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Thursday, August 13, 2020

मंदिर नहीं अधिकार चाहिए, शिक्षा व रोजगार चाहिए का दिया नारा

ओबीसी मोर्चा ने राष्ट्रपति को भेजा 18 सूत्रीय ज्ञापन 

फतेहपुर, शमशाद खान । मंदिर नहीं अधिकार चाहिए, शिक्षा व रोजगार चाहिए का नारा बुलन्द करते हुए राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग (ओबीसी मोर्चा) ने पिछड़े वर्ग के हक एवं अधिकारों की मांग को लेकर राष्ट्रपति को सम्बोधित 18 सूत्रीय ज्ञापन अपर उप जिलाधिकारी को सौंपकर सभी मांगों को शीघ्र पूरा किये जाने की आवाज बुलन्द की। 

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग (ओबीसी मोर्चा) के अध्यक्ष दिलीप पाल की अगुवई में पदाधिकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां मंदिर नहीं अधिकार चाहिए, शिक्षा व रोजगार चाहिए का नारा बुलन्द करते हुए राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें मांग की गयी कि 2021 की जनगणना में ओबीसी की जनगणना अर्थात जाति आधारित जनगणना कराई जाये, ओबीसी के क्रीमीलेयर के साथ सैलरी एवं एग्रीकल्चर इनकम जोड़ने की साजिश को बंद किया जाये तथा असंवैधानिक क्रीमीलेयर को पूर्णरूप से खत्म किया जाये, ओबीसी को संख्या के अनुपात में 52 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जाये, न्यायपालिका, निजीकरण व नीट में ओबीसी को आरक्षण दिया जाये, ओबीसी छात्रों की छात्रवृत्ति

अपर उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते ओबीसी मोर्चा के पदाधिकारी।
पर लगी रोक हटाई जाये, रिजर्वेशन इम्प्लीमेन्टशन एक्ट बनाया जाये, उच्च शिक्षा, व्यवसायिक शिक्षा एवं तकनीकि शिक्षा में ओबीसी को निःशुल्क कोचिंग तथा आरक्षरण सुनिश्चित किया जाये, उद्योगों, लघु एवं कुटीर उद्योगों तथा ठेकेदारी के लाइसेंस में ओबीसी आरक्षण, प्रशिक्षण एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाये, ओबीसी को संख्या के अनुपात में भूमि आवंटन किया जाये, पिछड़ों को पर्याप्त बजट का प्रावधान किया जाये, सुरक्षा कानून भी बनाया जाये। इसके साथ ही अन्य मांगे शामिल रहीं। राष्ट्रपति से कहा गया कि सरकार ओबीसी को मंदिर का झुनझुना पकड़ाना चाहती है इसलिए हम पिछड़े वर्ग के लोग मांग करते हैं कि मुद्दों को लागू किया जाये अन्यथा मोर्चा देशव्यापी द्वितीय चरण का आन्दोलन घोषित करेगा। इस मौके पर वीरेन्द्र कुमार पाल, डा0 अमित पाल, फूल सिंह लोधी, संतोष कुमार वर्मा एडवोकेट आदि मौजूद रहे। 


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