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Sunday, July 19, 2020

कानपुर:- पुलिस की शह पर नौबस्ता, यशोदा नगर मझरिया चौराहे पर अवैध टेम्पो स्टैंड,

खड़े बेतरतीब वाहन प्रशासन को खुली चुनौती

शहर में ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त करने का दंभ भर रही कानपुर की पुलिस को शायद नौबस्ता, यसोदा नगर थानांतर्गत मछरिया टेंपो स्टैंड चौराहे पर स्थित अवैध टेंपो स्टैंड की मनमानी नहीं दिख रही पिछले कई वर्षों से मछरिया टेंपो स्टैंड अवैध रूप से संचालित है जिस पर कई बार प्रशासन द्वारा कार्रवाई भी की जा चुकी है लेकिन स्थिति आज भी जस की तस है हो सूत्रों की माने तो सम्बंधित थाने को मोटी रकम इनकी ओर से भेंट स्वरूप दी जाती है। स्टैंड संचालक धड़ल्ले से स्टैंड का संचालन निर्भीक होकर करते हैं।सच आपके सामने तस्वीरों के माध्यम से प्रस्तुत है। कई अधिकारी आए और गए लेकिन सिर्फ मिलने वाली रकम का स्तर बढ़ा है। स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।
कभी भी बेतरतीब टेंपो व ई रिक्सा वाहनों को खड़े देखा सकता है वो भी पुलिस के सामने। 

कानपुर आमजा भारत कार्यालय संवाददाता:- टेंपो स्टैंड किदवई नगर  यशोदा नगर मझरिया टेंपो स्टैंड पर आए दिन होती है दुर्घटनाएं व यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार मानक के विपरीत भरते हैं सवारी वही आए दिन दुर्घटनाएं भी बेतरतीब खड़े वाहनों की वजह से होती रहती है साथ ही टेंपो चालक अबरार,फैसल और किदवई नगर टेंपो स्टैंड का हॉकर सतवीर ई रिक्शा ड्राइवरों को मारते वह बद्दी बद्दी गालियों का प्रयोग करते हैं साथ ही  बैठी हुई महिलाओं के साथ भी बदसलूकी करते हैं बद्दी बद्दी की गालियों व गलत शब्दों का प्रयोग किया जाता है संबंधित थाने में मामला जाने पर रफा दफा कर दिया जाता है। वही आए दिन यात्रियों के साथ भी टेंपो चालकों का दुर्व्यवहार बी प्रकाश में आता रहता है साथ ही मानक के विपरीत सवारियां भरने का भी काम टेंपो चालक करते हैं वह भी इसलिए क्योंकि इनको पुलिस का कोई भय नहीं रहता।

कितनी होती है वसूली
जानकारों की माने प्रत्येक टेंपो चालक से ₹20 की वसूली प्रतिदिन की होती है लगभग 150टेंपो मछलियां टेंपो स्टैंड से किदवई नगर घंटाघर रावतपुर 12 देवी रामा देवी तक जाती है। इस हिसाब से 2 से ₹4000 तक रोजाना वसूली  स्टैंड संचालक के गुर्गो द्वारा होती है। जिसका मासिक आकलन लगभग एक लाख रुपए है।

कहां जाता है पैसा
 सूत्रों की माने कुछ हिस्सा संबंधित थाने में जाता है। रोजाना के हिसाब से लगभग 500 रुपये वसूली करने वाले को दिया जाता है।

क्यों नहीं होती है कार्रवाई
नाम गुप्त रखने की शर्त पर जानकारी दी गई की प्रशासन की ओर से जब कड़ी कार्यवाही का दौर चलता है उस समय पहले से ही स्टैंड संचालक को सूचना दे दी जाती है और वह अपने हिसाब से गोटियां फिट कर लेते हैं।

शेष अगली खबर में कौन है संचालक, कौन कौन मिले हैं इस खेल में 
To be continued...........

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