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Sunday, August 9, 2020

स्मैक व गांजा तस्कारों को संरक्षण दे रहे मुराइनटोला चौकी के दो सिपाही

चौकी इंचार्ज से नजरें बचा प्राइवेट मोटरसाइकिल से करते वसूली

अवैध गोरखधंधों का गढ़ बनता जा रहा मुराइनटोला मुहल्ला 

फतेहपुर, शमशाद खान  । जनपद में कानून व्यवस्था को पुलिस अधीक्षक प्रशान्त वर्मा भले ही चुस्त व दुरूस्त बनाने का प्रयास कर रहे हों लेकिन अधीनस्थ ही उनकी शाख पर बट्टा लगाने में जुटे हुए हैं। शहर के मुराइनटोला चैकी के सिपाहियों के संरक्षण में इन दिनों यह क्षेत्र अवैध गोरखधंधों का गढ़ बनता जा रहा है। स्मैक व गांजा तस्कारों को इस चैकी के दो सिपाही संरक्षण दे रहे हैं। चैकी इंचार्ज से नजरें बचाकर यह सिपाही प्राइवेट मोटरसाइकिल से निकलकर तस्करों से अवैध वसूली भी करते हैं। 

पुलिस अधीक्षक प्रशांत वर्मा के जनपद आगमन पर लोगों को अनुमान था कि युवा पुलिस अधीक्षक के आने से जनपद अपराध मुक्त हो जायेगा और अधीनस्थों में भी लगाम लगेगी लेकिन इसके उलट ही तस्वीर सामने आ रही है। समय-समय पर जनपद की कानून व्यवस्था चुस्त-दुरूस्त करने के लिए पुलिस अधीक्षक द्वारा अधीनस्थों का स्थानान्तरण भी किया जा रहा है लेकिन यह स्थानान्तरण प्रभारी निरीक्षक व उपनिरीक्षकों तक ही सीमित है। स्थानान्तरण प्रक्रिया में क्षेत्रीय सिपाहियों को शामिल नहीं किया जाता। जिसका फायदा उठाने में सिपाही जरा भी कोर कसर नही छोड़ते। ऐसा ही मामला इन दिनों चर्चा में बना हुआ है। सूत्रों के अनुसार मुराइनटोला चैकी क्षेत्र इन दिनों अवैध गोरखधंधों के लिए बेहतर मुहल्ला साबित हो रहा है। दो सिपाही इस चैकी में कुंडली मारकर वर्षों से बैठे हुए हैं। इन सिपाहियों ने पैसा कमाने का नायाब तरीका भी खोज निकाला है। क्षेत्र में स्मैक व गांजा तस्कारों को तो यह सिपाही संरक्षण दे ही रहे हैं। साथ ही चोरी का माल खरीदने वाले कबाड़ियों से भी माहवारी वसूली जा रही है। इतना ही नहीं चैकी पर आने वाले पीड़ितों को भी यह सिपाही अपनी ओर आकर्षित करके मामला रफा-दफा कराने के नाम पर मोटी रकम वसूल कर रहे हैं। इन दो सिपाहियों की करतूतों से चैकी इंचार्ज अंजान हैं। सूत्र यहां तक बताते हैं कि जब चैकी इंचार्ज क्षेत्र में कानून व्यवस्था चुस्त-दुरूस्त करने के लिए निकलते हैं तो यह दो सिपाही तत्काल सिविल ड्रेस में अपनी प्राइवेट बाइक से वसूली पर निकलते हैं। गली-गली पहुंचकर स्मैक व गांजा तस्कारों से जहां पैसा लेते हैं वहीं पीड़ितों के घर पहुंचकर उन्हें डरा-धमकाकर भी अवैध धन उगाही की जा रही है। इन दो सिपाहियों से मुहल्ले की जनता भी बेहद परेशान हैं। इन अपने आकाओं को खुश करके यह दोनों चैकी में वर्षों से जमे हुए हैं। इन सिपाहियों के संरक्षण के चलते यह मुहल्ला अब अवैध गोरखधंधों का गढ़ बनता जा रहा है। हालात अगर यही रहे तो पुलिस से जनता का भरोसा ही उठ जायेगा। नशे की लत में पड़कर मुहल्ले की युवा पीढ़ी भी बर्बादी की कगार पर पहुंच रही है। लेकिन इन दोनों सिपाहियों को सिर्फ अपनी जेब भरने से ही मतलब है। न तो उन्हें वर्दी की मान मर्यादा का ख्याल है और न ही ईमानदारी से कोई लेना-देना है।


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