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Thursday, August 13, 2020

झांसी यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक एवं कुलपति की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह....................

(आमजा भारत)

..... आपको बताना चाहते हैं झांसी यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश की सबसे खराब यूनिवर्सिटी में गिनी जाती है। जहां पर पढ़ाई के नाम से छलावा है इस संबंध मैंने कई बार परीक्षा नियंत्रण अजय कृष्ण यादवपरीक्षा नियंत्रक की कई बार मैंने कुलपति से उनके व्यवहार के  संबंध में बात की कुलपति प्रोफेसर वैशम्पायन तथा इनका नियंत्रण झांसी यूनिवर्सिटी में बिल्कुल नहीं रह गया है।किसी मुद्दे को वहां के कुलपति ने  सुलझाने का काम नहीं किया है ।झांसी यूनिवर्सिटी के कोई बात किसी के सुनना पसंद नहींकरते हैं। कोई कमी कोई जानकारी अगर प्राप्त होती है वह कुलपति महोदय से बात करके उसके समाधान के लिए जब हम कहते हैं,छात्र छात्राओं की बहुत सी दिक्कतें आ रही हैं। उनका समाधान कीजिए परंतु कुलपति जी को यह दिक्कतें छात्रों को आ रही हैं, उसे सुनने और समझने का वक्त नहीं है, बड़ा शोषण हो रहा है उसे सुनने का समय नहीं है। उस पर चुप्पी साध लेते हैं। जब हम कहते हैं सर हमारी पूरी बात तो सुनिए कोई भी निर्णय नहीं करते हैं सारे काम पेंडिंग में पड़े हैं वहां के स्टाफ कहते हैं कुलपति क्या करेंगे जो कुछ करना होता है हम लोग करेंगे। मुझे बताया कि जब से कुलपति झांसी के वर्तमान समय में है इनके द्वारा सारे काम पेंडिंग में बहुत से काम मुझे बताए गए । आप कोई उस समस्या शिकायत लेकर जाते हैं तो कुलपति महोदय का कहना होता है प्रोफ़ेसर आपको जैसा एवं जिन लोगों ने किया हो उन्हीं से मिलिए हमसे बात

