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MSME को सरकार ने दी राहत के साथ सुविधा भी, ई-मार्केट लिंकेज से लगेगी नैया पार

छोटे और कुटीर उद्योगों को ई-मार्केट से जोड़कर न सिर्फ उनके उत्‍पादों को देश की सीमा के पार पहुंचाया जा सकेगा बल्कि इससे देश आत्‍मनिर्भर भी बनेगा। ...
आमजा भारत कार्यालय सवांददाता:- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज उस पैकेज से पर्दा उठा दिया जिसका एलान मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए किया था। इसमें एमएसएमई (Micro, Small and Medium Enterprise) के लिए ई-मार्केट लिंकेज पर जोर दिया गया है। लेकिन जिस एमएसएमई के ई-मार्केट लिंकेज का एलान वित्‍त मंत्री ने किया है उसके बारे में आप कितना जानते हैं। यदि नहीं जानते हैं तो हम आपको इसकी जानकारी के साथ-साथ ये भी बताते चलेंगे कि सरकार की तरफ से इसको लेकर क्‍या एलान किया गया है।

पहले हम आपको बता दें कि MSME आखिर क्‍या है। दरअसल ये निवेश के लिए छोटे आकार की एक संस्था है, जिसमे कुशल और अकुशल दोनो ही तरह के व्यापारी होते हैं। ये बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर प्रदान करते हैं और भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का काम करते हैं। ये स्कीम या ये संस्‍था छोटे व कुटीर उधोगो को बढ़ावा देने के मकसद से शुरू की गई थी। इसके तहत कई लघु उधोगो को फायदा मिलता है।

इस तरह के उधोगो को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार ने कई सारी योजनाएं शुरू की है जिनका लाभ MSME रजिस्ट्रेशन के माध्यम से उठाया जा सकता है। आपको यहां पर ये भी बता दें कि भारत सरकार की कई योजनाएं ऐसी भी हैं जिनका लाभ बिना MSME का रजिस्ट्रेशन करवाए नहीं उठाया जा सकता है। MSME को लघु व कुटीर उद्योग मंत्रालय द्वारा संचालित किया जाता है। ये रजिस्ट्रेशन उन व्यवसाय के लिए है जो इन उद्योगों की श्रेणी में आते हैं।

आपको बता दें कि ई-मार्केटिंग को हम इलेक्ट्रॉनिक मार्केटिंग, इंटरनेट मार्केटिंग, वेब मार्केटिंग, डिजिटल मार्केटिंग या ऑनलाइन मार्केटिंग के रूप में भी जानते हैं। इसका चलन अब काफी बढ़ चुका है। वित्‍तमंत्री ने छोटे उद्योगों को अब इसी तरह की मार्केट से जोड़ने की बात कही है। इसका सीधा सा अर्थ ये भी है कि छोटे, लघु व कुटीर उद्योगों के जरिए जो प्रोडेक्‍ट बनाए जाते हैं उनके लिए एक ऑनलाईन मार्केट का प्‍लेटफॉर्म मुहैया करवाना। इसके जरिए कोई भी व्‍यक्ति इन प्रोडेक्‍ट को घर पर बैठे ही प्राप्‍त कर सकेगा। इसकी वजह से न सिर्फ इन प्रोडेक्‍ट को बढ़ावा मिलेगा बल्कि इनकी ब्रांडिंग भी में मदद मिल सकेगी। इस ऑनलाइन या ई-मार्केट लिंकेज से समय और धन दोनों ही की बचत संभव हो सकेगी।

अभी तक इन छोटे उद्योगों द्वारा बनाए जाने वाले प्रोडेक्‍ट का दायरा काफी सीमित हुआ करता था। लेकिन ई-मार्केट से लिंक होने पर इनका दायरा देश और देश के बाहर तक संभव हो सकेगा। हालांकि इसके लिए क्‍वालिटी पर काफी ध्‍यान देना जरूरी होगा, जिसका जिक्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दिए अपने संबोधन में भी किया था। मौजूदा समय में ई-मार्केट इसलिए इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या में वृद्धि के परिणामस्वरूप ई-मार्केटिंग का महत्व बढ़ गया है। वर्तमान में किसी प्रोडेक्‍ट की जानकारी या उसके खरीददारों के व्‍यूज को जानने का भी ये सबसे सरल साधन बन चुका है।

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