कानून की हैसियत वताने का अधिकार कानून को है। महाराष्ट्र सरकार ने कानून के नियम को नहीं माना आज पूरा देश कंगना रनौत के साथ खड़ा हुआ है। कितना कंगना रनौत भवन ऑफिस किराने का जितना भी नुकसान हुआ है उस नुकसान बीएमसी द्वारा या महाराष्ट्र सरकार द्वारा मुआवजा दिया जाना चाहिए ।वह महाराष्ट्र की सरकार बीएमसी को कानून द्वारा दिलवाने का कार्य करे  ,बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत मुंबई पहुंच चुकी हैं। उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच मुंबई एयरपोर्ट से बाहर निकाला गया और खार स्थित उनके घर पहुंचाया गया है। घर पहुंचते ही कंगना ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा। कंगना ने कहा कि, आज मेरा घर टूटा है, कल तेरा घमंड टूटेगा। दूसरी तरफ, शिवसेना कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। वहीं अभिनेत्री के मुंबई पहुंचने से पहले ही बीएसमी ने उनके बांद्रा स्थित बंगले में अवैध निर्माण को गिरा दिया। इस कार्रवाई के खिलाफ कंगना ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जिस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने बीएमसी की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। बीएमसी की टीम बुलडोजर और उत्खनन वाली मशीनें लेकर बांद्रा के पाली हिल बंगले पर पहुंची और महानगरपालिका की बिना मंजूरी के इमारत में की गई फेरबदल वाले ढांचे को गिरा दिया। इस पर कंगना ने कहा था कि मैंने कभी गलत नहीं किया और मेरे दुश्मन बार-बार यह साबित, नहीं कर पाए है। जिस तरह कंगना रनौत के साथ महाराष्ट्र सरकार ने जो कार्य किया है उससे स्पष्ट हो गया बाला साहब ठाकरे ने उद्धव ठाकरे जैसे तैमूर को जन्म दिया है। बाला साहाब ठाकरे मैं अपने सिद्धांतों पर चलकर जिस तरह शिवसेना का निर्माण किया उसे सेना को बर्बाद करने के लिए उद्धव ठाकरे जिस तरह से त्रिशंकु सरकार के रूप में मुख्यमंत्री बने बैठे हैं, उससे स्पष्ट हो गया है शिवसेना जिस तरह बाला साहब ठाकरे ने बढ़ाया था जो एक हिंदुत्व के नाम से शिवसेना का एक टाइटल प्राप्त था वह धीरे धीरे अब संजय राउत जैसे रावण ने शिवसेना को अपने कब्जे में कर रखा है, जिस तरह रावण का नाम देने वाला कोई नहीं है उसी तरह 1 दिन में आएगा शिवसेना का अस्तित्व महाराष्ट्र समाप्त होने की स्थिति में संजय राऊत का बहुत बड़ा योगदान रहेगा , उद्धव ठाकरे धृतराष्ट्र बन चुके हैं वह पुत्र मोह मैं पूरी पार्टी को विनाश की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है। जो देश के गद्दार हैं आजादी की बात कर रहे हैं उनको इस देश की पार्टियां समर्थन करती हैं जो इस देश की बेटी देश के लिए और सत्य की आवाज उठाती है ।उसका मकान उसका ऑफिस तोड़ दिया जाता है यह भारत के अंदर रहने वाले लोग जो किसी सूबे के मुख्यमंत्री हैं वह सब मर्यादा भूल गए हैं। न्याय की बात करने वाले व्यक्ति को दंड दिया जाएगा वाह रे देश की गंदी सोच रखने वाले सरकार चलाने वाले जिनके लिए हर व्यक्ति का सम्मान करना चाहिए ,वह सिर्फ जिस ताना साहा से सरकार चला रहे हैं। इस तरह की सरकार का पतन अवश्य होता है, क्योंकि सरकार के लिए जिसने वोट दिया और जिसने वोट नहीं दिया सबके लिए एक समान होती है जब वह उस पद पर बैठ जाता है। कहां पर न्याय एवं उस पद की गरिमा को बनाए रखने के लिए बहुत ही जरूरी होता है। कंगना रनौत के साथ आज पूरा देश उनके साथ अन्याय के प्रति जो कि महाराष्ट्र सरकार ने कार्य किया है कंगना रनौत के साथ पूरा भारत वर्ष आज उनके समर्थन में है।

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