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Sunday, August 30, 2020

बवनी इमली में दीप जलाकर शहीदों को किया नमन

स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की शहादत पर डाला प्रकाश

फतेहपुर, शमशाद खान । लौह पुरूष सरदार बल्लभ भाई पटेल फाउंडेशन के तत्वाधान में अखण्ड भारत के निर्माता भारत रत्न, स्वतंत्र भारत के प्रथम उप प्रधानमंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की 145 वीं जयंती के अवसर पर महापुरुाों/स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की प्रतिमा स्थल/जन्म स्थली में दीप प्रज्जवलन कार्यक्रम के अभियान की शुरुआत प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी 1857 के स्वतंत्रता सेनानियों के गौरव की प्रतिमा स्थली बावन ईमली, खजुहा में दीप प्रज्जवलन, माल्यार्पण के साथ की गयी। तत्पश्चात ठाकुर जोधा सिंह अटैया के कृतित्व व व्यक्तित्व पर विस्तृत विचार गोष्ठी आयोजित की गई। 

जोधा सिंह अटैया की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते फाउण्डेशन के पदाधिकारी।

गोष्ठी को संबोधित करते हुए फाउंडेशन के मुख्य ट्रस्टी राजेश सिंह ने बताया कि जनपद के स्वतंत्रता संग्राम 1857 के गौरव ठाकुर जोधा सिंह अटैया ने 51 साथियों के साथ जो बलिदान दिया था वह निश्चित ही हमारे लिए स्वतंत्र भारत के लिए एक नींव का पत्थर साबित हुआ। जिसके फलस्वरूप आजाद देश के नागरिक होने का गौरव अनुभव कर रहे हैं। फाउंडेशन के प्रमुख महासचिव आचार्य कमलेश योगी ने बताया कि बावनी इमली के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 28 अप्रैल 1858 को इसी स्थान पर इसी इमली के पेड़ में इस महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं इनके 51 साथियों को फाँसी पर जो ब्रिटिश सरकार ने जो पाप किया था और इन शहीदों के मृत शरीर को जनता ने भयवश पेड़ों ने नही उतारा था। इन शहीदों के शवों को पक्षियों ने क्षत विक्षत किया था ऐसे क्रूर व नृशंस कृत्य को धता बताते हुए महाराज सिंह पहुर रामपुर निवासी ने 3 जून की रात को अस्थि पंजरों को ले जाकर दाह संस्कार किया। कार्यक्रम में उपस्थित डॉ. अनुज सिंह रावत ने अपनी ऐतिहासिक धरोहरों को संभालने व उनके आदर्शों को जीवन में उतारकर अपने जीवन का मूल्य समझे व हमारे पूर्वजों द्वारा दिये गए बलिदान को सार्थक बनायें। इस मौके पर अभिषेक, वीरेंद्र कुमार पाल, जय वर्मा, कमल सिंह, राजेन्द्र सिंह, मूल चंद्र सिंह, अरुण कुमार पटेल, राकेश, रमा शंकर, सियाराम, मोईद अहमद, मुशीर, राम सहर पटेल, अशोक उत्तम, नवल सिंह पटेल, जगदीश चंद्र आदि में सक्रिय सहभाग किया व सभी ने यह प्रण लिया कि हर वर्ष इसी तरह का कार्यक्रम जारी रहेगा।


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