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Monday, August 31, 2020

शिक्षक और कालेज प्रशासन पर की जाए कार्रवाई

आईटीआई में एक वर्ष के बाद निरस्त कर दिया गया प्रवेश 

बांदा, के एस दुबे । आईटीआई में एक वर्ष पठन-पाठन करने के बाद चार छात्राओं का प्रवेश निरस्त कर दिए जाने पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर संबंधित शिक्षक और कालेज प्रशासन के खिलाफ जांच करते हुए कार्रवाई किए जाने की मांग की है। चेतावनी दी है कि कार्रवाई न हुई तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद आंदोलन करेगा। 

जिलाधिकारी को दिए गए ज्ञापन में परिषद पदाधिकारियों ने बताया है कि छात्रा प्रीती वर्मा पुत्री स्व. रामप्रसाद, निधि सिंह पुत्री शत्रुघन सिंह, संगीता सिंह पुत्री लक्ष्मण सिंह गौतम और नेहा देवी पुत्री शत्रुघन सिंह ने गत वर्ष अगस्त 2019 में आईटीआई में इलेक्ट्रिीशियन एवं मैकेनिकल डीजल ट्रेड में प्रवेश लिया था। एक वर्ष नियमित कक्षाएं व पठन-पाठन करने के बाद अबकी अगस्त माह को आईटीआई प्रशासन के द्वारा हमको अवगत कराया जाता है कि

डीएम को ज्ञापन देने आए एबीवीपी पदाधिकारी व छात्राएं

आपकी दसवीं कक्षा साइंस साइड न होने के कारण उक्त ट्रेड के लिए उपयुक्त नहीं हैं। जबकि प्रवेश के समय शिक्षक विकास मिश्र द्वारा प्रवेश फीस के अतिहिरक्त 10 हजार रुपए अतिरिक्त लिया गया था। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि शिक्षक विकास मिश्र का हम छात्राओं के प्रति व्यवहार ठीक नहीं है। वह बदतमीजी करते हैं। माता-पिता के सामने भी बेइज्जती करने पर आमादा हैं। इसके साथ ही माता-पिता पर अन्य ट्रेड में बच्चों को प्रवेश के लिए दबाव बनाया गया। ज्ञापन में यह भी बताया  गया कि प्रवेश लेते समय चार इनसेक्टरों द्वारा प्रवेश फाइल को चेक किया गया और अंक तालिका की ओरिजनल कापी तीन माह के लिए जमा की गई। लेकिन आईटीआई प्रशासन की कमी के कारण सभी छात्राओं को गलत  ब्रांच में प्रवेश दे दिया गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी पषिद ने जिलाधिकारी से मांग की है कि शिक्षक और आईटीआई प्रशासन के खिलाफ जांच करते हुए कार्रवाई कर उन्हें न्याय दिलाया जाए। इस मौके पर परिषद पदाधिकारी विवेक भदोरिया, प्रवीण लखेरा, अजय सिंह गौतम, सुरेंद्र त्रिवेदी, आलोक सिंह, दिव्यांशु मिश्रा, विवेक सिंह, योगे सिंह, आदित्य गुप्ता आदि मौजूद रहे। 


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