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Wednesday, August 5, 2020

1990 से शुरू हुए वृतांत को सुनाते हुए भावुक हुए अवधेश

भूमिपूजन के बाद हुई आनंद की अनुभूति को बयां करना मुश्किल 
 
नरैनी, के एस दुबे । रामलला हम आयेंगे मन्दिर वहीं बनाएंगे। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के नगर कार्यवाह अवधेश मिश्रा 10 अक्टूबर 1990 से शुरू होने वाले वृत्तांत को सुनाते हुये भावुक हो गये। उन्होंने बताया कि श्रीराम चन्द्र जी के जन्मस्थान में मन्दिर बनाने का संकल्प लेकर कस्बा तथा आसपास के गांवों के स्वयंसेवक, बजरंग दल तथा भाजपा कार्यकर्ता 10 अक्टूबर से ही भूमिगत हो गये थे। जिनमें तहसील कार्यवाह काशीप्रसाद त्रिपाठी, पूर्व चेयरमैन काशी प्रसाद द्विवेदी, दिलीप कुमार द्विवेदी, उदय दीक्षित, श्याम करवरिया, राजाभैया गुप्ता, भैयाराम शुक्ल, बृजेश तिवारी, ज्ञानेंद्र तिवारी तथा रामऔतार गौतम आदि सभी लोग तत्कालीन क्षेत्राधिकारी सालिगराम वर्मा तथा कोतवाली प्रभारी सहित पुलिस टीम की पैनी नजरों से बचते हुये 20 अक्टूबर को अयोध्या के लिये प्रस्थान किया। वाहनों द्वारा सुल्तानपुर जिले के कुड़ेझार गांव तक पहुंचे, उसके बाद पगडंडियों तथा रेल की पटरियों के सहारे पैदल चलते हुये ओझापुर गांव मे सुरेश ओझा के आवास तक पहुंचे।
अवधेश मिश्रा
27 अक्टूबर को यहां से संघ प्रचारक जी के मार्गदर्शन में पुनः श्रीराम जन्मभूमि के लिये पैदल चल पड़े तथा 30 अक्टूबर को हनुमान गढ़ी पहुंचने वाल प्रथम जत्था हमारी टीम का ही था। मिश्रा जी ने बताया कि देखते ही देखते वहां हजारों की संख्या में कारसेवक जमा हो गये थे उसके बाद वहां तैनात सुरक्षा कर्मियों ने पानी की बौछार, आसू गैस के गोले तथा बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज शुरू कर दिया। हमारे कई साथी घायल हो गये थे। उसके बाद हमे बसों में लादकर अज्ञात स्थान में ले जा रहे थे, तभी फैजाबाद की दुर्गा स्वरूप महिलाओं ने बसों को रोककर कारसेवकों को उतार लिया था, हम सभी साथी विछड़ गये थे तथा हमलोग विवादित स्थल तक नही पहुंच सके थे। अवधेश मिश्रा जी ने कहा आज भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम रामचन्द्र जी की जन्मभूमि में मन्दिर निर्माण के लिए भूमि पूजन हो रहा है जिसे देखकर हृदय प्रसन्नता से गदगद हो रहा है इस समय होने वाले आनंद को शब्दों में बयां नही कर सकते हैं।

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