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Thursday, September 10, 2020

पूर्व की भांति अमावस्या मेला रहेगा प्रतिबंधित: डीएम

घरो में ही पूजा-पितृ विसर्जन करने की अपील

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरी । जिलाधिकारी शेषमणि पाण्डेय व पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल की उपस्थिति में पितृ मोक्ष अमावस्या एवं मलमास माह के संबंध में हिंदू धर्म गुरुओं, संत, महात्माओं एवं जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई।

जिलाधिकारी ने कहा कि कोरोना कॉल के समय से अमावस्या मेला के संबंध में बैठकें करते आए हैं। अभी शासन ने 21 सितंबर तक भीड़ होने की अनुमति नहीं दी है। इसको देखते हुए पूर्वत अमावस्या में व्यवस्था रहती थी उसी प्रकार इस अमावस्या पर भी बनाया जाए। यह महामारी इतनी खतरनाक है कि समझ नहीं पाएंगे कि कब लक्षण हो जाएं। यह महामारी पूरे विश्व में फैली हुई है। लाखों लोग काल के गाल में समा चुके हैं। जिले में चार लोगों की मृत्यु हुई है। जनपद में 230 मरीज कोविड-19 अस्पताल में भर्ती हैं। 60 लोग होम आइसोलेशन में है। यह बीमारी लगातार बढ़ती जा रही है। श्रद्धालुओं से अपील है कि भगवान श्री कामदनाथ की पूजा व पितृ विसर्जन भी

बैठक में निर्देश देते डीएम।

घरों पर ही करें। कण-कण में भगवान हैं। पूर्व की भांति इस बार भी अमावस्या मेला को सकुशल संपन्न कराया जाएगा कोई श्रद्धालु अगर आ जाता है तो  उसके साथ कोई अभद्रता नहीं करेंगे। उन्होंने संत महात्माओं से कहा कि श्रद्धालुओं को अपील जारी करें। ताकि अमावस्या मेला में लोग न आए। उन्होंने अपर जिलाधिकारी से कहा कि आसपास के जिलों पर पत्र भेजकर श्रद्धालुओं के न आने की अपील को भेजा जाए। उन्होंने साफ सफाई, पेयजल, विद्युत, नाव, घाट की सफाई आदि सभी व्यवस्थाओं से संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूर्व की भांति सुनिश्चित करा लें। ताकि पितृ विसर्जन अमावस्या में समस्या न हो। पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल ने कहां की पिछले छह माह से अमावस्या मेला के दौरान सभी साधु-संतों ने जिला प्रशासन के साथ रहकर संपन्न कराए हैं। जिस संख्या में श्रद्धालु आते थे वह नहीं आए। परिस्थितियां ऐसी हैं प्रतिदिन केस बढ़ रहे हैं। सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। इस महामारी के कम होने के लक्षण अभी नहीं दिखाई दे रहे हैं। किसी भी बीमार व्यक्ति को पहचान नहीं सकते हैं। अगर एक व्यक्ति संक्रमित आ गया तो समस्या होगी। उन्होंने साधु-संतों से कहा कि अपने स्तर से श्रद्धालुओं से अपील करें कि वह लोग मेला में न आए। कामदगिरि प्रमुख द्वार के महंत मदन गोपाल दास ने कहा कि अभी तक अमावस्या मेला को सकुशल संपन्न कराया गया है। जिला प्रशासन का सहयोग किया है। मठ मंदिरों में जो संत महात्माओं का आर्थिक आधार एकमात्र अमावस्या है। जिससे वह अपने संत परिवार का भरण पोषण करते हैं। उसमें कुछ समस्याएं हैं, लेकिन महामारी को देखते हुए अभी भीड़ एकत्रित न की जाए। इसलिए सभी श्रद्धालु घरों से ही भगवान कामतानाथ के दर्शन, पूजा अर्चन करें। दिगंबर अखाड़ा भरत मंदिर के महंत दिव्यजीवन दास ने कहा कि चित्रकूट में भगवान की ऐसी महिमा रही है कि अनेकों समस्याओं का निदान किया है। इस संकट काल में भी पूर्व अमावस्या पर व्यवस्था जो हुई है उसी के अनुसार इस बार भी कराया जाए। बैठक में अपर जिलाधिकारी जीपी सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक प्रकाश स्वरूप पांडेय, उप जिलाधिकारी कर्वी राम प्रकाश, जिला पंचायत राज अधिकारी संजय कुमार पांडेय सहित संबंधित अधिकारी व संत महात्मा मौजूद रहे।


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