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Friday, September 18, 2020

मल्टीनेशनल कंपनी के डायरेक्टर के भाई की आकस्मिक मृत्यु...............

 (आमजा भारत)

........................... लखनऊ बड़े दुख के साथ यह लिखना पड़ रहा है  देश की सबसे बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी के डायरेक्टर के छोटे भाई का इलाज के दौरान हल्की उम्र में आकस्मिक निधन हो गया, कम उम्र में मृत्यु हो गई पूरा परिवार शोकाकुल है इस आकाशमिक  घटना से, क्योंकि आ समय उनके चले जाने से मल्टीनैशनल कंपनी के डायरेक्टर श्री एस बी सिंह जी एवं उनका पूरा परिवार बहुत दुख  में है । परिवार में कोई भी व्यक्ति नहीं रहता है उस समय के क्षण इतने कठोर दुखदाई एवं कष्ट दाई होते हैं, जिसे शब्दों में इस दुख को बताना बड़ा मुश्किल है , दुख को सहेना बड़ा मुश्किल है ।इंसान जितना ताकतवर हिम्मती हो जितना भी मजबूत क्यों ना हो  पर टूट जाता है ,क्योंकि ईश्वर का सर्वोपर दर्जा प्राप्त है , उसके निर्णय को हमें स्वीकार करना पड़ता है।वह किस समय क्या किसको किस हालात में लाकर खड़ा करते हैं यह ईश्वर को ही मालूम है। मल्टीनेशनल कंपनी के डायरेक्टर के छोटे भाई कि आकाशमिक मृत्यु पर इतने ज्यादा विचलित और परेशान हैं कि जो दूसरों को हिम्मत देते थे आज


छोटेभाई की मृत्यु के बाद मन से टूट चुके हैं ,उन्हें इस संकट की घड़ी में हिम्मत के साथ इस दुख को सहने की ईश्वर क्षमता प्रदान करें। क्योंकि असली सत्य यही है इंसान का उसे दुख भुलाने में समय लगता है, लेकिन आप साहसी व्यक्ति हैं और इस साहस का इस संकट में अपने परिवार को अपने को मजबूती के साथ इस दुख को सहने की ईश्वर आपको शक्ति प्रदान करें। जब आप टूट जाएंगे हिम्मत हार जाएंगे आपके पीछे आपका पूरा परिवार वह परेशान होगा आपको इस हालात में देखकर इसलिए आप हिम्मत साहस का परिचय देते हुए यह दुख  असहाय  है लेकिन हमें हमें विश्वास करते हुए  स्वीकार करके इसे मानना पड़ेगा, क्योंकि  जिंदगी इसी का नाम है। वर्ष 2018 में 27 अगस्त को मेरी भाभी रायबरेली मैं अपने निवास स्थान पर खत्म हो गई मुझे सूचना मिली मुझे विश्वास नहीं हो रहा की मेरी मां तुल्य भाभी जी की आकस्मिक मृत्यु रायबरेली में हो गई। भाभी जी के दुख से उबर नहीं पाए थे, 3 अक्टूबर 2018 को मेरे भाई की भी अचानक मृत्यु हो गई। मैं हक्का-बक्का रह गया मेरी समझ में नहीं आ रहा था यह क्या हो गया सब कुछ अच्छा चल रहा था अचानक यह कैसा दुख का पहाड़ हमारे ऊपर आ गया, मैं रोते-रोते परेशान हो गया क्योंकि वह भाई नहीं थे मेरे पिताजी की मृत्यु के बाद भाई और भाभी ने मुझे पुत्र की तरह रखा और पढ़ाया था। मैं बहुत विचलित हो गया लेकिन हिम्मत करनी पड़ी कि मेरे विचलित होने से मेरे परिवार मेरी पत्नी मेरी बेटी मेरा बेटा दोनों बच्चे मैं रोने लगता था तो वह मुझे देख कर मुझसे ज्यादा रोने लगते थे तो मैंने हिम्मत को बनाया और अंदर ही अंदर घुटता रहा। मेरे बच्चे और मेरी पत्नी मुझे जहां देखे अकेले बैठे हैं सोच रहे हैं तुरंत मेरे पास आ जाती है। और मेरे पास बच्चों को भेज देती थी मैं दुख को समझता हूं । इसलिए आपसे मेरा निवेदन है आप हिम्मत रखें और साहस के साथ इस दुख को सहने की ईश्वर आपको अपार शक्ति प्रदान करें और दिवंगत आत्मा को ईश्वर शांति प्राप्त हो।

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