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Saturday, August 8, 2020

स्तनपान से दुरुस्त रहती है जच्चा-बच्चा की सेहत


 मां-बच्चे के बीच बनता है स्नेह का रिश्ता, स्तन कैंसर का खतरा भी होता है कम 

हमीरपुर, महेश अवस्थी। स्तनपान सप्ताह के तहत जिला महिला अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं को स्तनपान के फायदे बताते हुए फलों का वितरण किया गया। महिलाओं को छह माह तक स्तनपान कराने की सलाह के साथ ही पौष्टिक भोजन लेने की सलाह दी गई।सिक न्यू बॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) के डॉ.सुमित ने कहा कि छह माह तक स्तनपान बच्चे का हक है। प्रसूता अपने नवजात को जन्म लेने के एक घंटे के अंदर ही स्तनपान कराना शुरू कर दें। स्तनपान के फायदे बताते हुए कहा कि इससे कम वजन के बच्चों का तापमान सही रहता है। मां का दूध बच्चों को डायरिया और निमोनिया से बचाने के साथ ही भविष्य में होने वाली डायविटीज, हाइपरटेंशन, मोटापा जैसी बीमारियां से भी बचाता है। स्तनपान करने वाले बच्चे छह माह तक बहुत कम बीमार भी होते हैं। इससे महिलाओं को भी फायदा होता है। स्तनपान कराने वाली महिलाओं को स्तन कैंसर का खतरा नहीं होता है। साथ ही प्राकृतिक रूप से पुन: गर्भधारण में दो से तीन साल का अंतर बन जाता है। मां-बच्चे के बीच में स्नेह का रिश्ता कायम होता है। साथ ही प्रसव के बाद अनियमित रूप से होने वाले मोटापे से छुटकारा मिल जाता है। 
महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ.फौजिया अंजुम ने कहा कि प्रसूताओं को पौष्टिक भोजन लेना चाहिए। उन्होंने प्रसूताओं को बच्चों को रात में जरूर स्तनपान कराने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि स्तनपान कराने वाली महिलाओं के रात में प्रोलेक्सिन हार्मोन बनता है। इसलिए रात में स्तनपान कराने से महिलाओं में कभी भी दूध न उतरने की शिकायत नहीं होती है। एसीएमओ डॉ.पीके सिंह, डॉ.पूनम सचान, डॉ.केशव स्टाफ नर्स रमा, राधा, सोनिका, आदित्य, ललिता और डिंपल मौजूद रही।


फोटो- जिला महिला अस्पताल के भर्ती वार्ड में प्रसूताओं को स्तनपान के महत्व की जानकारी दी गई।


 





 

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