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Monday, September 28, 2020

शासनादेश के अनुरूप कराया जाए यूनीफार्म वितरण

अन्यथा की स्थिति में शिक्षक संघ ने दी बड़े आंदोलन की धमकी 

कमासिन, के एस दुबे । प्राथमिक शिक्षक संघ ब्लाक इकाई तथा ब्लाक कर्मचारियों द्वारा गठित एनआरएलएम के मध्य चल रहे विवाद के कारण विद्यालयों के छात्रों को यूनिफार्म वितरण नहीं हुआ है। शिक्षक संघ का आरोप है कि एनआरएलएम अपने चहेतों से छात्रों को यूनीफार्म सिलाने से लेकर वितरण तक के काम में अध्यापकों पर जबरन दबाव डाल रहे हैं। नाराज शिक्षक संघ के सैकड़ों अध्यापकों ने खंड शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि शासनादेशों के निर्देशन में यूनिफार्म वितरण का कार्य करवाया जाए। अन्यथा में शिक्षक संघ ने बड़े आंदोलन की धमकी दी है।

खंड शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपते शिक्षक

ब्लाक संसाधन केंद्र स्थित कार्यालय में खंड शिक्षा अधिकारी राजीव प्रताप सिंह को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ क्षेत्र इकाई कमासिन पदाधिकारियों ने एक सैकड़ा से अधिक अध्यापकों की उपस्थिति में एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में शिक्षक संघ इकाई द्वारा आरोप लगाया गया है कि शासन के आदेशों के अनुपालन में यूनिफार्म वितरण हेतु दिए गए दिशा निर्देशों के क्रम में अधिकांश विद्यालयों में यूनिफार्म वितरण की प्रक्रिया गतिमान है। जिसमें अधिकांश विद्यालयों में शासनादेश के अनुसार सिलाई का कार्य महिला स्वयं सहायता समूहों से कराया जा रहा है। लेकिन खंड विकास अधिकारी कमासिन ब्लाक कर्मचारियों द्वारा शासनादेश को दरकिनार करते हुए जबरदस्ती दबाव डालकर कुछ अपने चहेते महिला समूहों से ही यूनिफार्म की सिलाई करवाने हेतु विद्यालयों को मजबूर किया जा रहा है। खंड विकास अधिकारी अमरनाथ पांडे द्वारा जारी आदेश पर आक्रोश व्यक्त करते हुए शिक्षक संघ के ब्लाक इकाई अध्यक्ष आशुतोष गौतम ने बताया कि  बीडीओ द्वारा कुछ विशेष समूहों को चिन्हित कर रखा गया है। इन्हीं समूह के लोगों से विद्यालयों में यूनिफार्म वितरण कराने का दबाव डाला जा रहा है। जबकि यूनिफार्म के कपड़ा क्रय करने से लेकर सिलाई करवाने का समस्त निर्णय विद्यालय के क्रय समिति के पास सुरक्षित है। यही समिति यूनिफार्म सिलाई का कार्य क्षेत्र में मौजूद स्वयं सहायता समूहों के जरिए या स्थानीय दर्जी की मदद से सिलाई कार्य संपन्न करवाने एवं छात्रों के वितरण तक के लिए अधिकृत है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि शासनादेश के अनुसार कोई विद्यालय क्रय समिति द्वारा चयनित किसी भी क्षेत्रीय महिला समूह से सिलाई का कार्य करवा सकता है। खंड विकास अधिकारी के आदेश से एनआरएलएम कार्यालय के कर्मचारी विद्यालय पहुंचकर अध्यापकों के साथ दुव्र्यवहार करते हैं। जबरन दबाव डालकर अपने चहेते महिला समूहों के जरिए छात्रों की यूनिफार्म सिलाई करवाने का दबाव डालते हैं। यदि एनआरएलएम के कुछ विशेष समूहों को ही चयनित कर छात्रों के यूनिफार्म सिलवाई करवाना निश्चित है तो फिर विद्यालयों में क्रय समिति बनवाने व कोटेशन आदि प्रक्रिया का नाटक क्यों किया जा रहा है। संघ अध्यक्ष का कहना है कि विद्यालय के बैंक में खुले एसएमसी खाते में प्राप्त यूनिफार्म का संपूर्ण पैसा इन्हीं एनआरएलएम को उपलब्ध करा दिया जाए। यही लोग अपने चहेते फर्मो से कपड़ा क्रय कर चहेते महिला समूहों से ही सिलाई आदि कार्य करवाकर विद्यालय में यूनिफार्म वितरण करवा दें। इस प्रकार से अध्यापकों पर हो रहे अभद्र व्यवहार एवं दबाव से मुक्ति मिलेगी। संघ अध्यक्ष आशुतोष गौतम ने कहा कि शासनादेश में कहा गया है कि निशुल्क यूनिफार्म वितरण की संपूर्ण कार्यवाही व जिम्मेदारियां पूर्णतया विद्यालय प्रबंध समिति व क्रय समित की है न कि अध्यापक की। ज्ञापन में मांग की गई है कि विद्यालय क्रय समिति को शासनादेश के अनुसार यूनिफार्म वितरण की छूट दी जाए। अगर ऐसे ही एनआरएलएम द्वारा शासन के विपरीत कार्य करवाने के लिए दबाव डालकर विद्यालय के अध्यापकों को मजबूर किया गया व अध्यापकों के साथ दुर्व्यवहार किया गया तो संगठन एक बड़े आंदोलन व प्रदर्शन के लिए बाध्य होगा।


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