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Sunday, September 27, 2020

सदर अस्पताल गेट पर प्राइवेट एम्बुलेन्स चालकों ने जमाया डेरा

नवनिर्मित चौराहे के एक साइड रोड पर किया कब्जा 

स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य उच्चाधिकारियों की नहीं जा रही निगाह 

फतेहपुर, शमशाद खान । शहर क्षेत्र में बड़ी संख्या में प्राइवेट एम्बुलेन्सों की भरमार है। यह एम्बुलेन्स स्वामी किसी प्राइवेट नर्सिंग होम से सार्टिफिकेट लेकर एम्बुलेंस का रजिस्ट्रेशन कराकर सदर अस्पताल के गेट पर खड़े हो जाते हैं और यहां एम्बुलेन्स स्वामियों द्वारा जनता को लूटने का धंधा शुरू होता है। एक-एक करके इस स्थान पर लगभग एक दर्जन से अधिक एम्बुलेंस हर समय खड़ी रहती हैं। जिससे नवनिर्मित पालिका तिराहा के एक रोड साइड पर कब्जा जमा लिया है। जिससे इस चैराहे की जहां रौनक बदरंग हो गयी है वहीं इन चालकों की छींटाकशी से महिलाएं व युवतियां भी परेशान हैं। अस्पताल गेट पर खड़ी एम्बुलेंसों की ओर न तो स्वास्थ्य विभाग चेत रहा है और न ही उच्चाधिकारियों की निगाह जा रही है। जिससे लोगों में रोष व्याप्त है। 

सदर अस्पताल गेट के बाहर खड़ी एम्बुलेंस।

बताते चलें कि सदर अस्पताल गेट पर खड़ी होने वाली प्राइवेट एम्बुलेंसों के स्वामियों ने जिला चिकित्सालय स्टाफ से पूरी सांठगांठ बना रखी है। इसके चलते ही सदर अस्पताल में मरीजों को कानपुर, इलाहाबाद व लखनऊ रिफर करने का खेल चलता है। प्रतिदिन बड़ी संख्या मंे मरीजों को गैर जनपद रिफर किया जाता है और रिफर किये जाने वाले मरीज के तीमारदार प्राइवेट एम्बुलेंसों का सहारा लेते हैं। यह एम्बुलेंस चालक कानपुर, इलाहाबाद व लखनऊ जाने के नाम पर तीमारदारों से मोटी रकम वसूल करके अपने धंधे को चमकाने में लगे हुए हैं। बेचारा मरीज का तीमारदार अपने मरीज को जल्दी पहुंचाने के चक्कर में इनकी बातों में आकर मोटी रकम देने के लिए हामी भर लेते हैं। इस गोरखधंधे की वजह से प्रतिदिन शहर में प्राइवेट एम्बुलेंसों की संख्या बढ़ती जा रही है। इस खेल में प्राइवेट नर्सिंग होम संचालक भी शामिल हैं। क्योंकि यही एम्बुलेंसों को अपने अस्पताल का सार्टिफिकेट देने का काम करते हैं। अस्पताल गेट पर प्रतिदिन प्राइवेट एम्बुलेंसों की धमाचैकड़ी देखी जा सकती है। तत्कालीन जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह ने इन एम्बुलेंसों पर लगाम लगाई थी। उनके कार्यकाल में प्राइवेट एम्बुलेंस सदर अस्पताल के बाहर दिखाई नहीं देती थी। इसी बीच नगर पालिका परिषद द्वारा पालिका तिराहे पर चैराहे का निर्माण शुरू कराया गया था। इस समय चैराहे का निर्माण पूरी तरह हो गया है। चैराहे के आस-पास रोड का भी निर्माण करा दिया गया है। लेकिन अस्पताल की बाउण्ड्री से सटाकर यह एम्बुलेंस चालक अपने-अपने वाहनों को खड़ा कर देते हैं। जिससे चैराहे का एक साइड रोड पूरी तरह से बंद हो जाता है। एक साइड रोड से आने-जाने वाले वाहन निकलते हैं जो जाम का कारण भी बनते हैं। इस अव्यवस्था को लेकर लोगों में जबरदस्त रोष भी व्याप्त है। प्राइवेट एम्बुलेंसों की इस धमाचैकड़ी पर स्वास्थ्य विभाग की निगाह तो जाती है लेकिन सांठगांठ के चलते इन पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती। वहीं प्रतिदिन अस्पताल मंे अधिकारियों का आना-जाना भी लगा रहता है। साथ ही स्थानीय पुलिस का आवागमन भी रहता है इसके बावजूद इन पर कार्रवाई न किया जाना चर्चा का विषय बना हुआ है। 


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