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Wednesday, September 9, 2020

पार्षद जी का जीवन देश के लिए प्रेरणादायक

झण्डा गीत रचयिता ने पैरों में नही पहनी थी चप्पल

तैलीय चित्र पर माल्यार्पण कर किया याद

फतेहपुर, शमशाद खान । झण्डा गीत के रचयिता एवं आजादी के महान क्रान्तिकारी स्व. श्याम लाल गुप्त पार्षद का 124वां जन्मदिन कैम्प कार्यालय पीलू तले में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। उनके तैलीय चित्र पर पुष्प अर्पित कर उपस्थित लोगों ने उन्हे श्रद्धा सुमन अर्पित किये। वक्ताओं ने कहा कि पार्षद जी का जीवन देशवासियों के लिए हमेशा प्रेरणादायक रहेगा। 

श्री दोसर वैश्य कल्याण समिति व वैश्य एकता परिषद के संयुक्त तत्वाधान में पार्षद जी की जयन्ती कैम्प कार्यालय पीलू तले हर्षोल्लास के साथ मनाई गयी। सर्वप्रथम उनके तैलीय चित्र पर बिरादरी के लोगों के अलावा उपस्थित अन्य लोगों ने पुष्प अर्पित कर उन्हे श्रद्धांजलि अर्पित की। अध्यक्षता करते हुए समिति के जिलाध्यक्ष विमल कुमार

पार्षद जी की तैलीय चित्र पर पुष्प अर्पित करते वैश्य समाज के लोग।

गुप्ता एडवोकेट ने कहा कि पार्षद जी का जीवन देशवासियों के लिए प्रेरणादायक रहेगा। उन्होने देश की आजादी में अपना अभूतपूर्व योगदान दिया। जिसका देशवासियों के साथ-साथ बिरादरी हमेशा अभारी रहेगी। वैश्य एकता परिषद के राश्ट्रीय महासचिव विनोद कुमार गुप्ता ने कहा कि देश की आजादी में पार्षद जी द्वारा रचित गीत विजयी विश्व तिरंगा प्यारा आजादी के दीवानों का हौसला बढाता था। उन्होने इस गीत को गाते हुए देश को आजाद कराने में अहम भूमिका अदा की। श्री गुप्ता ने बाताया कि पार्षद जी ने संकल्प लिया था कि जब तक देश को आजादी नही मिल जाती तब तक वह पैरों में चप्पल, कंधे पर अंगौछा और छाते का इस्तेमाल नही करेगें। इस प्रतिज्ञा का पार्षद जी ने अक्षरशः पालन भी किया। युवा जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र शरण सिम्पल ने कहा कि महापुरूषों का जीवन युवा पीढ़ी के लिए नसीहत भरा होता है। इससे युवा पीढ़ी इनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करती है। ऐसे में महापुरूषों का स्मरण देश को सुरक्षित रखती हैं। इस मौके पर रामस्वरूप गुप्ता, रमेश चन्द्र गुप्ता, अरूण कुमार गुप्ता, श्रवण कुमार, पंकज, अमित गुप्ता, सौरभ, मोहनलाल गुप्ता, सौनक गुप्ता, गुड्डू मोदनवाल, आशीष गुप्ता, नरेन्द्र गुप्ता आदि मौजूद रहे।

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