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Monday, August 24, 2020

तूल पकड़ रहा जीजीआईसी कमासिन में अवैध वसूली का मामला

छात्राएं सोमवार को पहुंची कलेक्ट्रेट, अधिकारियों को दिया ज्ञापन 

छात्राओं ने बताया: रसीद मांगने पर दी जा रही हैं धमकियां 

बांदा, के एस दुबे । कमासिन जीजीआईसी में जिस तरह से छात्राओं से अवैध वसूली की गई, उसकी परत दर परत खुलने के भय स से अब छात्राओं को धमकाया जाने लगा है। लेकिन छात्राओं का साहस टूटता नजर नहीं आ रहा है। छात्राएं सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंची और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अधिकारियों को सौंपते हुए कार्रवाई किए जाने की मांग की है। 

मुख्यमंत्री सहित उच्चाधिकारियों को भेजे गये पत्र में छात्राओं ने बताया कि कमासिन क्षेत्र का इकलौता विद्यालय जीजीआईसी हैं जिसमें 85 ग्राम सभा व गांव मजरों एवं पुरवा की छात्रायें शिक्षण कार्य करती है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण उच्च अधिकारियों के सहयोग से प्रधानाचार्या व उनके पति द्वारा अवैध तरीके से लूट खसोट की जाती है। फीस की रसीद मांगने पर छात्राओं का आर्थिक एवं मानसिक सोशण किया जाता है। छात्राओं ने बतया

कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपतीं छात्राएं
कि कोविड-19 के महामारी के दौरान एवं शासन के आदेश के बाद भी कमासिन जीजीआईसी की प्रधानाचार्या द्वारा सत्र 2020-21 की प्रवेश शुल्क कक्षा 9 व 11 की 13 सौ रूपये से 1470 तक तथा 10 से 12 की प्रवेश शुल्क 1460 रूपये से 1650 रूपये लिये जा रहे है। रसीद मांगने पर धमकी दी जाती है। इसके अलावा बोर्ड परीक्षा शुल्क चार सौ रूपये अलग से लिये गये हे। एनसीसी डेªस वितरण में प्रधानाचार्या द्वारा छात्राओं से पांच सौ रूपये लिये गये हे। कुछ छात्राओं को पैसा जमा करने के बाद भी डेªस नही दी गई। विद्यालय भवन में लगे पंखों की मरम्मत एवं फर्श बनवाने के लिये छात्राओं से दो-दो सौ रूपये लिये गये। प्रधानाचार्या द्वारा स्कूल से ही स्कालर फार्म की बिक्री की जाती है। कालेज से ही स्कालर फार्म आनलाइर्न करवाने का शुल्क दो सौ रूपये लिया जाता है। इसी तरह प्रवेश फार्म, टीसी काटने आदि में भी अवैध वसूली की जाती है। इसके अलावा छात्राओं ने बताया कि यदि छात्रा या अभिभावक प्रधानाचार्या से फीस या अन्य मदों पर ले रही भारी भरकम फीस के बारे में जानने जाता है तो प्रधानाचार्या व उसके पति द्वारा डराया धमकाया जाता है। जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुये अभद्रता की जाती है। छात्राओं ने मांग की है कि सभी बिन्दुओं की जांच कराकर प्रधानाचार्या के खिलाफ कार्यवाही की जाये। जिससे छात्राओं का भविष्य खराब न हो। इस दौरान किरन मौर्य, खुशी मिश्रा, मधु देवी, खुशी देवी, आरती यादव, सुमन देवी, खुश्बू मिश्रा आदि छात्रायें उपस्थित रही।


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