युद्ध और डर के बीच चीन............. - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Advt.

Sunday, September 27, 2020

युद्ध और डर के बीच चीन.............

देवेश प्रताप सिंह राठौर 

(वरिष्ठ पत्रकार)

.... चीन भारत से युद्ध तो चाहता है परंतु उसे डर लग रहा है, कहीं हम मात ना खा जाएं यह सत्य है कि इस बार चीन को हारना और नतमस्तक होना बिल्कुल ही सत्य है। क्योंकि कोरोनावायरस जिस तरह से फैलाया है चीन ने पूरा विश्व चीन के खिलाफ है,अगर भारत चीन से युद्ध हुआ तो यह युद्ध विश्व युद्ध के रूप में बदल जाएगा क्योंकि जापान एक ऐसा देश है भारत का जिसने खुलकर समर्थन किया है और कहा है अगर युद्ध हुआ चीन से मैं भारत की तरफ से सैन्य कार्रवाई में भारत का साथ दूंगा। ताइवान भी चीन के खिलाफ खड़ा हुआ है चीन के सैनिक जब बॉर्डर पर जा रहे थे तो उनके रोने का एक वीडियो वायरल हुआ था यह चीनी फौज की हकीकत है, भारत का जवान जब बॉर्डर पर जाता है सीमा पर लड़ने जाता है तो खुशी के आंसू लेकर जाता है खुश होकर जाता है मुझे यह सौभाग्य मिला और चीन की सेना बच्चों की  तरह उनके सैनिक रो रहे थे। यह चीन की हकीकत पूरे विश्व के सामने


