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Thursday, September 24, 2020

‘किसानों को जीरो बजट का दिलाएं लाभ’

वीडियो कांफ्रेंसिंग में आय दोगुनी करने समेत कई योजनाओं व समस्याओं पर हुई चर्चा

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक कुमार तथा अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी की उपस्थिति में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य स्तरीय रबी उत्पादकता गोष्ठी का आयोजन किया गया।

कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान सभी जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक की गई उसमें जिन जिलों पर क्या समस्याएं हैं तो उसका निस्तारण किया जा सके। इसके बाद मंडल स्तर पर गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। भारत सरकार की जो भी किसानों के लिए योजनाएं संचालित है उनका अधिक से अधिक जनपदों में किसानों को लाभ दिलाया जाए। आगामी रबी की फसल को देखते हुए समय से उर्वरक, बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करें। ताकि किसानों को समस्या न हो। जीरो बजट का लाभ भी किसानों को दिलाया जाए। जैविक खेती को बढ़ावा दें। ताकि किसानों की आय दोगुनी हो सके। किसानों को जागरूक कर फसलों की उपज कराएं। ताकि उनकी आय दोगुनी हो सके। प्रदेश की जनता 70 प्रतिशत गांव में निवास कर रही है। प्रोसेसिंग व मार्केटिंग को भी बढ़ावा दिया जाए। एफपीओ का गठन अवश्य जनपद में कराए। कृषि, पशु, उद्यान, सहकारिता, सिंचाई, मत्स्य आदि विभाग कार्य करें। तभी किसानों को लाभ मिल सकेगा। किसानों को खेत

वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान मौजूद अधिकारी।

में पैदा हुई फसल का कैसे अधिक से अधिक मूल्य दिलाया जाए इस पर भी संगठित होकर कार्य करेंगे तो बढ़ावा मिलेगा। विभिन्न योजनाओं को लेकर प्रचार प्रसार कराएं। उत्तर प्रदेश के प्रति व्यक्ति की आय 66 हजार रूपए है जो नेशनल से आधे पर हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ अधिक से अधिक दिलाएं इसमें रवि की फसल को देखते हुए एक दिसंबर तक बीमा कराया जाए। जिला स्तरीय मॉनिटरिंग सेल की बैठक कराएं। उसमें सभी बैंकों को भी बुलाया जाए। बीमित किसानों का आधार नंबर बहुत आवश्यक है। किसानों का जो बीमा कराया जाए तो उसमें पैसा जो काटा जाए वह समय से काटे। प्रधानमंत्री कुसुम योजना का भी लाभ दिलाएं। कृषकों को आलू के बीज समय से दें। आलू, प्याज, टमाटर के मूल्य का निर्धारण, बागवानी औषधि की खेती कृषि निवेश आदि पर कृषि विभाग के अधिकारी समय से किसानों को बीज उपलब्ध कराएं। सिंचाई की व्यवस्था के लिए नहरों की सिल्ट सफाई करा लिया जाए। कार्य के पहले कार्य के बाद की फोटोग्राफ्स भी लें। किसानों को सिंचाई के लिए टेल तक पानी पहुंचें। सभी पंप कैनाल चालू रहना चाहिए। उर्वरक की उपलब्धता बनी रहे। ताकि किसानों को खाद की समस्या न हो। उन्होंने किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना आदि का लाभ अधिक से अधिक दिलाएं। बागवानी तथा औषधि की खेती को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि किसानों को जागरूक करें कि पराली न जलाएं। इसके लिए जन जागरूकता अभियान चलाएं। किसी भी दशा में पराली नहीं जलनी चाहिए। ग्राम पंचायतों पर गौशाला का संचालन किया जा रहा है। किसानों को फसल बचाने के लिए गोवंशो को बंद कर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें तथा गौ सेवकों का भुगतान राज्य वित्त आयोग से किया जाए। भूसा बैंक बनाकर भूसा एकत्र करें। उन्होंने कहा कि परंपरागत खेती तथा जैविक खेती का अधिक से अधिक प्रयोग करें। कुपोषित बच्चों के परिवारों को दूध देने वाली गोवंश को दिलाया जाए। खुरपका, मुंहपका के टीके पशुओं को लगाए जाएं तथा टैगिंग भी कराएं। 

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान एनआईसी में जिलाधिकारी शेषमणि पाण्डेय ने उप निदेशक कृषि को निर्देश दिए कि जो शासन से दिशा निर्देश दिए गए हैं कि किसानों की आय कैसे दोगुनी की जाए। उसका अनुपालन सुनिश्चित कराएं तथा किसानों को अधिक से अधिक जागरूक कर लाभ दिलाया जाए। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी अमित आसेरी, उप निदेशक कृषि टीपी शाही, अधीक्षण अभियंता विद्युत पीके मित्तल, जिला कृषि अधिकारी बसंत कुमार दुबे, जिला उद्यान अधिकारी रमेश कुमार पाठक, जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी मनोज कुमार यादव सहित संबंधित अधिकारी तथा प्रगतिशील कृषक मौजूद रहे।


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