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Sunday, September 6, 2020

आईजी की अनूठी पहल, विवेचना निपटाने पर मिलेगा इनाम

विवेचना में हीलाहवाली करने वालों में तेजी लाने का प्रयास 

योजना के तहत आईजी ने चार विवेचकों को पुरस्कृत किया 

बांदा, के एस दुबे । विवेचनाओं के लंबित रहने और पुलिस कर्मियों के लापरवाही करने को लेकर आईजी बहुत सख्त नजर आ रहे है। हालांकि उन्होंने सुस्त अफसरों मेें तेजी लाने के लिए अनूठी पहल शुरू की है। आईजी के. सत्यनारायण्एा ने कहा है कि विवेचना निपटाने पर संबंधित को इनाम दिया जाएगा। मण्डल के चारों जनपदों से एक-एक उन विवेचकों को पुरस्कृत किया जायेगा, जिन्होने गंभीर अपराधों में न केवल विवेचना पूरी की, बल्कि अपराधियों को सीखचों के पीछे भी भेजा है। योजना के तहत पहली बार हमीरपुर को प्रथम, बांदा को दूसरा, महोबा व चित्रकूट जनपद के विवेचक को तीसरा व चैथे पुरस्कार से नवाजा गया है। 

आईजी के. सत्यनारायण।

चित्रकूटधाम परिक्षेत्र के आईजी के. सत्यनारयण ने बताया कि अधिकतर थाना प्रभारी अभियुक्तों की गिरफ्तारी में जितनी रूचि दिखाते है, उतनी विवेचना को पूरी करने की तरफ उनका रूख नही रहता है। इसी तरह नामजद मामलों में जितनी सक्रियता दिखाई जाती है, उतनी अज्ञात लोगों के विरूद्ध दर्ज मुकदमों में नही। जिसके चलते ज्यादातर विवेचनायें लम्बित रहती है। जिसका उदाहरण बांदा कोतवाली का आर्मरी लूट काण्ड है। उन्होने बताया कि हमीरपुर जनपद के मौदहा थाना क्षेत्र में 28 जुलाई को स्कार्पियो सवार लुटेरों ने ट्रक चालक को रोंककर उनके साथ मारपीट की थी और नकदी छीन ली थी। जिसके विवेचक ब्रजेश चन्द्र यादव प्रभारी स्वाट टीम ने अपनी टीम के साथ वैज्ञानिक विधियों का सहारा लेते हुये न केवल लूट का खुलाशा किया, बल्कि साहसित मुठभेड़ करते हुये 5 अगस्त को सात आरोपियों को गिरफ्तार कर नगदी व गाड़ी बरामद करते हुये सभी को सीखचों के पीछे भेज दिया। इसी तरह फतेहगंज थाना क्षेत्र में 13 जुलाई की रात बच्चा यादव पुत्र देवीदयाल की हत्या हुई थी। थानाध्यक्ष राधेबाबू द्वारा अपनी सूझ बूझ से हत्यारें लवलेश कुमार पुत्र रामस्वरूप यादव, राजकरन कुशवाहा को गिरफ्तार कर लिया। ऐसे ही महोबा जनपद के कोतवाली नगर में 10 जनवरी 2020 को 16 वर्षीय अभिषेक पुत्र कालीचरण की गोली मारकर हत्या कर लाश को पहाडियों में फंेक दिया गया था। शिनाख्त छिपाने के लिये सिर को पत्थरों से कुचला गया था। उक्त मामले की विवेचना प्रचलित थी। जिसे प्रभारी निरीक्षक विपिन त्रिवेदी द्वारा इलेक्ट्रानिक सर्विलांस के जरिए मोहन अहिरवार नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था, जिसने हत्या का कारण बताते हुये अपना जुर्म भी कबूल किया था। ऐसे ही चित्रकूट जनपद में कर्वी कोतवाली में विनायकपुर निवासी हेमराज की हत्या कर दी गई थी। जिसका शव गांव के बाहर खेतों में मिला था। उक्त मामले की विवेचना क्राइम ब्रांच के प्रभारी विजय कुमार सिंह द्वारा की गई थी। जिसमें वैज्ञानिक विधयों के जरिये ये पुख्ता साक्ष्य मिले थे कि हेमराज की हत्या उसी के साथ बैठकर शराब पीने वाले रामचन्द्र द्वारा की गई थी। कड़ाई से पूंछतांछ करने पर रामचन्द्र ने न केवल अपना जुर्म कबूला बल्कि हत्या में प्रयुक्त आलाकत्ल भी बरामद करवाया। आईजी के. सत्यनारायण ने कहा कि पुरस्कार योजना से न केवल विवेचनाओं की गुणवत्ता बढ़ेगी, बल्कि विवेचकों को अच्छा कार्य करने की भी प्रेरणा मिलेगी। 


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