हाईवोल्टेज ड्रामा: मेरी बहन को छोड़ों नहीं तो छत से कूद जाऊंगी - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Advt.

Sunday, September 6, 2020

हाईवोल्टेज ड्रामा: मेरी बहन को छोड़ों नहीं तो छत से कूद जाऊंगी

आरोपियों के घर दबिश देने गई थी पुलिस 

घण्टों चले हंगामे के बाद बैरंग लौटी पुलिस 

फतेहपुर, शमशाद खान । सदर कोतवाली क्षेत्र के चित्रांश नगर में रविवार की सुबह एक हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। एक आरोपी के घर दबिश देने गई पुलिस ने जब आरोपी की बड़ी बेटी को हिरासत में ले लिया तो छोटी बहन छत पर चढ़कर छज्जे में लटक गयी और मेरी बहन को छोड़ो नहीं तो छत से कूद जाऊंगी की धमकी देने लगी। घण्टों चले ड्रामे के बाद आखिरकार पुलिस ने युवती को छोड़ दिया। जिस पर उसने घर के अंदर पहुंचकर अंदर से दरवाजा बंद कर लिया और पुलिस को बैरंग वापस लौटना पड़ा। 

बताते चलें कि सदर कोतवाली क्षेत्र के चित्रांश नगर मुहल्ला निवासी अधिवक्ता धर्मेन्द्र मिश्रा का मुहल्ले के ही अशोक सविता से विवाद चला आ रहा है। बीते दो सितम्बर को अधिवक्ता श्री मिश्रा कचेहरी जाने के लिए घर से निकले थे। तभी उन पर जानलेवा हमला हुआ था। इस पर अधिवक्ता ने कोतवाली में तहरीर देकर अशोक सविता

छत के छज्जे पर लटकी युवती को समझाती पुलिस।

समेत उनके ही परिवार के तीन अन्य सदस्यों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले पर रविवार को कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रवीन्द्र श्रीवास्तव समेत कई चैकी इंचार्ज आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चित्रांश नगर मुहल्ले पहुंचे और जब आरोपी का दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया तो घर पर मौजूद आरोपी की दो बेटियों ने दरवाजा खोलने से इंकार कर दिया। पुलिस ने तत्काल आरोपी के मोबाइल नम्बर पर फोन किया और उसे घर आने के लिए कहा। आरोपी अशोक सविता ने पुलिस को आश्वासन दिया कि वह थोड़ी देर में घर आ जायेगा। पुलिस उसका इंतजार करती रही लेकिन वह घर नहीं आया और उसने अपना मोबाइल भी स्विच आफ कर लिया। इस पर नाराज पुलिस कर्मियों ने दरवाजे को खुलवाने का प्रयास किया। जब दरवाजा नहीं खुला तो कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ने महिला थानाध्यक्ष को मौके पर बुलाया और दरवाजा खुलवाकर आरोपी की बड़ी बेटी को हिरासत में ले लिया। बड़ी बहन को पुलिस की गिरफ्त में देख छोटी बहन तत्काल छत पर चढ़कर छज्जे में लटक गयी और बहन को तत्काल छोड़ने की पुलिस ने मांग करने लगी। उसका कहना रहा कि यदि बहन को नहीं छोड़ा तो वह छत से कूदकर अपनी जान दे देगी। इस हाईवोल्टेज ड्रामे के चलते मुहल्लेवासियों की भीड़ भी जमा हो गयी और पुलिस के हाथ-पांव फूल गये। पुलिस ने छज्जे में लटकी युवती को आश्वासन दिया कि कुछ नहीं होगा और नीचे उतर आओ लेकिन वह नहीं मानी और बहन को छोड़ने की बात कहती रही। पुलिस को आखिरकार हिरासत में ली गई बड़ी बेटी को छोड़ना पड़ा। इस पर उसने घर के अंदर पहुंचकर पुनः दरवाजा बंद कर लिया और पुलिस को बैरंग वापस लौटना पड़ा। इस हाईवोल्टेज ड्रामे की चर्चाएं पूरा दिन शहर में होती रहीं। उधर पुलिस आरोपियों की तलाश में प्रयास कर रही है। 


No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages