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Monday, August 3, 2020

भाइयों की कलाई पर बहनों ने बांधी स्नेह भरी रेशम की डोर

अपनी बहनों की सदा रक्षा करने का भाइयों ने लिया संकल्प 
आनलाइन राखी बांधकर भी मनाया गया रक्षाबंधन का पर्व 
सभी के मन में स्पष्ट नजर आया कोरोना वायरस का खौफ 

बांदा, के एस दुबे । कोरोना वायरस ने दुनिया को पूरी तरह से उथल पुथल करके रख दिया हैं। सभी त्योहारों का जैसे सिस्टम ही बदल गया है। सात समंदर पार रहने वाला भाई अपनी बहन से राखी बंधवाने के लिए आता था। लेकिन अबकी बार कोरोना वायरस ने इस सिलसिले को भी तोड़ दिया। दूरदराज रहने वाली बहनें और भाई एक-दूसरे से मिल तो नहीं सके, लेकिन आनलाइन राखी बांधने का सिलसिला चला। घरों में रहने वाले अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाते हुए बहनों ने स्नेह भरी रेशम की डोर बांधी। भाइयों ने अपनी बहनों को रक्षा करने का संकल्प लिया और उपहार भी भेंट किए। 
भाई की कलाई पर राखी बांधती बहन
सोमवार को बहनों ने अपने भाईयों की कलाई पर राखी बांध दीघार्यु की कामना की। भाई की कलाई पर राखी बांधने के साथ ही रोली-चावल से तिलक्र किया। आरती उतारी और मुंह मीठा कराया। भाइयों ने बहनों को उपहार दिए और बहन की रक्षा लिया। वैसे तो भाई बहन के इस पवित्र त्योहार में कभी भी राखी बांधी जा सकती है लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राखी मुहूर्त के अनुसार बांधनी चाहिए। सुबह से ही घरों में उल्लास रहा। सबसे पहले
भाई को राखी बांधती बहन
घरों में रक्षाबंधन पर भगवान गणेश के राखी बांधी और घर में पूजा अर्चना की गई। बहनों ने भाई का मुंह मीठा कराया। छोटे-छोटे बच्चों में रक्षाबंधन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही राखी और मिठाइयों की दुकानों में भीड़ उमड़ी रही। शहर के प्रमुख बाजार से लेकर गलियों तक दर्जनों राखी की दुकानें सजी रहीं। मिठाइयों की दुकानों में भी खासी भीड़ रही। हालांकि दो दिवसीय लॉकडाउन के बीच रविवार को शासन ने राखी व मिठाईयों की दुकानों को राहत दे दी थी। ऐसे में ज्यादातर लोगांे ने रविवार को ही राखी और मिठाई की खरीददारी कर ली थी। लेकिन सोमवार की सुबह से भी दुकानों में खरीददारों की भीड़ लगी रही। 
राखी बांधने के बाद मासूम भाई को मिठाई खिलाती बहन

बंदियों ने एक दूसरे को राखी बांध कर मनाया रक्षाबंधन
बांदा। रक्षाबंधन के त्योहार पर प्रतिवर्ष मंडल कारागार में बहनों की भीड़ जुटती थी और अपने भाईयों को राखी बांधने की छूट होती थी, लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण के चलते जेल में बंद कैदियों को अपनी बहनों के हाथों राखी बंधवाने का अवसर नहीं मिल सका। कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते जेल में बंदियों से मुलाकात पर प्रतिबंध लगा हुआ है। ऐसे में शासन ने जेल में निरुद्ध बंदियों की बहनों को लिफाफे में बंद राखी भेजने की अपील की थी। प्रभारी जेल अधीक्षक आरके सिंह ने बताया कि जेल प्रशासन को राखी भेजने की अंतिम तारीख तक कुल 30 राखियां प्राप्त हुईं। बताया कि एक दूसरे को राखी बांधकर बंदियों ने रक्षाबंधन मनाया। बंदियों के लिए जेल प्रशासन की ओर से विशेष भोजन का इंतजाम किया गया।  
दुकान में मिठाई खरीदने के लिए लगी भीड़

मिठाई की दुकानों में उमड़ी भीड़ 
बांदा। रक्षाबंधन पर्व में राखी के साथ ही मिठाई का बड़ा महत्व है। इसको लेकर नामचीन मिठाई की दुकानों में सुबह से देर शाम तक खरीददारी के लिए जबरदस्त भीड़ रही। कचहरी रेलवे क्रासिंग पर स्थित दो नामचीन मिठाई की दुकानों में जबरदस्त भीड़ होने के कारण जाम जैसे हालात रहे। रक्षाबंधन पर्व के दिन करोड़ों रुपए की मिठाई की बिक्री हुई। पूरे शहर की मिठाई की दुकानें भी खरीददारों से गुलजार रहीं। शहर के छोटी बाजार, बाबूलाल चैराहा, मुख्य बाजार के अलावा छोटी दुकानों में भी मिठाई की जमकर बिक्री हुई। 

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