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Friday, July 31, 2020

चाइनीज से तौबा, अबकी बार देशी राखियों से पटा बाजार

साप्ताहिक लाकडाउन के एक दिन पहले बाजार में हुई जमकर खरीददारी 
सोशल डिस्टेंसिंग का किसी ने नहीं किया ख्याल, मास्क बिना जमकर घूमे 
फोटो नंबर-03:  
फोटो नंबर-04:  
फोटो नंबर-05:  
बांदा, के एस दुबे । रक्षाबंधन पर्व पर अबकी बार भाइयों की कलाई पर देशी राखी नजर आएगी। चाइनीज राखियों को अबकी बार लोगों ने बायकाट कर दिया हैं। बाजार में छोटी और बड़ी सैकड़ों की संख्या में दुकानें सजी हुई हैं। 55 घंटे के साप्ताहिक लाक डाउन को ध्यान में रखते हुए एक दिन पहले यानि कि शुक्रवार को लोगों ने बाजार की ओर रुख किया। बहनों ने जहां अपने भाइयों के लिए राखी खरीदी वहीं खाद्य सामग्री की भी जमकर खरीददारी हुई। जबरदस्त भीड़ के चलते सोशल डिस्टेंसिंग का कहीं पता नहीं रहा। इसके साथ ही ज्यादातर लोगों ने मास्क का भी इस्तेमाल नहीं किया। दुकानदार भी आमदनी के चक्कर में ग्राहकों को उनके मनमुताबिक सामग्री देते रहे। 
रक्षाबंधन के पर्व को लेकर बाजार में छोटी और बड़ी सैकड़ों दुकानें सजी हुई हैं। इन दुकानों में सिर्फ देशी राखियों का ही भंडार नजर आ रहा है। चाइनीज राखियां नजर नहीं आ रही हैं। रक्षाबंधन पर्व को लेकर 55 घंटे के साप्ताहिक लाक डाउन के एक दिन पूर्व शुक्रवार को दूरदराज गांवों के लोग बाजार आए, शहरी लोगों ने भी बाजार का रुख किया। दोपहर होते-होते बाजार में जबरदस्त भीड़ नजर आई। बच्चे, बूढ़े और जवान बाजार में अपनी मनपसंद दुकानों में पहुंचे और खरीददारी की। बहनों ने जहां विभिन्न प्रकार की राखियां खरीदीं वहीं अन्य लोगों ने खाद्य सामग्री, कपड़े आदि खरीदे। त्योहारी बाजार होने के कारण सोशल डिस्टेंसिंग का कहीं अता-पता नहीं रहा। बाजार में जो भीड़ दिखी, उनमें ज्यादातर लोगों के चेहरे पर मास्क नहीं था। ग्राहकों की जबरदस्त भीड़ को देखते हुए दुकानदार भी कोरोना वायरस से बचाव के सारे नियम कानून भुला बैठे और ग्राहकों को उनकी पसंद की सामग्री देकर जमकर बिक्री की। 
गौरतलब हो कि रक्षाबंधन त्योहार के मद्देनजर चाइनीज सामान की जमकर बिक्री हुआ करती थी। सस्ता होने के कारण लोग चाइनीज सामान की खरीददारी किया करते थे, लेकिन अबकी बार जो समीकरण बदले हैं, उससे लोगों ने चाइनीज सामान का बहिष्कार करना शुरू कर दिया हैं। बाजार में शुक्रवार को चहुंओर देशी राखियां ही नजर आईं। लोगों का कहना है कि चाइनीज सामान की कतई खरीददारी नहीं करेंगे। इधर, दुकानदारों ने भी खरीददारों का रुख भांपते हुए चाइनीज सामान से तौबा की है। देशी सामग्री ही बाजार में बिक्री के लिए सजाई गई है। 
बाजार में राखी की खरीददारी करती युवती और महिला

सोने और चांदी की राखी भी बिकी
 
बांदा। गरीब और मध्यम वर्गीय लोगों ने तो देशी राखी खरीदकर ही काम चलाया, लेकिन रईस घरानों के लोगों ने चांदी और सोने की राखियों की खरीददारी की। सर्राफा बाजार सूत्रों की मानें तो चांदी की राखी 600 से लेकर दो हजार तक बिकी। अपने मनमुताबिक राखी बनवाने पर अलग दाम अदा करने पड़े। जबकि सोने की राखियां 10 से 15 हजार के इर्द-गिर्द बिकीं। सोने का भाव लगातार बढ़ने के कारण अबकी बार सोने की राखियों की कुछ कम खरीददारी हुई, जबकि चांदी की राखियांे ने अपना जलवा बरकरार रखा। 
बाजार में खाद्य सामग्री की खरीददारी करते लोग
 
मिठाई की दुकानों में भी रही भीड़
बांदा। साप्ताहिक लाक डाउन शुक्रवार की रात को 10 बजे से शुरू हो रहा है और सोमवार को भोर में पांच बजे तक लागू रहेगा। इसको ध्यान में रखते हुए बाजार राखी और अन्य घरेलू सामान खरीदने गई बहनों और लोगों ने लगे हाथ मिठाई भी खरीद ली। ऐसा इसलिए किया गया कि ऐसा न हो कि साप्ताहिक लाक डाउन होने के कारण मिठाई खरीदने के लिए हुज्जत का सामना करना पड़े। ऐसे में राखी, कपड़े़, मिठाई और अन्य लोगों ने खरीदा। मिठाई की दुकानों पर भी जमकर भीड़ रही। 
शुक्रवार को बाजार में उमड़ी भीड़

पांच दिवसीय लाकडाउन की अफवाह से सहमे लोग 

बांदा। बाजार में इस बात की खासी चर्चा रही कि अबकी बार साप्ताहिक लाक डाउन नहीं बल्कि पांच दिन का संपूर्ण लाक डाउन लागू होगा। हालांकि यह महज अफवाह थी, लेकिन बाजार में खरीददारी करने आने वाले लोगों के लिए यह परेशानी का सबब बन गया। लोग एक-दूसरे के साथ ही दुकानदारों से भी पांच दिवसीय लाक डाउन के बारे में बात करते नजर आए। न तो ग्राहक और दुकानदार एक-दूसरे को लाकडाउन को लेकर संतुष्ट नहीं कर पाए। पांच दिवसीय लाक डाउन की अफवाह से दुकानदार और ग्राहक के अलावा शहरवासी सहमे नजर आए। 

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