सपाईयों ने जुलूस निकाल की नारेबाजी - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Monday, September 14, 2020

सपाईयों ने जुलूस निकाल की नारेबाजी

राज्यपाल संबोधित सौपा नौ सूत्रीय ज्ञापन

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ राज्यपाल संबोधित नौ सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम को सौपा है।

सोमवार को सपा लोहिया वाहिनी जिलाध्यक्ष अमर सिंह, युवजन सभा के जिलाध्यक्ष रजनीश जोशी, यूथ बिग्रेड के निवर्तमान जिलाध्यक्ष रमेश यादव, छात्रसभा के जिलाध्यक्ष राजीव लोचन त्रिपाठी की अगुवाई में कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां सौपे गए ज्ञापन में कहा कि प्रदेश सरकार की गलत नीतियों के चलते अर्थ व्यवस्था चैपट हैं। किसान खाद, बीज के लिए परेशान है। शिक्षा मंहगी हो गई है। निजी स्कूलों में अधिक फीस ली

जुलूस निकालते सपाई व ज्ञापन देते भाकपाई।

जा रही है। बेरोजगारी चरम पर है। नोटबंदी, जीएसटी से देश को आर्थिक नुकसान पहुंचा है। निजीकरण के नाम पर देश की सम्पत्ति को औनेपौने दामों में बेंचा जा रहा है। जिससे गिनेचुने उद्योगपतियों को लाभ हुआ है। किसान अन्ना पशुओं से परेशान है। फसलें बरबाद हो रही है। किसान अन्ना गौवंशों से सुरक्षा के लिए जान जोखिम में डाल रहा है। विद्युत व्यवस्था बदहाल है। भाजपा सरकार बदले की राजनीति को बढ़ावा दे रही है। मांग किया कि शीघ्र समस्याओं का निदान न हुआ तो सपा आंदोलन को बाध्य होगी। इस मौके पर सुनील सिंह, राहुल, जलाल खान, निजामुद्दीन सिद्दीकी, सुरिज पाल, राकेश कुमार, शेरा यादव, गोलू पटेल आदि मौजूद रहे।

नोटबंदी से शुरू हुआ अर्थ व्यवस्था का पतन: अमित

भाकपा ने जुलूस निकाल राष्ट्रपति व राज्यपाल संबोधित सौपा ज्ञापन

चित्रकूट। भाकपा के जिला सचिव की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाल राष्ट्रपति व राज्यपाल संबोधित दस सूत्रीय ज्ञापन सदर उप जिलाधिकारी को सौपा है।

सोमवार को भाकपा के जिला सचिव का. अमित यादव की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला। ज्ञापन सौपने के पूर्व जिला सचिव ने कहा कि देश की जनता के ऊपर मुसीबतो के पहाड थोपा जा रहा है। अर्थ व्यवस्था का पतन नोटबंदी से ही शुरू हो गया था। जीएसटी लगाने से पतन को और भी गति मिली। रही सही कसर लाक डाउन ने पूरी कर दी। जिससे जीडीपी 23.9 प्रतिशत गिर गई। जिससे बडे पैमाने पर बेरोजगारी का संकट छा गया। बेरोजगारी और गरीबी के अवसाद से पीड़ित तमाम लोग आत्महत्याएं कर रहे हैं। छटनी, उद्योगबंदी, निष्कासन,


जबरन रिटायरमेंट आदि के जरिए इसे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता को आर्थिक रूप से कमजोर कर पूंजीपतियों को मालामाल कर रही है। केन्द्रीय वित्त मंत्री देश की अर्थ व्यवस्था के बारे में लगातार झूठे दावे कर रही है। सौपे गए ज्ञापन में मांग की है कि अर्थ व्यवस्था की सुधार के लिए हर संभव कदम उठाए जाए। बडे पैमाने पर रोजगार दें। रोजगार छीनना बंद हो। मध्यम, लघु और कुटीर उद्योगों को डूबने से बचाने को सहायता मिले। सभी के खाते में छह माह तक दस हजार रुपए प्रतिमाह डाला जाए। मनरेगा का दायरा बढ़े। शहरी मनरेगा भी शुरू कराए। किसान विरोधी तीन अध्यादेशों को वापस लिया जाए। श्रमिक विरोधी कानून वापस हों। उप्र की कानून व्यवस्था बेहद खराब है। इस मौके पर दादूराम एड, विनोद पाल, कमलेश प्रसाद, राजेन्द्र कुमार, संदीप कुमार, हनुमान प्रसाद, सत्यहरण यादव, ब्रजभूषण, मिथलेश पाल, रविकरण यादव आदि रहे। 

बर्खास्त निजी सचिव को करें बहाल

चित्रकूट। राष्ट्रीय पिछडा वर्ग मोर्चा के अध्यक्ष विकास कुमार निर्मल, सुरेन्द्र कुमार कुशवाहा, जाकिर हुसैन, ज्ञानेन्द्र कुमार, रामकृष्ण ने राज्यपाल संबोधित सौपे गए ज्ञापन में मांग किया है कि बर्खास्त किए गए निजी सचिव अमर सिंह को पुनः बहाल किया जाए।

रद्द हो किसान विरोधी अध्यादेश

चित्रकूट। राष्ट्रीय किसान मोर्चा के तहसील अध्यक्ष अभिषेक कुमार ने कार्यकर्ताओं के साथ तहसील पहुंचकर राष्ट्रपति संबोधित तीन सूत्रीय ज्ञापन सदर एसडीएम को सौपा है। कहा कि किसान विरोधी अध्यादेश वापस न लेना हित में नहीं है। किसान परेशान व पूंजीपतियों को बढ़ावा मिलेगा। ज्ञापन में शीघ्र किसान विरोधी अध्यादेश वापस लेने की मांग की गई है।


No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages