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Sunday, August 30, 2020

न्याय की प्रक्रिया बहुत ही कमजोर........

देवेश प्रताप सिंह राठौर 

(वरिष्ठ पत्रकार)

.......... भारतवर्ष आजादी के बाद बहुत से कुछ कमियां पूर्व सरकारों ने तय कर दी थी उनकी नीति और रीति के कारण, क्योंकि देश को इतना मजबूत आजादी के बाद नहीं हुआ जितना मजबूत भारत को होना चाहिए, इसका मुख्य कारण राजनीति में व्यवसायकी करण, एवं राजनीति में अपराधीकरण, अशिक्षित राजनीतिकरण, इस देश में अगुठा छाप एक पढ़े-लिखे आई ए एस, एवं आईपीएस को अपनी मर्जी से चलाता है। यह इस देश की राजनीति का योगिता राजनीति के लिए किसी योग्य व्यक्ति का होना जरूरी नहीं है ना ही वह कोई डिग्री है ना कोई मापदंड है। एक बार एक नेता ने कहा एक आईपीएस अधिकारी से कहा आज हमारी सरकार नहीं है कल जब हम आएंगे और हमारी सरकार होगी तब हम आपको बताएंगे हम क्या कर सकते हैं, और 1 दिन उस सरकार उनकी बनी और उन्होंने उस जनपद में वही आईपीएस आईएएस को जनपद में ट्रांसफर करा कर लाए, यहां का इस देश का लालू प्रसाद यादव जैसे नेता और भी बहुत से नेता है जो भैंसिया पालेते थे और उसको चराने के लिए खेतों में ले जाते थे, हुए इस देश के राज्य के मुख्यमंत्री रहे हैं। आप बताइए जब ऐसे लोग देश के मुख्यमंत्री बनेंगे तो उस देश का क्या हाल होगा उस प्रदेश का क्या हाल होगा विकास की गति क्या होगी बहुत सारे प्रश्न बनते हैं। मैंने जनपद उन्नाव में एक मुख्यमंत्री जी का दौरा था जो गांव काशीराम योजना के तहत चयन किए गए थे उनका नवीनीकरण किया जा रहा था उन्हें सुसज्जित किया जा रहा था। सीडीओ, डीएम, पुलिस कप्तान सभी ड्यूटी में लगे हुए थे जब उस गांव में वह मुख्यमंत्री ने दौरा किया उससे मैंने आई एएस की जिला अधिकारी को कितना नर्वस देखा देख मुख्यमंत्री किस तरह एक पढ़े लिखे व्यक्ति के साथ व्यवहार किया जा रहा था। मुझे अच्छा नहीं लगा क्योंकि वह दलित की मसीहा बनती थी दलित के नाम से उनका एक बहुत बड़ा बैंक वोट का है जबकि दलित के उद्धार के लिए उन्होंने कोई भी अच्छे कार्य नहीं किए है। परंतु जातिगत राजनीति के कारण वह मुख्यमंत्री बनी दलित जनता समझ गई हिंदू होने के नाते उन्होंने दलित के नाम से चला जाए इसे भुलाकर उन्होंने हिंदुत्व को अपनाया और हिंदुत्व के नाते उन्होंने नरेंद्र मोदी जी जैसे अच्छे व्यक्ति को देश का प्रधानमंत्री बनाने में योगदान दिया दलित लोग समझ गए थे हमें दलित के


नाम से ठगने वाले हमारे हित में कभी कोई ऐसा बड़ा कार्य नहीं किया से दलित को कोई लाभ मिले लाभ सिर्फ दलित के नाम से मुख्यमंत्री तक बने सिर्फ उन्होंने इसका लाभ उठाया एक पार्टी के तौर पर, मैं बहुत से उन्नाव में गांव में गया मैंने लोगों से वार्ता की और पूछा आप को क्या लाभ मिला जातिगत राजनीति से उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा बहुत जात के नाम से हमें ठगा