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Wednesday, July 29, 2020

छोटे परिवार के फायदे बताने के लिए की अनोखी पहल

‘दो गज दूरी, मास्क और छोटा परिवार है जरूरी’ का सन्देश देंगे आशा के मास्क  

बांदा, के एस दुबे । जनपद में कोरोना महामारी के बीच 11 जुलाई से मनाए जा रहे जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े के तहत परिवार नियोजन के सन्देश को और मजबूत करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अनोखी पहल की है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आशा कार्यकर्ताओं को ‘दो गज दूरी, मास्क और छोटा परिवार जरूरी’ स्लोगन लिखे मास्क दिए गए हैं। छोटे परिवार के फायदे अब आशा इस सन्देश वाले मास्क को पहनकर बताएंगी। इन प्रयासों से जहाँ कोरोना से हमारी प्रथम पंक्ति की आशा कार्यकर्ता और एएनएम सुरक्षित रहेंगी वहीँ पूरी दमदारी के साथ वह परिवार नियोजन का सन्देश भी जन-जन तक पहुंचा सकेंगी । 
आशाओं को स्लोगन लिए मास्क वितरित करते सीएमओ
जिला कार्यक्रम प्रबंधक कुशल यादव ने कहा कि कोरोना का खतरा अभी जारी है। इस बीच परिवार नियोजन को बढ़ावा देने के लिए मनाए जा रहे जनसँख्या स्थिरता पखवाड़े में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से लोगों को कोरोना के साथ-साथ परिवार नियोजन अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. संतोष कुमार के निर्देश पर कोरोना को देखते हुए विभाग ने ऐसा मास्क तैयार कराया है, जिस पर कोरोना से बचाव के साथ परिवार नियोजन का सन्देश प्रिंट कराया गया है। यह मास्क पहनकर आशा और एएनएम कार्यकर्ता जब घर-घर छोटे परिवार के बड़े फायदे की अलख जगाने पहुंचेंगी तो वह अत्यंत प्रभावी साबित होगा। इस बार की जनसँख्या स्थिरता पखवारे की थीम आपदा में भी परिवार नियोजन की तैयारी - सक्षम राष्ट्र और परिवार की पूरी जिम्मेदारी से भी यह प्रयोग बहुत जुड़ाव वाला साबित होगा। प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी इस तरह का नया प्रयोग किया जा रहा है, ऐसे में मास्क इससे बचाव का सबसे बड़ा हथियार है। 

जरूरी है बात करना
बांदा। जिला फैमिली प्लानिंग लोगिस्टिक मैनेजर चैतन्य कुमार के मुताबिक परिवार नियोजन और गर्भ निरोधक साधनों के बारे में खुलकर बात करना जरूरी है। बच्चे कब और कितने होने चाहिए, यह निर्णय  पति-पत्नी को बातचीत करके आपसी सहमती से लेना चाहिए। इसके साथ ही परिवार में नए मेहमान के आने से पहले की तैयारी करना भी महत्वपूर्ण है। सही उम्र में शादी, पहला बच्चा शादी के कम से कम दो साल बाद और दो बच्चों के बीच तीन साल का अंतर रखना चाहिए। परिवार नियोजन के लिए सरकार द्वारा उपलब्ध गर्भनिरोधक साधनों का उपयोग अपनी पसंद और सुविधा के अनुसार कर सकते हैं। इसके अलावा पुरुषों को भी इसमें आगे आना चाहिए और परिवार नियोजन की स्थाई व अन्य विधियां अपनाकर अपनी भागीदारी निभानी करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि पखवाड़े के दौरान जनपद में अब तक लगभग 200 महिलाओं ने अन्तरा गर्भनिरोधक इंजेक्शन व 2700 से अधिक ने छाया व माला-एन गर्भनिरोधक गोली को अपनाया है। वहीं लगभग 150 महिलाओं ने आईयूसीडी व 250 ने प्रसव पश्चात आईयूसीडी को अपनाया है। 30 हजार से अधिक कंडोम का भी वितरण किया जा चुका है।  

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