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Friday, September 18, 2020

एक गांव प्रतिमाह होना चाहिए सुपोषित: डीएम

कुपोषित बच्चों को भर्ती कराएगी आरबीएसके टीम

आंगनबाडी केन्द्रों में पोषण वाटिका, न्यूट्री गार्डन बनाने के दिए निर्देश 

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। जिलाधिकारी शेषमणि पाण्डेय की अध्यक्षता में पोषण अभियान के क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण के संबंध में डिस्ट्रिक्ट कन्वर्जेंस एक्शन कमेटी की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई।

जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास मनोज कुमार को निर्देश दिए कि जितने भी विभाग कन्वर्जेंस के हैं और उन्होंने अभी तक पोषण माह के अंतर्गत कराए गए कार्यों की फीडिंग नहीं कराई है तो संबंधित विभागों से जवाब तलब किया जाए। मुख्य विकास अधिकारी से कहा कि सभी सहयोगी विभागों से समन्वय स्थापित कर फीडिंग की कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत लाभार्थियों को पोषाहार का वितरण समय से कराया जाए। इसमें नोडल अधिकारियों के निरीक्षण के अलावा रेंडम चेकिंग भी हो। गर्भवती, धात्री महिलाओं को शत-प्रतिशत पोषाहार वितरण कराया जाए। बीएचडी के दिन सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी अपने अपने क्षेत्र का भ्रमण कर फोटोग्राफ्स ग्रुप में डाले। प्रतिदिन की निरीक्षण आख्या भी जिला कार्यक्रम अधिकारी के माध्यम से भेजना सुनिश्चित करें। उन्होंने सुपोषित गांव पर कहा कि इस वर्ष 22 गांव के लक्ष्य के अनुरूप कहा कि 5 गांव और बढ़ाएं जाएं। प्रतिमाह सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी एक-एक गांव

बैठक में निर्देश देते डीएम।

संतृप्त अवश्य करें। जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी से कहा कि ग्राम प्रधान व एएनएम के खाता ग्राम पंचायत पर खुले हैं। प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर वजन मशीन होना चाहिए। निर्धारित लक्ष्य के अनुसार पोषण पुनर्वास केंद्र पर जितने बच्चों को भर्ती कराना है उन्हें भर्ती कराकर स्वास्थ्य लाभ दिया जाए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी विनोद कुमार को निर्देश दिए कि आरबीएसके की टीम को कोविड-19 से पूर्णतया छोड़ दिया जाए। ताकि पोषण पुनर्वास केंद्र में स्वास्थ्य परीक्षण कराकर कुपोषित बच्चों को भर्ती कराया जा सके। उन्होंने कहा कि आरबीएसके की टीम गांव में जाकर स्वास्थ्य परीक्षण करे। कहां की कुपोषण शासन की प्राथमिकता वाले बिंदु पर है। लगातार इसकी समीक्षा की जा रही है। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी से कहा कि जिन बाल विकास परियोजना अधिकारियों ने अभी तक एक भी कुपोषित बच्चे पोषण पुनर्वास केंद्र पर भर्ती नहीं कराया है उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी की जाए। बाल विकास परियोजना अधिकारी शहर को निर्देश दिए की पोषण वाटिका जिन आंगनवाड़ी केंद्रों पर जगह है वहां पर बनाया जाए जहां पर जगह कम है वहां पर न्यूट्री गार्डन की व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। इस माह के अंत तक सभी जगह लक्ष्य के अनुरूप पोषण वाटिका व न्यूट्री गार्डन का निर्माण कर अगली बैठक में फोटोग्राफ्स के साथ उपस्थित हो। प्रत्येक परिवार को सरकारी गौशाला से एक एक दुधारू पशु अवश्य दिलाएं। उन्होंने डीसी मनरेगा को निर्देश दिए कि प्राथमिकता के आधार पर मनरेगा का जॉब कार्ड बनाकर अधिक से अधिक कुपोषित बच्चों के परिवारों को रोजगार दिलाएं। जिला पंचायत राज अधिकारी को यह भी निर्देश दिए कि जिन आंगनबाड़ी केंद्रों पर अभी तक शौचालय नहीं बने हैं तो एक सप्ताह के अंदर निर्माण कार्य कराया जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अमित आसेरी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ विनोद कुमार, डीसी मनरेगा दयाराम यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रकाश सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी संजय कुमार पांडेय, जिला विद्यालय निरीक्षक बलिराज राम, अधीक्षक जिला चिकित्सालय डॉ आरके गुप्ता सहित संबंधित अधिकारी व बाल विकास परियोजना अधिकारी मौजूद रहे।


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