गया छला गया अव भैया हम मोदी को ही लाएंगे, बहुत से लोग देश के प्रधानमंत्री पर कटाक्ष करते हैं कहते हैं वह पत्नी की रक्षा नहीं कर पाए देश की रक्षा क्या करेंगे, यह इस देश के मूर्ख लोग जाहिल गवार जातिगत राजनीति करने वाले के वक्तव्य है। जिस व्यक्ति ने इतना बड़ा त्याग किया पूरे देश को अपना परिवार बना कर देश की सेवा में लगा हुआ हैजो व्यक्ति 12 साल गुजरात का मुख्यमंत्री रहा हो 6 साल से अधिक हो गए प्रधानमंत्री बने अपार पैसा होना चाहिए परंतु उनके पास एक साधारण कर्मचारी के पास जितना पैसा है उतना भी नहीं है रितेश के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के पास इतना पैसा होता है जो लोग एक बार विधायक वन कर जीत कर जितना धन को इकट्ठा कर लेता है,आज मोदी जी के पास आज उतना भी पैसा नहीं है, क्योंकि इस देश के मानदार और विकासशील पुरुष भारत देश के अच्छे की सोच रखने वाले हैं इस देश के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी हैं  क्योंकि वह देश को विकास अच्छा बनाने की सोच से राजनीति कर रहे हैं। देश के राज्य गुजरात केअहमदाबाद में मोदी जी की परम पूजनीय मां छोटे से मकान में रह रही हैं, उनके भाई छोटी-छोटी दुकानें खोले हुए हैं अगर वह चाहे तो सिर्फ एक इशारा कर दें माननीय मोदी जी तो कायाकल्प हो जाए उनके पूरे परिवार का  परंतु है अपने परिवार को कभी देश के सर्वोच्च पद पर होने के बाद भी लाभ नहींदिया है । उनका परिवार पूरा देश है ऐसे व्यक्ति पर टीका टिप्पणी करना बहुत ही ओछी हरकत है।राजनीति की दृष्टि से देखा जाए तो आज विश्व में मोदी से अच्छा कोई दूसरा नहीं है। भारत की तो शान मोदी जी विश्व के पटल पर नंबर 1 नंबर के व्यक्तित्व के धनी और निर्णय के कुशल शासक के रूप में पहचान है।प्रधानमंत्री की बुराई करना तो आसान है प्रधानमंत्री ने जो त्याग तपस्या की है तभी उनके उस पन्नों को खोल कर देखो 2 दिन तक ही उनकी तपस्या आप नहीं कर पाओगे, मैंने एक बार और लिखा था पुनः आज लिखने का देश जितना भी अच्छा कार अल्पसंख्यकों के लिए करें विशेषकर भारतीय जनता पार्टी परंतु अल्पसंख्यक कभी भी उनके पक्ष में उन्हें वोट नहीं देंगे उनके विचार नरेंद्र मोदी के लिए हमेशा ही खराब रहे हैं और रहेंगे यह मेरा अनुभव ओ मैंने यह सब सोचा और देखा है इसलिए यह मन से हटा देना चाहिए कि हम अच्छे अच्छे कार्य करके अल्पसंख्यकों को अल्पसंख्यकों के लिए अच्छी नीति बनाकर उन्हें लाभ देने के लिए हम उन्हें आकर्षित करने का कार्य करेंगे यह भारतीय जनता पार्टी की बहुत बड़ी भूल है एक भी अल्पसंख्यक भारतीय जनता पार्टी को वोट नहीं देता है यह मैं विश्वास के साथ डंके की चोट पर कहना चाहता हूं। बहुत से प्रश्न होते हैं उसमें 1या दो का प्रश्न का जवाब देना पड़ता है ,मैंने उनके प्रश्न का जवाब दिया और बोला वह साधु सन्यासी पुराने इतिहास में चाहिए कबीर बहुत बड़े राइटर रहे हैं । बहुत अच्छे अच्छे