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Sunday, August 30, 2020

अंडरपास की ध्वस्त सड़क पर वाहन निकालना टेढ़ी खीर

आए दिन तिपहिया वाहन पलट रहे, दोपहिया वाहन चालक भी गिरकर हो रहे जख्मी 

बांदा, के एस दुबे । क्योटरा क्रासिंग पर अंडर ब्रिज बनाया गया था। जल्द ही इस पर आवागमन भी शुरू हो गया। ठेकेदार के द्वारा सड़क का निर्माण कराया गया। सड़क निर्माण के बाद जब तेजी के साथ आवागमन शुरू हुआ तो धीरे-धीरे सड़क खुर्द-बुर्द हो गई। ठेकेदार ने सड़क की मरहम पट्टी करा दी और फिर से वाहनों का फर्राटा भरना शुरू हो गया। लेकिन चंद ही दिनों में अंडर ब्रिज की सड़क फिर से उखड़ गई। इसके बाद तमाम जागरूक लोगों, समाजसेवियों और कुछ कद्दावर लोगों ने रेलवे अधिकारियों को पत्र सौंपकर सड़क का निर्माण करवाए जाने की मांग की। लेकिन रेलवे अधिकारी इस ओर से बेपरवाह बने हुए हैं। इधर, अंडर ब्रिज की किरन कालेज चैराहे की ओर से आने वाली सड़क पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। उस सड़क पर इतने गड्ढे हो गए हैं कि चाहे दोपहिया वाहन हो या फिर चैपहिया वाहन बिना हिचकोले खाए नहीं निकल पाता है। कई तिपहिया वाहन पलट जाने के कारण

अंडरबास ब्रिज की ध्वस्त सड़क

लोग गंभीर रूप से चोटहिल हो चुके हैं। कृपाल सिंह विधि महाविद्यालय के सचिव भी उसी अंडर ब्रिज की सड़क पर गिरकर चोटहिल हो गए थे, उन्हें गंभीर चोटें आईं। रेलवे अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया है, लेकिन ऐसा प्रतीत हो रहा है कि रेलवे अधिकारियों पर उनका ठेकेदार भारी पड़ रहा है। ऐसी हालत में सड़क का निर्माण नहीं हो पा रहा है। खुर्द-बुर्द सड़क पर आवागमन कर रहे लोगों की जान को हमेशा खतरा बना रहता है, लेकिन इससे न तो रेलवे अधिकारियों को कोई फर्क पड़ रहा है और न ही ठेकेदार को। कचहरी रेलवे क्रासिंग पर आवागमन बंद हो जाने के बाद नए ब्रिज से न गुजरकर क्योटरा क्रासिंग पर बने अंडर पास ब्रिज से होकर गुजरने वाले लोगों की जान जोखिम में पड़ जाती है। ऐसा तब होता है जब अंडर ब्रिज से गुजरना होता है। ब्रज के दोनो ओर बनी सड़क में गड्ढे हो गए हैं। दोपहिया और चार पहिया वाहन हिचकोले खाते हुए गुजरते हैं। इनमें तमाम तिपहिया और दोपहिया वाहन गिर भी जाते हैं और उन वाहनों में सवार लोगों को गंभीर चोटें आती हैं। लेकिन अफसोस कि रेलवे के अधिकारियों पर ठेकेदार भारी पड़ रहा है और सड़क का निर्माण किसी भी दशा में नहीं हो रहा है। लगता है रेलवे को किसी ऐसे हादसे का इंतजार है जिसमें जनहानि भी हो, तभी रेलवे अधिकारियों का ध्यान इस तरफ आएगा। 


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