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Saturday, July 18, 2020

कानपुर:- नाकाम निलंबित इंस्पेक्टर की घिनौनी करतूत आई सामने

कानपुर के बर्रा में लैब टेक्नीशियन संजीत यादव के अपहरण के मामले में निलंबित बर्रा इंस्पेक्टर रणजीत राय की एक और करतूत का खुलासा हुआ है। संजीत के पिता चमन सिंह ने बताया कि इंस्पेक्टर ने थाने में बुलाकर बेटी रुचि पर ही राहुल के साथ मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए थे। 
कानपुर कार्यालय संवाददाता:; संजीत के पिता चमन सिंह ने बताया कि मामले में शुरू से ही बर्रा इंस्पेक्टर भूमिका संदिग्ध रही है। दो जुलाई को पूर्व गोविंदनगर सीओ मनोज गुप्ता व इंस्पेक्टर ने थाने बुलाया था। सीओ पूछताछ करके चले गए। बाद में इंस्पेक्टर ने जब बेटी पर आरोप लगाया तो वह चौंक गए।

उन्होंने कहा कि उनकी पर्सनल डायरी में परिवार के साथ दर्ज तीसरे नंबर से वारदात के दिन रात आठ से नौ बजे के बीच पांच बार संजीत को फोन किया गया था। इस दौरान उन्होंने बेटी से फोन पर बातचीत की थी। संतुष्ट होने के बाद उन्होंने चमन सिंह को बताया कि पता नहीं किसने उनकी डायरी में यह नंबर दर्ज कर दिया। अगर ऐसा हुआ है तो पुलिस विभाग में ही किसी के अपहर्ता से मिलीभगत की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है।

चमन सिंह का आरोप है कि 26 जून को राहुल यादव के खिलाफ तहरीर देने पर जनता नगर चौकी इंचार्ज राजेश कुमार ने घर पहुंचकर रिपोर्ट न दर्ज करवाने का दबाव बनाया था। इस पर बहस होने लगी तो चौकी इंचार्ज ने राहुल की ओर से मानहानि का मुकदमा उनके खिलाफ दर्ज हो जाने की धमकी भी दी। रुचि ने जब पैसे लेकर भाई को खोजने की बात की तो चौकी इंचार्ज झल्लाकर कर बाहर निकल आए और ‘देओ कितना पैसा दोगे’ का ताना मारकर चले गए।

ये है पूरा मामला
कानपुर के बर्रा थाना पुलिस को गच्चा देकर शातिर अपहरणकर्ता फिरौती के 30 लाख रुपये लेकर फरार हो गए और अपहृत को भी नहीं छोड़ा था। 22 जून से अपहृत लैब टेक्नीशियन संजीत यादव को छोड़ने के लिए अपहर्ताओं ने परिजनों को रकम के साथ गुजैनी फ्लाईओवर के ऊपर बुलाया था।

मकान और जेवर बेचकर जुटाई गई रकम लेकर परिजन फ्लाईओवर पर पहुंचे तो पुलिस भी उनके पीछे-पीछे अपहरणकर्ताओं को दबोचने के लिए लगी थी। अपहरणकर्ता पुलिस के प्लान से आगे निकले। वे फ्लाईओवर के नीचे खड़े रहे। परिजनों को फोन कर रकम नीचे फिंकवाई। पुलिस उन तक पहुंचती, इससे पहले ही वे रकम लेकर फरार भी हो गए थे। परिजनों ने एसएसपी के यहां गुहार लगाई है।

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