किसान विरोधी विधेयकों के विरोध में फिर उतरे सपाई - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Advt.

Friday, September 25, 2020

किसान विरोधी विधेयकों के विरोध में फिर उतरे सपाई

सपाईयों ने डीएम के माध्यम से राज्यपाल को भेजा ज्ञापन

सपाईयों पर दर्ज फर्जी मुकदमों को वापस किये जाने की मांग

बांदा, के एस दुबे । केन्द्र और प्रदेश की भाजपा सरकारों की नीतियों से किसान और श्रमिकों के हितों को गहरा आघात लग रहा है। इन नीतियों से कारपोरेट घरानों को ही फायदा होगा। जबकि किसान और श्रमिकों की बदहाली और बढ़ेगी। कृषि और किसान के साथ श्रमिक ही कठिन समय में देश की अर्थ व्यवस्था को सम्हालता है, पर अब अन्नदाता को ही हर तरह से उत्पीडन का शिकार बनाया जा रहा है। जिसके विरोध में शुक्रवार को सपाईयों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर कार्यवाही की मांग की है। साथ ही सपाईयों के खिलाफ दर्ज किये गये फर्जी मुकदमों को वापस लिये जाने की मांग की है।

राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपते समाजवादी पार्टी कार्यकर्ता व पदाधिकारीगण

राज्यपाल को भेजे गये ज्ञापन में सपा के जिलाध्यक्ष विजयकरन यादव ने बताया कि प्रदेश में अन्ना पशु किसानों की फसल बर्बाद कर रहे है। खेत मालिक चैकीदार बनकर रात रात भर खेत की रखवाली कर रहे है। सड़कों पर इनके कारण दुर्घटनायें हो रही है। लेकिन सरकार कोई कदम नही उठा रही है। भाजपा सरकार की नीति देश की सम्पदा को निजी क्षेत्रों में सौंप देने की है। उसकी निजीकरण के प्रति दुराग्रह के चलते रोजगार की संभावनायें धूमिल हो रही है। कृषि अध्यादेश के बाद भाजपा सरकार श्रमिक विरोधी औद्योगिक सम्बंध संहित 2020 विधेयक ले आई है। श्रमिक कानून में बदलाव के बाद तो श्रमिकों का शोषण करने का पूरा अधिकार मालिकों को मिल जायेगा। नये प्राविधान से अब बडे कारखानों के मालिकों के हाथ में छंटनी का ऐसा हथियार आ गया है, जिसका दुरूप्योग करके और दबाव डालकर एक तो कर्मचारी यूनियन ही बनने नही देंगे, दूसरे अपने कर्मचारियों को छंटनी का जब तक भय दिखाकर उन्हे बंधुआ मजदूर बनाकर रखने को स्वतंत्र होंगे। इसके अलावा उन्होने बीते 21 सितम्बर को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता कचेहरी परिषद के बाहर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन कर रहे थे कि पुलिस प्रशासन व सिटी मजिस्टेªट ने अचानक लाठी चार्ज कर दिया। साथ ही सपाईयों पर फर्जी मुकदमा लगाया गया। उन्होने मांग की है कि विधेयकों को वापस लेने के साथ दर्ज फर्जी मुकदमों को वापस लिया जाये। इस दौरान सुशील यादव, अजय चैहान, पंकज सिंह रावत, मोहन साहू, विनय कोटार्य, राहुल कुमार, महेन्द्र सिंह, अनुपम लौहवंशी, मनोज यादव, शैलेन्द्र मिश्रा, शिवसागर यादव, रामसागर यादव, राजेन्द्र यादव, अवधनरेश यादव आदि उपस्थित रहे।


No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages