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Sunday, July 26, 2020

तुम मुझे निष्ठा दो, मैं तुम्हें प्रतिष्ठा दूंगा- कुलाधिपति

जगदगुरु  रामभद्राचार्य  दिब्यांग  विश्वविद्यालय का 20 वां स्थापना दिवस समारोह                       
कोविड -  19  भारत  सरकार के दिशा- निर्देश के अनुपालन मे मास्क 
सैनेटाइजर, शारीरिक दूरी उपयोग करें

चित्रकूट,सुखेन्द्र अग्रहरि। कुलाधिपति रामभद्राचार्य  कुलपति प्रो योगेश चंद दुबे  , निजी सचिव  आजीवन कुलाधिपति आचार्य रामचंद्र दास , कुलसचिव डा महेंद्र कुमार उपाध्याय ने  मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित किया । कार्यक्रम के शुभारंभ मे सरस्वती वंदना डा जयोति विश्वकर्मा  व विशेष नारायण मिश्रा ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आजीवन कुलाधिपति पद्म विभूषण जगदगुरु रामभद्राचार्य  ने सभी शिक्षकों ,कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि  आज इस विश्वास के साथ आप सभी शिक्षक ,कर्मचारी को  अपने कर्तव्य  का पालन निष्ठा से करना होगा। तुम मुझे निष्ठा दो  , मैं तुम्हें प्रतिष्ठा दूंगा । यह सूत्र अपने जीवन में हमेशा याद रखें।आज साकेत वासिनी मेरी ( बडी बहन )पूजनीय बुआजी इस भौतिक संसार में नहीं है लेकिन उनके द्वारा किया गया  ऐतिहासिक धरोहर के रूप यह  विश्वविद्यालय और एक -  एक प्रकल्पों  मे उनका योगदान है।  इस कोविड 19 महामारी से सभी लोगों को , अपने आप को संक्रमित होने से बचना होगा। यह बहुत ही गंभीर बीमारी है।  आज मैं इस विश्वविद्यालय के स्थापना के समय बहुत ही अच्छे मेरे मित्र पूर्व मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश , वर्तमान रक्षामंत्री भारत
सरकार   राजनाथ सिंह व उनके सहयोगी  कैबिनेट मंत्री व भूतपूर्व राज्य पाल मध्यप्रदेश स्व0  लालजी टंडन , कैबिनेट मंत्री शिवाकांत ओझा आदि  सभी  ने मुझे लखनऊ में 26 जुलाई 2001 को   समय 4:30 बजे   विश्वविद्यालय के आजीवन कुलाधिपति की  कुर्सी / पद पर बैठाया ।  मैं बहुत -  बहुत आशिर्वाद आप सभी को देता हूँ कि सभी अपने कार्य निष्पादन करें। इस विश्वविद्यालय का इतिहास है  कि जो भी कार्य मैं संकल्प लिया है उसे भगवान अवश्य पूरा करते हैं। इसलिए जल्द ही  वाले समय मे केंद्रीय विश्वविद्यालय बनेगा।संत का हृदय बहुत ही कोमल होता है वह सभी को क्षमा कर देता है। मैं अपने तुलसीपीठ के युवराज आचार्य रामचन्द्र दास को अपने सभी कार्य निष्पादन के लिए सौपा हैं जिसे वो बहुत ही अच्छी तरह से निभा रहे हैं।  छात्रों के  प्रवेश संबंधित सभी प्रकार की जानकारी  दे ,  दिब्यांग विश्वविद्यालय  शब्द का  उपयोग किया जाएगा।  अंगेजी मे अब तकJRDU  के नाम से उदघोषित होगा। सरकारी गजट  मे भी परिवर्तन सरकार ने कर दिया है।  इस अवसर पर  सचिव आचार्य रामचंद्र दास, कुलपति प्रो योगेश चंद दुबे , कुलसचिव डा.महेंद्र कुमार उपाध्याय ने संबोधित किया ।इस अवसर पर   डीन डा विनोद कुमार मिश्रा ,डा  मनोज कुमार पांडेय ,   डा गुलाब धर ,निहार रंजन मिश्रा  डा.गोपाल कुमार मिश्रा , डा.रजनीश सिंह , आदि सभी शिक्षक ,कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डा शशीकांत त्रिपाठी ने किया। कार्यक्रम का समापन विश्वविद्यालय के कुलगीत से संपन्न हुआ ।उक्त आशय की जानकारी पीआरओ एस0 पी0 मिश्रा ने दी।

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