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Saturday, September 5, 2020

सीएम के आदेशों का पालन करें विभाग: डीएम

वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान दिए निर्देश, सात सितम्बर से शुरू होगा राष्ट्रीय पोषण माह

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में राष्ट्रीय पोषण माह के आयोजन के संबंध में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से दिशा निर्देश दिए है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत पुण्य का कार्य है एक समर्थ व सशक्त राष्ट्र का निर्माण करना है तो बचपन को बचाना पड़ेगा। प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश को विशेष रूप से फोकस किया है। जनपद स्तर पर सतत निगरानी हो तो पोषण की समस्या का समाधान हो सकता है। टीकाकरण समय से कराएं। बचपन सुरक्षित है तो पूरा जीवन सुरक्षित है। कन्या सुमंगला योजना से लाभान्वित कराया जाए। राष्ट्र का कार्य है पोषण मिशन को आगे बढ़ाएं। सभी विभाग दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। कुपोषित व अति कुपोषित जो बच्चे होते हैं उसका कारण माता-पिता भी हो सकते हैं। गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार दिया

वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान मौजूद अफसर।

जाए। कुपोषित बच्चा पैदा होने के तुरंत बाद उसे स्वास्थ्य लाभ दें। बालक-बालिका में भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभियान चलाकर जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उसमें सभी विभाग लगकर अपने दायित्वों का निर्वहन करें। किचन गार्डन बनाया जाए। सहजन व आंवला के पौधे लगाए। यह पौष्टिक आहार देंगे। जिनके पास जगह नहीं है वह छत पर भी प्लास्टिक बिछाकर मिट्टी व खाद डालकर हरी सब्जी पैदा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ऐसे परिवारों को चिन्हित करें जो गोवंश रख सकते हैं। उन्हें निराश्रित गोवंश गौशाला से दिलाएं और उसे प्रतिमाह नौ सौ रुपए प्रति गाय भरण पोषण का दिलाया जाए। इस योजना को अभी तक किसानों के लिए चलाया गया था लेकिन अब कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों के अभिभावकों को भी इस योजना का लाभ दें। जीरो बजट की खेती कराई जाए। अति कुपोषित बच्चों का चिन्हाकन करें। जिनमें विभिन्न प्रकार की बीमारियों से ग्रसित हो उनको स्वास्थ्य लाभ दिलाया जाए। इसके साथ-साथ कुपोषित माताओं का भी चिन्हाकन किया जाए। इस परिवार के लोग अगर बेरोजगार हैं तो उन्हें रोजगार दिलाएं तथा नोडल अधिकारी नामित कर एक-एक परिवार को गोद लेकर उन्हें शासकीय योजनाओं का लाभ भी दें। जनपद स्तर पर हर माह सामुदायिक समीक्षा सभी विभाग योजनाओं की अवश्य करें। जहां पर कमी पाई जाए तो तत्काल कार्यवाही ेहो। योजनाओं की सतत निगरानी करनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी को देखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए राष्ट्रीय पोषण माह का आयोजन डोर टू डोर  अभियान चलाकर किया जाए। इसमें जनपद स्तर की रैंकिंग भी तय होगी। इसमें सभी विभाग आगे बढ़कर कार्य करें। तभी इस कार्यक्रम को सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने सामुदायिक सहभागिता, जिला तहसील व ब्लाक स्तर की बैठके, पोषण वाटिका, आकांक्षा जनपदों की स्थिति, वृक्षारोपण, किचन गार्डन के निर्माण, सैम मैम बच्चों की स्थिति, एनीमिया आदि विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

एनआईसी में वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान जिलाधिकारी शेषमणि पाण्डेय ने जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास मनोज कुमार को निर्देश दिए कि जो शासन से दिशा निर्देश दिए गए हैं उनका अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। राष्ट्रीय पोषण माह का आयोजन जो सात सितंबर से शुरू किया जा रहा है उसमें कोविड-19 महामारी को देखते हुए जीरो से पांच वर्ष के बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाएं आदि को सम्मिलित करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग के साथ कार्यक्रम का आयोजन करें। उन्होंने कहा कि इस जन आंदोलन में शिक्षा व पंचायत के साथ मिलकर गांव गांव जन जागरूकता का कार्यक्रम कराएं। गांव में गठित निगरानी समितियों का इसमें सहयोग लें। उन्होंने कहा कि जो अतिकुपोषित बच्चों के अभिभावक है उनसे संपर्क कर गौशालाओं से निराश्रित गोवंश दिलाएं। इसमें प्रतिमाह नौ सौ रुपए प्रति गाय भरण-पोषण के लिए दिया जाएगा। इसका अधिक से अधिक लोगों को लाभ पहुंचाएं। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी अमित आसेरी से कहा कि इस योजना कि सप्ताहिक बैठक में समीक्षा कराई जाए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ विनोद कुमार को निर्देश दिए कि टीकाकरण व अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं सैम मैम, बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री महिलाओं आदि को उपलब्ध कराएं। उन्होंने बाल विकास परियोजना अधिकारियों से भी कहा कि कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों का चिन्हाकन कर अभियान चलाकर उन्हें लाभान्वित कराया जाए। कोई भी बच्चा छूटने न पाए। इसका विशेष ध्यान दें। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि जिन विभागों को शासन से दायित्व दिया गया है वह अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रकाश सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक बलिराज राम, जिला पूर्ति अधिकारी ध्रुव राज यादव, अपर मुख्य  अधिकारी जिला पंचायत सुरेंद्र कुमार सहित संबंधित अधिकारी व बाल विकास परियोजना अधिकारी मौजूद रहे।


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