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Friday, September 25, 2020

आवारा जानवरों की फौज बर्बाद कर रही फसलें, किसान परेशान

किसान दिन में खेतों में काम करते हैं, रात में फसलों की रखवाली

रामपुरा (जालौन), अजय मिश्रा । रामपुरा विकासखण्ड में चारों तरफ देखने को मिल रहा है कि झुंडों में घूमने वाले मवेशी खेतों को चट कर रहे। विकास खण्ड रामपुरा के अधिकतर ग्राम पंचायतों में इलाकों में बड़ी समस्या बन गए हैं आवारा जानवर। मामला ग्राम पचोखरा में आवारा मवेशी किसानों को लिए सिरदर्द बन गए हैं. गाय, बैल आदि पशु फसलों को चर रहे हैं जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। योगी सरकार ने सत्ता संभालते ही अवैध बूचड़खाने  बंद कराने के ऐलान के साथ ही गौवंश के वध पर सख्त कानून जारी किया. चूंकि योगी जी पहले से ही कट्टर हिन्दूवादी और फायर ब्रांड नेता के रूप में जाने जाते हैं, लिहाजा नए सीएम के फरमान पर बिना दिमाग लगाए सरकारी मशीनरी ने गाय-बछड़ों के ट्रकों के पहिये जाम कर दिए. गौरक्षकों ने भी खूब तांडव मचाया. इसका खामियाजा अब सामने आ रहा है। लोगों के छुट्टा पशु अब हरे भरे खेतों में तांडव कर रहे हैं इससे किसानों की फसल तबाह हो रही हैं। हर साल सैकड़ों एकड़ फसल ये जानवर बर्बाद करते हैं। हाल के दिनों में यह समस्या अधिक बढ़ी है। नील गायों का आतंक तो किसानों के लिए पहले से ही परेशानी का बड़ा सबब रहा है ऐसे में आवारा पशु ने उनकी खेत में खड़ी गाढ़ी कमाई के बर्बादी का और बड़ा कारण बन कर खड़ा हुए हैं। किसान

खेत में फसल को निबाला बनाते आबारा जानवर।

इसको लेकर पूरी तरह से परेशान हैं तो प्रशासन के पास बचाव का लेकर कोई पुख्ता कार्य योजना तक नहीं है। बताते चलें कि किसानों द्वारा खेतों में बोई गई फसल की सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हुआ है। लगातार बढ़ रही आवारा पशुओं की संख्या और इनका खेतों की ओर रुख करना इसका मुख्य कारण है। विभाग खुद मान रहा है कि पिछले तीन वर्षों में छुट्टा पशुओं की संख्या में काफी वृद्धि हुइ है। ऐसे में यह साफ है कि किसानों के खेतों में खड़ी फसलों पर खतरा भी बढ़ा है। ये आवारा पशु खेत में खड़ी पौध व फसल को अपना आहार बना रहे हैं तो किसानों के मुंह का निवाला छिन रहा है। इससे बचाव को लेकर किसान अनेक बार प्रशासन से मांग भी कर चुके हैं। प्रशासन केवल हाथ ही खड़ा करता आ रहा है। यही वजह है कि किसानों की गाढ़ी कमाई को लेकर खतरा और बढ़ता जा रहा है। विकासखण्ड रामपुरा के ग्राम पचोखरा के किसान शिवकुमार का कहना है कि आवारा पशु हमारी खून पसीने की कमाई लूट रहे हैं और हम कुछ नहीं कर सकते। कुछ करेंगे तो हमारे खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो जाएगी। इससे इन आवारा पशुओं द्वारा बर्बाद की जा रही हमारी फसलों को लेकर न कोई कानून है और न ही कोई रोक। न ही गौशाला  का कोई प्रबधं किया गया है। किसान रामशनेही का कहना है कि अगर खेत से घर खाना खाने के लिए भी आ जाओ तो अन्ना जानवर खेत मे घुसकर पूरी फसल नष्ट कर देते है।


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