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Wednesday, August 12, 2020

बैंगलोर में हिंसक उपद्रवी का कहर.........

 देवेश प्रताप सिंह राठौर   

"स्वाबलंबी"

........... बंगलुरु कर्नाटक में जिस तरह के एक सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति के द्वारा सोशल मीडिया पर जिस तरह की पोस्ट की है ।उसके बाद जिस तरह से मुसलमानों के बहुत बड़े गुट द्वारा इस तरह बैंगलोर में आतंक मचाया कितना नुकसान किया यह सब आपने टीवी चैनलों के माध्यम से देखा होगा एक जरा सी बात पर यह लोग रोड पर दंगे फसाद करने लगते हैं, जिनको हम इस देश के अल्पसंख्यक कहते हैं जबकि वह अल्पसंख्यक नहीं हैं आज पाकिस्तान से ज्यादा भारत में मुसलमान हैं यह लोग जरा सी बात पर धर्म जात से जोड़कर हत्याएं उपद्रव नुकसान सरकारी मशीनरी को तोड़ना कार्य किरत जितने भी होते हैं वह सब करते हैं यह आपने बहुत पहले से भारत में देखा है अभी हाल में ही एक सपा के सांसद ने श्री राम मंदिर बनने पर जो टिप्पणी की उस टिप्पणी के बाद बहुत से मौलवियों ने और नेताओं ने  राम मंदिर पर अभद्र भाषा की टिप्पणियां की राम मंदिर भले बन जाए लेकिन हम उसको बाबरी मस्जिद ही समझते रहेंगे और एक न एक दिन लेकर रहेंगे यह शब्द बोले गए लेकिन इस देश

