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Wednesday, July 29, 2020

बांदा के प्रोफेसर श्रीराम मंदिर निर्माण पूजन के लिए आमंत्रित

श्रीकाशी विद्वत परिषद के मंत्री हैं प्रोफेसर रामनारायण 
5 जुलाई को प्रधानमंत्री की मौजूदगी में होगा शिलान्यास व भूमि पूजन
जनपद के ग्राम अछरौड़ के रहने वाले है प्रोफेसर रामनारायण द्विवेदी
  
बांदा, के एस दुबे । जनपद के मटौंध गांव के रहने वाले काशी विद्वत परिषद के मंदिर प्रोफेसर रामनारायण द्विवेदी को पूजन में शामिल होने के लिये आमंत्रित किया गया है। आगामी 5 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अयोध्या में बनने वाले भव्य राम मंदिर की आधारशिला रखेंगे। मंदिर पूजन में देश के चुनिन्दा विद्वानों को मंत्रोच्चारण के लिये आमंत्रित किया गया है। जिसमें प्रोफेसर द्विवेदी को भी आमंत्रित किया गया है। जिससे एक बार फिर बुन्देलखण्ड के लोग अपने आप को गौरान्वित महसूस कर रहे है। बुजुर्गो का तो सीधे कहना है कि जिस क्षेत्र में भगवान राम ने करीब 14 वर्ष व्यतीत किये, यहां की धरा को सुशोभित किया, आज जब उनका भव्य मंदिर बन रहा है, उसमें भी इस क्षेत्र की सहभागिता बड़े ही गौरव का विषय है। अयोध्या में मर्यादा पुरूषोत्तम राम की जन्मभूमि में निर्माणाधीन भव्य राम मंदिर को लेकर बुन्देलखण्ड फिर एक बार चर्चा में है। जहां तप के बल पर राम से मर्यादा पुरूषोत्तम बने राम आज उनके मंदिर निर्माण के पूजन में भी इस क्षेत्र को तरजीह दी गई है।
प्रोफेसर रामनारायण द्विवेदी
गौरतलब हो कि श्री काशी विद्वत परिषद के मंत्री व काशी विश्वविद्यालय में व्याकरण के आचार्य प्रोफेसर रामनारायण द्विवेदी मूल रूप से जनपद के अछरौड़ गांव के रहने वाले है। उनके पिता शिवनाथ कृषक है। श्री द्विवेदी की प्राथमिक शिक्षा दीक्षा गांव में ही हुई थी। गांव के ही प्रसिद्ध ज्योतिषी शुकदेव मिश्र, जो बाद में शुकदेवानन्द सरस्वती के नाम से विख्यात हुये, उनके सानिध्य में काशी में कक्षा आठवीं के बाद की पढ़ाई शुरू की। धीरे धीरे उनकी विद्वता लोगों के बीच चर्चा का विषय बनने लगी। अपने ज्ञान के बल पर ही वह वर्तमान समय में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में व्याकरण के आचार्य है और देश की अत्यन्त प्राचीन धार्मिक एवं अध्यात्मिक संस्था श्री काशी विद्वत परिषद के मंत्री है। संस्कृत के र्मूधन्य विद्वानों में गिने जाने वाले रामनारायण द्विवेदी के इस ऐतिहासित क्षण में शामिल होने की चर्चा मात्र से ही यहां के वाशिन्दे अपने आप को गौरान्वित महसूस कर रहे है। उधर काशी विद्वत परिषद के मंत्री श्री द्विवेदी का कहना है कि ब्राम्हाण्ड के नायक मर्यादा पुरूषोत्तम राम के मंदिर का शिलान्यास और भूमि पूजन का अवसर हर किसी के लिये गौरव का क्षण है। काशी विद्वत परिषद अयोध्या में सम्पूर्ण काशी का प्रतिनिधित्व करेगी। महागणपति के आहवान के साथ पूजन आरम्भ होगा, यह भव्य राम मंदिर दुनिया में आस्था का केन्द्र बनेगा। इधर, काशी विद्वत परिषद के मंत्री प्रोफेसर रामनारायण द्विवेदी को राष्ट्रपति सहित देश की अन्य विभूतियों द्वारा दर्जनों बार सम्मानित किया जा चुका है। इन्हे महर्षि पणिनि सम्मान, महर्षि व्यास सम्मान, दिल्ली में शाली दीक्षित द्वारा संस्कृत भूषण सम्मान मिल चुका है। अभी उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान लखनऊ से विशिष्ट पुरस्कार, बिहार तथा हरियाणा सरकार से व्याकरण भूषण सम्मान व अनेक प्रतिष्ठित संस्थानों से संस्कृत जगत के विशिष्ट अलंकरण भी मिल चुके है। वर्तमान में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर है तथा प्रशासनिक सेवा के रूप में विश्वविद्यालय के प्राक्टर का दायित्व का निर्वहन कर रहे है। इसके पहले दिल्ली के केन्द्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर भी रह चुके है। उन्होने दरभंगा विश्वविद्यालय से संस्कृत अध्यापन की साधना शुरू की थी। 

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