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Thursday, September 10, 2020

ब्राम्हणों की लगातार हत्याओं से योगी को बदलने की उठी आवाज

पीएम को ज्ञापन भेजकर नाराजगी से कराया अवगत

फतेहपुर, शमशाद खान । राष्ट्रीय ब्राम्हण महासंघ ने प्रदेश में योगी आदित्य नाथ के नेतृत्व में चल रही सरकार के कार्यकाल में बिरादरी के लोगों की लगातार हत्याओं पर चिन्ता ही नही बल्कि गहरी नाराजगी का इजहार किया है। प्रधानमंत्री को भेजे गये ज्ञापन में कहा गया कि भाजपा की सरकार बनवाने में ब्राम्हण समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। लेकिन योगी राज में ब्राम्हणों की हत्याओं से परशुराम के वंशजों में बेहद आक्रोश है। ऐसे में तत्काल योगी आदित्यनाथ को सीएम पद से हटाकर किसी योग्य व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाये जाने की मांग की है। 

कलेक्टेªट में मुख्यमंत्री के विरोध में प्रदर्शन करते ब्राम्हण समाज के लोग।

ब्राम्हण महासभा के जिलाध्यक्ष अनिल त्रिपाठी की अगुवाई में जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजे गये ज्ञापन में कहा गया कि प्रदेश में ब्राम्हण समाज के निर्दोष लोगों की लगातार हत्याओं से भाजपा के प्रति इस बिरादरी में रोष है। यह भी कहा गया कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद से ब्रम्ह समाज के लोगों की हत्याएं हो रही हैं। सरकार गठित होते ही रायबरेली के ऊंचाहार के पांच निर्दोष ब्राम्हण युवाओं को जिन्दा जला दिया गया था। तब से बिरादरी के लोगों की हत्याओं में लगातार इजाफा हो रहा है। इतना ही नही प्रदेश में पांच से अधिक सामूहिक हत्याकांड भी अपराधियों ने किये हैं। अब तक सौ से अधिक परशुराम के वंशजों की हत्या हो चुकी है। गाजियाबाद में बिरादरी के पत्रकार विक्रम जोशी की निर्मम हत्या करके अपराधियों ने ब्राम्हण समाज की हत्याओं की कड़ी को टूटने नही दिया है। ऐसे में लगता है कि किसी न किसी ब्राम्हण समाज के साथी की आगे भी हत्याएं होती रहेंगी। ज्ञापन में चेतावनी दी गयी कि यदि बिरादरी के लोगों की हत्याएं नही रूकी तो शीघ्र ही ब्राम्हण समाज समूचे प्रदेश में एकजुट होकर भारी भीड़ के साथ विरोध प्रकट करेगी। इसके अलावा सत्ता में बैठे बिरादरी के विधायकों, मंत्रियों व सांसदों को भी एहसास करायेगी कि यदि सरकार ब्राम्हण बनवा सकता है तो उसे हटवाने का दम भी भगवान परशुराम के वंशजों में है। प्रधानमंत्री से मांग की गयी है कि पत्रकार विक्रम जोशी के परिवार को पचास लाख रूपये की आर्थिक मदद व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मुहैया करायी जाये। साथ ही जितने भी ब्राम्हणों की हत्याएं हुई हैं उन सभी के आश्रितों के बीस-बीस लाख रूपये के अलावा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाये। सभी हत्याओं की सीबीआई जांच कराये जाने की भी मांग की गयी है। इस मौके पर अंकित दीक्षित, शरद पाण्डेय, आस्तिक द्विवेदी, योगेश मणि पाण्डेय, अंकित तिवारी, सत्यम अवस्थी, टिंकू शुक्ला, चन्द्रकांत शुक्ला, विनीत दीक्षित, अनुराग शर्मा, नीरज त्रिपाठी आदि रहे। 


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