आई है इससे स्पष्ट हो जाता है कि चीन का इनकार और घमंड अपनी तानाशाही बनाए रखने के लिए इतना नाटक कर रहा है। चीन की परंतु जमीनी दुनिया से आज के हालातों  से उसको अवगत नहीं है वह बहुत जल्दी भारत पूर्ण रूप से तैयार है अपनी सीमाओं की रक्षा करने के लिए अगर उसके सीमा रेखा पर किसी ने भी बुरी नजर डाली कोई भी  देश हो हमारी सीमाओं पर भारतीय सेना ऐसा करारा जवाब देगी चाहे चीन और पाकिस्तान उसे लगेगा किस मधुमक्खी के छत्ते पर हाथ डाल दिया अभी उन्हें एहसास नहीं हो रहा है एहसास हो भी रहा है तो अपनी हेकड़ी अपना वर्चस्व के मारे अपने को तानाशाही के रूप में प्रकट कर भारत को डराने का काम कर रहे हैं ।भारत डरने वाला नहीं क्योंकि आज जो माननीय प्रधानमंत्री  जी हैं भारत के और डरते नहीं किसी भी चुनौती का चुनौती का सामना करना जानते हैं। लता पूरे भारत की जनता प्रधानमंत्री के साथ है।वह जवाब देते हैं संयम नियम कानून का पालन करते हुए ऐसा जवाब देंगे कि चीन को याद रहेगा चीन ने अगर गलती सन 1962 वाली दोहराई तो यह पक्का है चीन इस बार बहुत बुरी हार का सामना करना पड़ेगा।भारत और चीन के बीच जारी विवाद के बीच चीनी मीडिया लगातार भारत पर आक्रामक होने का आरोप लगा रही है। 15 जून की रात को तो भारत-चीन बॉर्डर पर विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ओर जवानों की मौत देखने को मिली। वर्ष 1967 के बाद ऐसा पहली बार था जब दोनों देशों की सेनाएँ इस प्रकार हिंसक मुठभेड़ का शिकार बनी हों। इस पूरी घटना के बाद चीन बैकफुट पर है। एक तरफ चीनी मीडिया जहां इस पूरे मुद्दे पर चुप है, तो वहीं चीनी सरकार भी लगातार भारत से स्थिति को शांत करने की अपील कर रही है। ऐसा लगता है मानो चीन को इस बार भारत के हाथों कुछ बेहद महत्वपूर्ण चीज़ खोने का डर सता रहा है।आज जिस जगह भारत-चीन के बीच यह विवाद हुआ है, वहाँ वर्ष 1962 के युद्ध के दौरान भी काफी तनाव देखने को मिला था। वर्ष 1962 में चीन की सेना ने लद्दाख पर धावा बोलकर भारत के अक्साई चिन को अपने में मिला लिया था। उसके बाद से भारत सरकार ने कभी इस हिस्से को चीन से वापस लेने का विचार नहीं किया। हालांकि, पिछले कुछ सालों में मोदी सरकार ने अपनी मशाओं को साफ जाहिर किया है। अगस्त में भारतीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में खड़े होकर कहा था “पूरा अक्साई चिन भारत का है, जब मैं कश्मीर की बात करता हूँ, तो मेरा मतलब पाक और अक्साई चिन से भी होता है”। उसी के बाद से भारत सरकार ने लद्दाख में बड़ी तेजी से इनफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम किया है। ये इनफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स सिर्फ लद्दाख तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे भारत-चीन बॉर्डर पर ही भारत सड़कों का जाल बिछा रहा है। चीनी सरकार और सेना को इससे बड़ी पीड़ा पहुंची है, क्योंकि भारत भविष्य में बड़ी ही आसानी से बॉर्डर इलाकों तक पहुँच जाएगा।लद्दाख में सबसे अहम और बड़ी सड़क सड़क इस साल के अंत तक बनकर तैयार हो जाएगी। सरकार ने लद्दाख में जारी विवाद के दौरान भी इस निर्माण कार्य को नहीं रोका। भारत ने इसके उलट निर्माण कार्य को तेज कर दिया। भारत सरकार ने झारखंड से अतिरिक्त 1600 मजदूरों को बुलाकरकाममेंतेजीलाने कीमुताबिक झारखंड के मजदूरों को पहाड़ी इलाकों पर काम करने का ज़्यादा अनुभव है, ऐसे में उन्हें लद्दाख बुलाया गया।चीन को लगता है कि जैसे ही भारत अपने यहाँ इनफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को पूरा करेगा, वैसे ही वह अक्साई चिन को वापस भारत में मिलाने की कोशिशें शुरू कर देगा। जिस प्रकार भारत को वापस लेने की तैयारी शुरू कर चुका है, उसी प्रकार चीन को लगता है कि भारत कहीं उससे अक्साई चिन भी ना छीन ले! चीन जिस तरह की वारदात भारत के खिलाफ षड्यंत्रर रच रहा है उसका मित्र आतंकवादी देश पाकिस्तान जिस तरह से चीन की गोदी में बैठ गया है जिसकी हैसियत कुछ नहीं है पाकिस्तान जैसे देश की वह आतंकवाद से भारत से नहीं जीत सका तो अब चीन का सहारा लेकर उस भिखारी देश पाकिस्तान की रोजी रोटी  कर्ज में चल रही है कर्ज से डूबा है जो कर्ज से से डूब चुका है वह कैसे किसी के सामने मुंह दिखाने की स्थिति में होगा। पाकिस्तान वैसे जिंदा तो है लेकिन एक लाश के समान है। जिस तरह कर्ज में डूबा है,और जम्मू कश्मीर के क्षेत्रीय दल और नेता फारूक अब्दुल्ला ने जो बयान दिया कि हम चीन को पसंद करते हैं। तो क्या यह कश्मीर को चीन ले जाने की कोशिश कर रहे हैं फारूक अब्दुल्ला जो आप के मंसूबे हैं , वह आपके जीवन में क्या हजारों पीढ़ियों तक वह सपने आपके पूरे नहीं हो सकेंगे इसलिए भारत के नागरिक वनो भारत की बात बोलो , भारत देश अपना इतना अच्छा है आतंकवादियों को शह देने वाले आप जैसे काश्मीर के क्षेत्रीय दलों ने आतंकवाद को बहुत बड़ा नेटवर्क को संरक्षण दिया है। आज वही आतंकवाद समाप्त की कगार पर है जिस कारण आप लोग विचलित है।क्योंकि आपकी सत्ता नहीं है और आप इस समय चाल चलने की जुगत में हो चीन का बयान आपके द्वारा दिया गया यह आपकी हार मानसिकता का प्रतीक है। भारत में रहने वाला हर एक व्यक्ति आपके जैसों की मानसिकता को छोड़कर 100 करोड़ लोग कश्मीर को भारत के अभिन्न अंग में से एक अंग है मानते हैं जो शरीर का महत्वपूर्ण अंग होता है वह भारत का कश्मीर एक वह हिस्सा है जिसे कोई छीन नहीं सकता इसलिए मुंगेरीलाल के हसीन सपने देखना बंद करो, वास्तविक दुनिया में आओ और सच्चाई सहने की हिम्मत रखो कश्मीर भारत का है था और आगे रहेगा कुछ ही समय में भारत पीओके को भी कश्मीर में मिलाकर भारत का एक राज्य पूर्ण राज्य का दर्जा पीओके के आने के बाद प्राप्त हो जाएगा ,यह मेरा विश्वास है ।और यह वर्तमान सरकार इस पर अवश्य कार्य करेगी जो पीओके भारत का था और भारत को मिलेगा जिसे किसी की हैसियत नहीं है जो जम्मू कश्मीर को ले सकें हिंदुस्तान के एक एक व्यक्ति के जीवित रहते और सूरज और चंद्रमा का उगना जब तक रहेगा तब तक कश्मीर भारत का अंग रहेगा फारूक अब्दुल्ला कान खोल कर सुन लो बच्चों वाली डीटवाली हरकत छोड़ दो, ना चीन ना पाकिस्तान ना कश्मीर में आप जैसे गद्दार क्षेत्रीय दल और ना ही नेपाल कि माओवादी सरकार किसी की हैसियत नहीं है जो भारत से कश्मीर लेने की सोच  सके, यह 130 करोड़ आबादी की आवाज है जिस दिन चाहेगी भारत देश की जनता पूरा पाकिस्तान और नेपाल और चीन का बहुत सारा हिस्सा भारत में होगा, आज का भारत नया भारत है 2020 का भारत है।कुछ विसंगतियां पूर्व सरकारों में रही जिन्होंने सेना की तरफ विकसित एवं मजबूती की तरफ ध्यान नहीं दिया आज की वर्तमान केंद्र की सरकार  पूर्ण रूप से ध्यान दे रही है, लेकिन आज की सरकार ने जिस तरह सेना को मजबूत किया है आज सेना विश्व में हर क्षेत्र में भारत की सेना मात देने में सक्षम है। राफेल वायुसेना में सम्मिलित होने के बाद एक बड़ी ताकत के रूप में भारत कर रहा है अक्टूबर माह में राफेल कुछ और प्राप्त होंगे फ्रांस से भारत सेना को मजबूत कर रहा है ।और हर चुनौती का सामना करने के लिए आज की भारत की जनता के साथ भारत की सेना पूर्ण रूप से तैयार है।

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages