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Saturday, September 5, 2020

प्रतिबन्धित पालीथीन का जिले में धड़ल्ले से हो रहा उपयोग

दो-चार दिन अभियान चलाकर सुस्त हो जातीं नगर पालिका व पंचायतें 

जलभराव को बढ़ावा देने में भी सहायक सिद्ध होती पालीथीन 

फतेहपुर, शमशाद खान । स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पालीथीन को सरकार द्वारा पूरे प्रदेश में प्रतिबन्धित कर दिया गया था। इसके बावजूद जिले में धड़ल्ले से अब भी पालीथीन का इस्तेमाल हो रहा है। प्रत्येक दुकानदार आज भी पालीथीन में ही सामान बेंच रहे हैं। समय-समय पर नगर पालिका व नगर पंचायतों द्वारा अभियान चलाकर अपनी जिम्मेदारियों से इतिश्री कर ली जाती है लेकिन आज तक पालीथीन के चलन पर पूर्णतः प्रतिबन्ध नहीं लग सका। यह पालीथीन जलभराव को बढ़ावा देने में भी सहायक सिद्ध होती है। 


पालीथीन में सब्जियां ले जाते लोग।

बताते चलें कि प्रदेश में पालीथीन के चलन को बंद कराये जाने के लिए समय-समय पर आवाजें उठती रही है। जिसको लेकर योगी सरकार ने निर्णय लेते हुए पालीथीन के प्रचलन पर रोक लगा दी थी। सभी सम्बन्धित विभागों को चेतावनी दी गयी थी कि प्रतिबन्धित पालीथीन का चलन बाजार से खत्म किया जाये और अभियान चलाकर पालीथीन का उपयोग करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाये। इतना ही नहीं ग्राहकों को भी जागरूक किया जाये कि पालीथीन की जगह घर के बने झोलों का इस्तेमाल करें। जागरूकता अभियान चलाये जाने के बावजूद जनता जागरूक नहीं हुयी और आज भी पालीथीन पर ही निर्भर है। बाजार जाने वाले लोग खाली हाथ पहुंचकर पालीथीन में सामान लाते हुए दिखाई देते हैं। उधर सभी दुकानदारों के यहां भी पालीथीन मिल जाती है। पालीथीन के चलन पर रोक लगाये जाने की खातिर समय-समय पर नगर पालिका व नगर पंचायतों द्वारा अभियान चलाया जाता है। लेकिन यह अभियान मात्र दिखावा साबित होता है। दो चार दिन अधिकारी सड़क पर निकलकर दुकानदारों के यहां छापा मारकर इतिश्री कर लेते हैं और फिर अभियान ठण्डे बस्ते में चला जाता है। जिसका नतीजा है कि आज भी बाजार से पालीथीन गायब नहीं हुयी है। धड़ल्ले से इसका प्रचलन जारी है। पालीथीन इस्तेमाल करने के बाद लोग इसे कूड़ेदान में फेंक देते हैं जो तेज हवा के कारण नाला एवं नालियों में जाकर इसे चोक करने का काम करती है। जिसके चलते जलभराव की समस्या भी उत्पन्न हो जाती है और सफाई कर्मियों को नाला एवं नालियों की सफाई करने में भी जद्दोजहद करनी पड़ती है। जिले के संभ्रान्त लोगों ने पालीथीन के चलन पर पूर्णतः रोक लगाये जाने की मांग उठायी है। 


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