का किसी हिंदू द्वारा कोई भी ऐसा उपद्रव नहीं किया श्री रामचंद्र जी के मंदिर के ऊपर जिस तरह टिप्पणी की गई वह देश हित के लिए कतई भी ठीक नहीं थी। हिंदू एक ऐसा जाति नाम है जिससे मानवता, दयालु, इंसानियत ,भावनात्मक , कट्टर नहीं होते हैं। जो हिंदू के के साथ होता है यह कट्टर नहीं होते हैं और ना ही उनके द्वारा कोई उपद्रव किया जाता है ।इतिहास गवाह है आजादी के बाद हिंदू ने कभी भी कोई भी दंगा फसाद जातिगत नहीं किया है, जबकि पार्टियों ने राजनीति दलों ने आपने को मजबूत वोट बैंक बनाने के लिए कुछ दंगे फसाद दो-तीन दशकों से होते जा रहे हैं, उत्तर प्रदेश एवं पूरे भारत में ऐसा कृत हिंदू समाज नहीं करता है यह मेरी सोच है। जिस तरह से बैंगलोर में दंगा एक जात द्वारा किया गया जिसमें 60 से अधिक पुलिस वाले गंभीर रूप से घायल हैं तीन व्यक्तियों  की मौत भी हुई है। लेकिन जिस तरह पुलिस ने संयम दिखाया उस हिसाब से दंगाइयों को ऊपर जिस तरह से तोड़फोड़ कर रहे थे वह सिर्फ गोली का ही भाषा समझ सकते हैं । क्योंकि ऐसे उसमें हालात होते हैं बोली उनके पल्ले पढ़ती नहीं है।मैं तो कहूंगा मैंकर्नाटक यह मुख्यमंत्री येदुरप्पा की सरकार ने बहुत संयम से काम लिया जिस तरह से दंगाइयों ने दंगा किया उस आधार पर तो अधिक संख्या में दंगाइयों की मृत्यु होनी चाहिए थी। क्योंकि दंगाइयों जिस तरह हथियार लेकर रोड पर अत्याचार करने के प्रयास में थे उसको वहां की सरकार ने बचाया तथा और बहुत सारी गिरफ्तारियां की हैं। लेकिन एक बात हम अवश्य कहेंगे भारत के सच्चे नागरिक होने के नाते इस बात को मैं आपके पास रखता हूं।कि अगर इस देश में अल्पसंख्यक जितने थे उतने अगर हिंदू होते इस देश में तो मैं पूर्ण रुप से विश्वास दिलाता हूं वह हिंदू , हिंदू नहीं रह पाते उनका भी पाकिस्तान में जिस तरह से धर्म परिवर्तन किया गया यहां पर हिंदुओं का भी धर्म परिवर्तन कर दिया जाता और हत्या बलात्कार लूट अत्याचार होते परंतु हिंदू समाज किसी जात धर्म के आधार पर लड़ाई नहीं करता है ।जिस तरह से अल्पसंख्यक यहां के दंगा फसाद उपद्रव करते हैं उसे देखते हुए मुझे स्पष्ट तौर में मै कह सकता हूं। भारत में इतना मुसलमान है इतना अगर हिंदू होता तो यहां रह नहीं पाता हिंदू यह मैं आपको हिंदू समाज को बताना चाहता हूं ।आज बहुत से लोग जात धर्म की लड़ाई के आधार पर सत्ता पर टिके हुए हैं उन लोगों का भविष्य धीरे-धीरे समाप्त होता जा रहा है जो मुद्दे थे जिस आधार पर सरकार बनती थी प्रदेश उत्तर प्रदेश में राम मंदिर के आधार पर बाबरी मस्जिद के आधार पर वह मुद्दा अब सब खत्म हो गए हैं। एक बात कहूंगा मैं किसी पार्टी या किसी दल का नहीं हूं लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने अपने सभी चुनाव में दिए गए बातों को  लगभग धीरे-धीरे पूरे कर रही है। तीन अभी वादे वचे हैं। उनके चुनाव के समय जो वादे किए थे लगभग वह भी पूरे हो जाएंगे जब को रोना काल में समय की बर्बादी के कारण बहुत से निर्णय जो सदन में होने थे उन्होंने सब पर व्यवधान पड़ा है लेकिन मुझे विश्वास है तीन जो मुद्दे हैं मैं सबसे बड़ा मुद्दा है जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाया जाना जनसंख्या नियंत्रण कानून नहीं बना तो संख्या ज्यादा होगी भुखमरी होगी बेरोजगारों का और देश तरक्की नहीं कर सकता इसलिए जनसंख्या नियंत्रण पर कानून बनना बहुत जरूरी है। अगर सरकार ने जनसंख्या नियंत्रण पर कानून नहीं बनाया वह एक दिन वह आएगा जो आप खुद समझ सकते हैं क्या स्थित बनेगी। भारत में रहने वाले हैदराबाद के सांसद ओवैसी उनके भाई अकबरुद्दीन ओवैसी भाषा शैली सुनिए इस तरह की भाषा बोलते हैं अगर मुसलमान देशों में हो वहां इस तरह की भाषा बोले तो मुसलमान इनको वहां पर हजम नहीं कर पाएगा लेकिन भारत में इतनी आजादी है अकबरुद्दीन ओवैसी तो कहते हैं कि मुझे सिर्फ 2 घंटे दे दे और हम यह हिंदुस्तान में जितने मुसलमान हैं हम बता देंगे कि हम क्या कर सकते हैं। यह खुला चैलेंज अकबरुद्दीन ओवैसी दिया करते हैं और देश के लोग सुनते हैं देश के नेता सुनते हैं उनके ऊपर कोई भी राष्ट्रद्रोह का मुकदमा नहीं कायम होता है। भारत के अंदर भारत की आजादी के बाद कश्मीर में 15 सो मंदिर तोड़े गए किसी ने आवाज उठाई फारूक अब्दुल्ला ने मोहब्बत मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला  महबूबा मुफ्ती ने जो कश्मीर में क्षेत्रीय दल हैं। कश्मीर  भारत का अंग है होने के बावजूद भी उन्होंने पूर्व सरकारों में मंदिर तोड़ दिया उन पर तो एक भी कोई टीका टिप्पणी नहीं करते हो और आपके द्वारा इतने राम मंदिर पर फेसबुक पर बातें बहुत सी आई लेकिन किसी हिंदू ने दंगा फसाद उपत्रों नहीं किया आपने एक फेसबुक के माध्यम से आपके सम्मान को ठेस पहुंची उस पर आपने रोड पर आकर सरकारी मशीनरी को तोड़ा कितना नुकसान किया उसकी भरपाई कौन करेगा मैं कर्नाटक सरकार से कहना चाहता हूं जिस तरह उत्तर प्रदेश के हमारे मुख्यमंत्री योगी जी जिसने नुकसान किया है उसी का घर मकान बेचकर उस चीज का भरपाई करने का कार्य किया।तभी  गुंडा मवाली जातिगत राजनीत  पर नियंत्रण हो पाएगा तभी गुंडागर्दी जात पात की राजनीति समाप्त होगी जागो जागो अभी जागोनहीं एक दिन ऐसा आएगा भागो भागो कोई बचा नहीं पाएगा क्योंकि स्थितियां वही तैयार हो रही हैं। राजनीतिक दलों ने पूर्व सरकारों ने तैयार कर दी हैं जिस देश मैं मुस्लिम कंट्री हैं वहां पर इतनी आजादी बोलने की नहीं है जितनी भारत में आजादी बोलने की दे रखी है ।यही एक कारण है एक न एक दिन जरूर सरकार के लिए घातक बन जाएंगे इसलिए पहले से सरकार को अपनी नीति रीति को सुधार करते हुए कुछ कानून बनाने की जरूरत है जिस पर देश के विरुद्ध किसी जात के विरुद्ध अगर कोई  दंगा फसाद करता है उसको इस देश से रहने का अधिकार नहीं होना चाहिए तथा उसे आजादी मांगने वाले को तुरंत सरकार आजाद कर दे। वह आजाद कर दे की बिल्कुल सुख चैन से स्वतंत्र रूप से ऐसे स्थान पर पहुंचा दे जहां पर शांति है ।

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