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Friday, September 25, 2020

प्राथमिकता के साथ कराया जाए निर्वाचक नामावली पुनरीक्षण कार्य

जिलाधिकारी ने आयोजित बैठक में दिए निर्देश

बांदा, के एस दुबे । त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचक नामावली बृहद पुनरीक्षण 2020 के सम्बन्ध में शुक्रवार को जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह की अध्यक्षता में बैठक संपन्न हुई। इसमें जिलाधिकारी ने सम्बन्धित उप जिलाधिकारियों एवं खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिये कि समय से अपने-अपने क्षेत्रों के निर्वाचक नामावली पुनरीक्षण का कार्य प्राथमिकता से किया जाए। 01 अक्टूबर, 2020 से 12 नवम्बर, 2020 तक बी0एल0ओ0 द्वारा घर-घर जाकर गणना एवं सर्वेक्षण करने की अवधि है और 06 नवम्बर से 12 नवम्बर तक आनलाइन प्राप्त आवेदनों पत्रों की घर-घर जाकर जांच करने की अवधि है। 06 दिसम्बर से 12 दिसम्बर, 2020 तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करने की अवधि है तथा 13 दिसम्बर से 19 दिसम्बर, 2020 तक दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण करने की अवधि है एवं 29 दिसम्बर को निर्वाचक नामावलियों जनसमान्य के अन्तिम प्रकाशन किया जायेगा। इस अवधि के अन्दर त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचक नामावली का कार्य सम्बन्धित अधिकारी की जिम्मेदारी में कराया जाए और बीएलओ और पर्वेक्षकों की नियुक्ति आनलाइन की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी बीएलओ को प्रशिक्षण तय अवधि पर दिया जाए जिससे निर्वाचक नामावलियों के पुनरीक्षण कार्यक्रम में समस्याओं का सामना न करना पडे़, क्योंकि यह बहुत ही संवेदनशील चुुनाव होता है। इसकी सारी तैयारियां भलीभांति कर ली जाएं। 01 अक्टूबर से पहले बीएलओ का प्र्रशिक्षण हर हाल में कर लिया जाए। 

बैठक को संबोधित करते जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह

प्रभारी अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) सुरेन्द्र सिंह ने विस्तार पूर्वक जिलाधिकारी को अवगत कराया कि बीएलओ की नियुक्ति निम्न आधार पर की जायेगी। एक बीएलओ को अधिकतम 3000 मतदाताओं के पुनरीक्षण का कार्य आवंटित किया जायेगा और एक मतदान केन्द्र पर यथा सम्भव एक बीएलओ की नियुक्ति की जाए परन्तु उस मतदान केन्द्र पर तीन हजार से अधिक मतदाता न हो और एक मतदान केन्द्र पर 3000 से अधिक मतदाता होने पर एक से अधिक बीएलओ की नियुक्ति की जायेगी। किसी भी दशा में एक बीएलओ को एक से अधिक मतदान केन्द्र आवंटित नही किया जायेगा। भले ही उस मतदान केन्द्र पर मतदाताओं की संख्या मानक से कम ही हो ताकि दावा आपत्ति प्राप्त करने के लिए बीएलओ मतदान केन्द्र पर उपस्थित रह सके। इस प्रकार पर्वेक्षकों की नियुक्ति प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर एक पर्वेक्षक नियुक्त किया जायेगा। यदि कोई न्याय पंचायत अधिक बड़ी है और उसमें मतदान स्थलों की संख्या 20 से अधिक है तो उस न्याय पंचायत में अधिकतम 20 मतदान स्थलों तक एक पर्वेक्षक होगा और पर्वेक्षक को कार्य आवंटित करते समय यह ध्यान रखा जायेगा कि एक मतदान केन्द्र एक पर्वेक्षक को ही आवंटित हो। अर्थात किसी भी स्थिति में एक मतदान केन्द्र को 02 पर्वेक्षकों को आवंटित नही किया जायेगा। बैठक में ज्वाइंट मजिस्टेªट, समस्त उप जिलाधिकारी सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। 


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