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Tuesday, September 8, 2020

पार्षद जी जयन्ती पर विशेष

जिला कारागार के बैरिक नं0 9 पर की थी झण्डा गीत की रचना

आजादी की लड़ाई में पार्षद जी की कर्मभूमि रही फतेहपुर

फतेहपुर, शमशाद खान । झण्डा गीत रयचिता श्याम लाल गुप्त पार्षद की 124 वीं जयन्ती कल (आज) जिले मंे मनाई जायेगी। उन्नीस वर्षों तक लगातार श्री गुप्त जिला कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। वर्ष 1921 में जब आजादी का राष्ट्रीय आन्दोलन चरम पर था उस समय उन्होने जिला कारागार की बैरिक नम्बर नौ पर विजयी विश्व तिरंगा प्यारा, झण्डा ऊंचा रहे हमारा गीत की रचना की थी। 

कानपुर नगर के नवल गांव में 9 सितंबर 1896 में श्री पार्षद जी का जन्म हुआ। गणेश शंकर विद्यार्थी के संपर्क में आने के बाद श्री पार्षद कांग्रेस के नागपुर सम्मेलन में प्रतिनिधि के रूप में भाग लिया। वहीं पर उन्हें जनपद में कांग्रेस का कार्य संभालने की जिम्मेदारी दे दी गयी। आजादी के इस दीवाने ने 1921 में यह व्रत लिया था कि जब

झण्डा गीत रचयिता श्याम लाल गुप्त पार्षद।

तक देश स्वतंत्र नहीं होगा वह नंगे पांव रहेंगे, धूप व बारिश में छाता नहीं लगायेंगे और न ही कंधे पर अंगौछा रखेंगे। 21 अगस्त 1921 को पहली बार उन्हें राजा असोथर के महल में गिरफ्तार किया गया। 1924 में अंग्रेजों के विरूद्ध व्यंग्य रचना करने पर उन पर पांच सौ रूपये का जुर्माना किया गया। 1930 व 1944 में उन्हें पुनः जेल जाना पड़ा। आजादी की लड़ाई में श्री पार्षद की कर्मभूमि जनपद ही रही। 1916 से 1946 तक स्वाधीनता संग्राम के आन्दोलन विशेषकर नमक सत्याग्रह व भारत छोड़ों में उन्होने सक्रिय भूमिका निभाई। इतिहास के पन्नो में उस समय जनपद का नाम जुड़ गया जब उन्होने चैक स्थित हजारी लाल फाटक में जनचेतना के लिए विजयी विश्व तिरंगा गीत रचना का मन बनाया। इसी दौरान उन्हें जेल भेज दिया गया। बैरिक नम्बर 9 पर उन्होने तीन रंगों के झण्डे की शान को हर मन की तरंग से जोड़कर राष्ट्रीय चेतना लाने के लिए नौ पंक्तियों के झण्डा गीत की रचना की। कामयाबी उस समय मिली जब 1925 में कांग्रेस के मुम्बई अधिवेशन में श्री पार्षद जी की रचना को झण्डा गीत घोषित कर दिया गया। 15 अगस्त 1952 को लाल किला से श्री पार्षद जी ने इस झण्डा गीत का गायन किया। 19 अगस्त 1972 को उन्हें इस गीत की रचना पर अभिनन्दन व ताम्रपत्र प्रदान किया गया। 26 जनवरी 1973 को श्री पार्षद जी को भारत सरकार द्वारा पदम् श्री की उपाधि से अलंकृत किया गया। जनपदवासियों को इस बात का फक्र है कि समूचे राष्ट्र को राष्ट्रीय झण्डा गीत देने वाले श्री पार्षद जिले की माटी से जुड़े रहें। उन्हें पंडित मोतीलाल नेहरू, जवाहरलाल, गोविन्द वल्लभ पंत जैसे नेताओं का सानिध्य प्राप्त हुआ। 


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