ज्ञानवर्धक चीजें लिखी है। जिसको पढ़ें और इतिहास को पुराने पन्नों को पलटे जो लोग पहाड़ पर जाकर शादीशुदा परिवार वाले होकर एकांतवास में तपस्या की और सामाजिक जीवन पारिवारिक जीवन को त्याग कर साधना में लीन हो गए और उनकी साधना ऐसी रही जो आप इतिहास के पन्नों में पलट कर देख सकते हैं वह कितने बड़े महापुरुष हुए कितने बड़े बड़े उन्होंने देश के लिए कार्य किए, किसी की अच्छाइयों को जातिगत जिंदगी में जाकर टीका टिप्पणी करना यह उस मानसिकता का प्रतीक है कि उनकी हार पूर्ण रूप से हो चुकी है। अब वह क्या करें बुद्धि फेल हो गई है राजनीति खत्म होती नजर आ रही है जिस का सहारा था वावरी मस्जिद का वह भी मुद्दा खत्म हो गया आप कौन सी नई जुगाड़ तैयार करें जिससे सत्ता का सुख प्राप्त हो, यह सब उनकी व्याकुलता का परिणाम है। क्योंकि राजनीति कैसा कीड़ा है जिसमें ना किसी का कोई दोस्त है ना कोई दुश्मन है। आप महाराष्ट्र में देख लीजिए बाबा साहब बाल ठाकरे हमेशा एनसीपी कांग्रेस का विरोध किया हिंदुत्व को उन्होंने एक देश में प्रेरणा और एक हिंदुत्व के बहुत बड़े सैंपल के नाम से शिवसेना को जाना जाता था जिसके मुखिया बाल ठाकरे जी ने हमेशा कभी अपने सिद्धांतों पर समझौता नहीं किया। आज उनके पुत्र उद्धव ठाकरे ने उद्धव ठाकरे ने अपने पुत्र मोह में एनसीपी कांग्रेस से समर्थन लेकर भारतीय जनता पार्टी का 30 वर्ष पुराना संबंध को तोड़ते हुए और उन्होंने एनसीपी कांग्रेस के समर्थन के साथ शिवसेना आज महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बने हैं। क्या उन्होंने अपनी पूरी पार्टी को पूरे अस्तित्व को दांव पर लगा दिया पुत्र मोह में अपनी पार्टी को उसका अर्थ में डाल दिया जो हिंदुत्व के नाम से शिवसेना का ठप्पा लगा था और पप्पा अब खत्म हो गया है। राजनीति में कोई किसी का सगा नहीं है किस तरह किस तरफ कौन किस वक्त पलटी मार जाए, उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है बहुत ही प्रचंड बहुमत से योगी जी की सरकार बनी है। बहुत से लोग कहते हैं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में यह खबर आती है देश के उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा अपराधिक मामलों की रिपोर्ट आंकड़ों के हिसाब से है। मैं आपको बताना चाहता हूं पूर्व सरकारों में कभी भी किसी की एफ आई आर सत्ता पक्ष के व्यक्त की नहीं होती थी चाहे जितना बड़ा अपराध हो थाने और चौकी में बिना पूछ के f.i.r. किसी की नहीं की जाती थी इसका मैं स्वयं उदाहरण दे सकता हूं। जयपुर सरकारों में अपराधियों के ऊपर f.i.r. नहीं होगी तो अपराधिक मामलों की लिस्ट कैसे सही आएगी, जब योगी जी की सरकार आई ताबड़तोड़ गुंडा मवाली ऊपर एफ आई आर की गई और उन्हें उनके द्वारा उनकी असली जगह गुंडे माफियाओं को पहुंचाने का काम योगी सरकार ने किया जब पूर्व सरकारों ने जो कार्य नहीं किए थे बदमाशों गुंडागर्दी भूमाफिया खनन