ना करिए यह कुलपति महोदय के शब्द हैं। मिलिए हमसे ना कहिए यह बात एक कुलपति की एक यूनिवर्सिटी के जिसका नाम है झांसी यूनिवर्सिटी के कुलपति का यह कथन है। वहीं पर परीक्षा नियंत्रक हैं अजय कृष्ण यादव तो परीक्षा नियंत्रक कम है उनकी भाषा शैली बहुत ही गंदी बहुत ही तीखी है। कुछ लोगों ने बताया इनके संबंध सपा के बड़े-बड़े नेताओं से हैं ।कुछ बुंदेलखंड के सपा नेताओं से  संबंध है तथा उनके सारे काम परीक्षा नियंत्रण करते रहते हैं वहां पर कोई नियम कानून सब ताख में रख दिया जाता है। इसी संबंध में संबंधी जो हैं नियम कानून ताक में रखकर किए जाते हैं ऐसा वहां के लोगों ने बताया। इस संबंध में कई बार उनके चेंबर मिलने गया वह मुझे मोबाइल से गेम खेलते हुए दो चार लोग बैठे मिले मतलब वह परीक्षा नियंत्रण को इतनी फुर्सत नहीं है कि वह सही तरीके से कोई बात को जानकारी प्राप्त कराएं वह सुन सके। और ना ही बोलने का तरीका उनका बिल्कुल खराब है ।इस संबंध में मैंने माननीय राज्यपाल महोदय को माननीय मुख्यमंत्री जी को इस संबंध में पत्र द्वारा जानकारी दूंगा और उनको मेल आईडी के द्वारा यहांके कुलपति और अन्य प्रोफेसरों के बारे में   बताने का प्रयास करूंगा, एक बार मैंने महामहिम राज्यपाल महोदय को इस संबंध में चिट्ठी लिखा भी था पुनः मुझे इस संबंध में कार्यवाही करने की आवश्यकता दिखाई दे रही है। क्योंकि झांसी यूनिवर्सिटी छात्र छात्राओं के लिए वहां के लोग न्याय प्रिय नहीं है उसी में एक नाम आता है प्रोफेसर मुन्ना तिवारी जिनको अन्य कालेजों से उनकी कुछ डिग्री में कमी होने के कारण  नियुक्ति नहीं प्रदान की गई थी। और झांसी यूनिवर्सिटी में सारे कानून नियम को ताक में रखकर 2016 में झांसी यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर बनाते हुए हिंदी विभाग का प्रोफ़ेसर बना दिया गया हिंदी विभागाध्यक्ष हो गए यह एक बहुत ही नियम कानून को ताक में रखकर कार्य किया गया हमें जब कुलपति महोदय से बात मुन्ना तिवारी के संबंध में बात करनी चाहिए उन्होंने तुरंत फोन काट दिया और इस संबंध में कोई बात नहीं की उसके बाद मैंने मुन्ना तिवारी प्रोफेसर को फोन मिलाया तो उन्होंने कहा कि मेरा केस हाई कोर्ट में चल रहा है ।उन्होंने स्वीकार किया जिसकी हाई कोर्ट में केस चल रहा है मुझे जानना है कि एक विश्वविद्यालय ने नौकरी डिग्री में कमी के कारण नहीं दी , वही झांसी यूनिवर्सिटी में नियुक्ति के कारण दूसरे विद्यालय दूसरा यूनिवर्सिटी ने किस आधार पर ज्वाइन नहीं कराया इस संबंध में बहुत सारे प्रश्न थे जिनसे मैं जानना चाहता था । परंतु उन्होंने समय देना पसंद नहीं किए तथा बीजेपी के बहुत ही अच्छे आर एस एस के लीडर उत्तर प्रदेश के राज्यपाल रहे हैं माननीय राम नाईक द्वारा वर्तमान झांसी कुलपति को इन्हें रिटायरमेंट के बाद 3 वर्ष प्रदान किए गए जिसके कारण यह अपने को बहुत पावर शक्ति रखते हुए किसी की बात सुनना पसंद नहीं करते। पूर्व राज्यपाल राम नाईक अपना करीबी बताने की बात वहां के स्टाफ द्वारा जानकारी प्राप्त हुई है। पूर्व राज्यपाल माननीय राम नायक का नाम बदनाम कर रहे हैं।  वह किसी की बात न्याय प्रिय हो या कुछ भी सुनना पसंद नहीं करते हैं ,और ना ही कोई बात का किसी मुद्दे का समाधान करते हैं मुझे वहां के प्रोफेसरों द्वारा पता चला है तथा वहां के स्टाफ ने मुझे बताया है कि जब से झांसी में वर्तमान कुलपति आए हैं, सारे केस सब कुछ पेंडिंग में पड़े हुए हैं इसका मेरे पास पूर्ण रूप से कालेज के कर्मचारियों द्वारा बताए गए बहुत से प्रश्न है इस संबंध में अवगत कराने के लिए माननीय राज्यपाल महोदय को पत्र के माध्यम से अवगत कराने का प्रयास करूंगा इसकी निष्पक्षता से जांच कराएं सही लोगों को नौकरी नहीं मिल रही है इस आधार पर नौकरी को मुन्ना तिवारी जैसे लोग को कैसे दूसरे इंवर्सिटी ने नियुक्ति दी जबकि लखनऊ के एक कॉलेज ने  उनका कमी के कारण उन्हें नौकरी नहीं मिलती है। यह एक बहुत ही कठिन मुद्दा है इसको हल होना चाहिए सरकार को चाहिए छात्र छात्राओं का कालेज में विश्वास बना रहे जो झांसी विश्वविद्यालय का बहुत बुरा हाल है, मैं माननीय राज्यपाल महोदय से निवेदन करता हूं  इस पर ध्यान दें क्योंकि वहां पर जैसे परीक्षा नियंत्रण का अजय कृष्ण यादव जो हैं वह अपने चेंबर में बैठे तीन चार लोगों के साथ मोबाइल में गेम खेलते हैं ,बात सुनना पसंद नहीं करते हैं  गैर जिम्मेदाराना जवाब देते हैं जैसे ही है परीक्षा नियंत्रक  अपने घर मेंबैठे हैं। ऑफिस में आप इसी तरह कार्यशैली उनकी नहीं रहती है उस पर जिस तरह की वार्ता करते हैं उनको शोभा नहीं देती है । यूनिवर्सिटी ओं का उच्च शिक्षा का ज्ञान प्राप्त कराने वाले लोग जब स्वयं मर्यादा भूल जाएंगे तो कैसे छात्र छात्राओं को अच्छी शिक्षा दे पाएंगे।परीक्षा नियंत्रक  एक तानाशाह गुंडे की भाषा जिस तरह की होती है उस भाषा को वह बोलते हैं ।जो डिग्री कॉलेज के साथ से यूनिवर्सिटी के साथ से पढ़े लिखे समाज में अच्छा संदेश नहीं जा रहा है। झांसी यूनिवर्सिटी के संबंध में छात्र छात्राओं को पूर्ण रूप से न्याय नहीं मिलता जो मेरे संज्ञान में वहां की कमियां आएगी वह मैं लिखता रहूंगा जिस तरह से सुशांत सिंह राजपूत की हत्या हुई है रिपब्लिक भारत के  एडिटर अरनव गोस्वामी मी मुहिम चला रखी है सुशांत सिंह राजपूत को न्याय मिले उसी तरह में झांसी यूनिवर्सिटी के सम्मान में मेरा खोजबीन जारी रहेगी  कि झांसी में जो बहुत सारी कमियां हैं उत्तर प्रदेश का सबसे बदनाम यूनिवर्सिटी को अच्छी यूनिवर्सिटी बनाने के लिए मैं स्वच्छ और साफ-सुथरी तरीके से हमेशा लिखता रहूंगा। जिसके लिए मुझे कोई भी दिक्कत आए उसका मैं सामना करने के लिए तैयार है। झांसी यूनिवर्सिटी  प्रदेश की सबसे खराब यूनिवर्सिटी मानी जाती है। मेरा झांसी यूनिवर्सिटी के सम्मान में समाचारों को वहां क्या हो रहा है उसके संबंध में मैं निसंकोच सच के रास्ते पर चलते हुए लिखता रहूंगा। मैं जानता हूं कि वहां बड़ी मजबूत लावी है। यूनिवर्सिटी कानपुर गुंडागर्दी के लिए जी बस जवानी के लिए ही बैठे रहते हैं जिनको नेताओं का संरक्षण प्राप्त है ऐसी जानकारी प्राप्त हुई है। लेकिन मेरा मिशन झांसी यूनिवर्सिटी में नेताओं के खिलाफ करता रहूंगा इसके लिए मुझे कितनी भी दिक्कत झांसी यूनिवर्सिटी के कर्मचारी को गुंडे टाइप के हैं जो प्रोफ़ेसर हैं और उनके उच्च पदों पर बैठे हुए किसी पार्टी के नेता आदि संरक्षण प्राप्त है। लेकिन मेरी लेखनी में कभी भी कमजोरी नहीं आएगी मेरा झांसी यूनिवर्सिटी के संबंध में जानकारी हासिल करता रहूंगा और निडरता पूर्वक लिखता रहूंगा। उसके लिए यह लोग खुशी मेरे ऊपर कोई भी संकट ला सकते हैं जिसके लिए मैंने पूर्व में माननीय राज्यपाल जी को झांसी यूनिवर्सिटी की कार्यशैली पर प्रश्न उठाए थे, उसकी मैंने पत्राचार द्वारा पेपर की कटिंग लगाकर प्रेषित किया है। बहुत से सांपों का कहना है जब से वर्तमान कुलपति आई है समय से वेतन नहीं मिलता है कोई भी समय से कार्य नहीं होता सभी पेंडिंग पड़े हुए हैं ऐसा वहां के कर्मचारियों ने बताया है मैं उनके नाम नहीं बता सकता हूं ,लेकिन मुझे बहुत लोगों ने इस संबंध में बताया कि उनके( कुलपति) आने से यूनिवर्सिटी में परेशानी और हकीकत में जो दिकत्ते है  उसे दूर करना  कम और एक नई समस्या खड़ी कर बढ़ाने का काम करते हैं। वहां के छात्रों ने बहुत बार हमें वहां के बारे में जानना चाहा उन्होंने जो बताया झांसी यूनिवर्सिटी के संबंध में मुझे बड़ा दुख हुआ सरकार इतना पैसा खर्च करती है परंतु शिक्षा के क्षेत्र में आज भी बहुत पीछे हैं। हम सरकार जो नीति बनाती है उसका पूर्ण पालन उसका संपूर्ण धन बंदरबांट हो जाता है।

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