माफियाओं पर एफ आई आर दर्ज नहीं की जाती थी आज सब पर f.i.r. हो चुकी है सब जेल के अंदर हैं। टकराव तू है अपराधिक मामले का बढ़ेगा ही जो पूर्व सरकारों ने गुंडे मवाली तैयार करके छोड़े थे उसे योगी जी की सरकार ने जेल के अंदर और विकास दुबे जैसे लोगों को उनको सही जगह पहुंचाया क्योंकि इस समय गुंडागर्दी उत्तर प्रदेश से बिल्कुल समाप्ति की ओर है। हम किसी तरह पार्टी के नहीं हैं लेकिन सत्य बात लिखने का अधिकार हमें पूरा प्राप्त है यह बिना दबाव अब बिना डर के हम लिखते हैं। क्योंकि पुराना इतिहास के पन्नों पर सब लिखा जा चुका है। महाराष्ट्र में रिया चक्रवर्ती के केस में जिस तरह से सीबीआई जांच कर रही है उसे स्पष्ट होता है कि अब सुशांत सिंह हत्याकांड का सही पता लग जाएगा। लेकिन महाराष्ट्र पुलिस ने सुशांत सिंह के केस में गंभीरता से नहीं लिया, नाही सुशांत सिंह की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो नियम के विरुद्ध पोस्टमार्टम रिपोर्ट पेश की गई है जो महाराष्ट्र सरकार के निर्देशों द्वारा तैयार की गई क्योंकि सुशांत सिंह की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ही स्पष्ट तौर पर प्रदर्शित करती है कुछ तो गड़बड़ है। पैसे भारत की कानूनी प्रक्रिया के बारे में कहा जाए तो बहुत शिथिल है कानून अपने यहां का बहुत ही धीरे चलता है निर्णय बहुत ही लंबे समय में व्यक्त को प्राप्त होता है इस प्रक्रिया में सुधार होना चाहिए निर्णय की प्रक्रिया न्यायिक प्रक्रिया तथा तारीख एवं केस की सुनवाई जल्दी जल्दी होने से केस के निपटारे होने चाहिए ऐसे जैसे बहुत बड़ा माफिया मुख्तार अंसारी बहुत बड़ा माफिया अतीक अहमद यह सब कानून प्रक्रिया के आंखों में मिर्ची झोंक ने का काम है यह सब अपने जेल से इनका सारा कारोबार चलता है इस पर गंभीर अपराधी की छवि वाले लोग हैं इन पर निर्णय कानून का जल्दी होने की स्थित बननी चाहिए। क्योंकि आप रात के दुनिया में कोई भी जात का अपराधी है अपराधी को उसके कर्मों के आधार पर और सबूतों के आधार पर उसे दंड प्राप्त होने चाहिए। और यह माफिया राजनीतिक एक बहुत बड़े होते पर बैठ जाते हैं टिकट मिलता है चुनाव लड़ते हैं जीते हैं यह सब पर रोक होनी चाहिए इस तरह के अपराधी लोग चुनाव नहीं लड़ सकते हैं परंतु भारत देश में संपूर्ण रूप से आजाद है कोई अभिव्यक्ति की आजादी मांगता है कोई कहता है हम लेकर रहेंगे आजादी इन लोगों से पूछो कौन सी आजादी चाहिए जितनी आजादी भारत में है अन्य देशों में नहीं है इन लोगों को तो सिर्फ एक आजादी चाहिए देश के गद्दार है राष्ट्र विरोधी हैं और देश के लिए घातक है इनको सिर्फ वह सजा मिलनी चाहिए जिससे उन्हें आजादी मिले और अपने जीवन से मुक्ति पा सके और जो आजादी की मांग कर रहे हैं पूर्ण रुप से स्वतंत्र आजाद होकर देश से चले जाए वह आप समझ रहे होंगे आजादी किस प्रकार की है।

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