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बकरे, मुर्गियो की जलकर मौत, गृहस्थी खाक

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। बीती रात मकान में आग लगने से बकरे, मुर्गियों की जलकर मौत हो गई। गृहस्थी समेत घर जलकर खाक हो गया। पीड़ित गृहस्वामी ने घटना की जानकारी संबंधित अधिकारी को देकर कानूनी कार्यवाही के साथ ही आर्थिक सहायता दिलाने की फरियाद लगाई है।
ये घटना विकासखण्ड कर्वी के ग्राम कांडीखेरा के मजरा भीठाखेड़ा की है। पीड़ित गृहस्वामी अशोक कुमार पुत्र कैलाश ने बताया कि भोजन करने के बाद जब समूचा परिवार गहरी निद्रा में हो गया। उसी दौरान घर में अज्ञात कारणों के चलते आग लगी। कुछ ही समय बाद आंधी चली। जिससे लगी आग ज्वालाओं में परिवर्तित हो गई। कुछ ही समय में समूचा घर धू-धूकर जलने लगा। घर में बंधी सात बकरियां जिनमें पांच बकरें एवं दो गर्भित बकरियां भी थी जलकर खाक हो गए। इसी क्रम में ही घर में 34 मुर्गियों की भी जलने से मौत हो गई। इनमें एक मुर्गा था। इन्हीं बकरियों में चार बकरियां जिस रस्सी में बंधी थी वह रस्सी तोडकर घर के बाहर भागकर अपनी जान बचाई। पीड़ित गृहस्वामी ने बताया कि वह किसी तरह तेज
आग से जली बकरियां, मुर्गी।
ज्वालाओं की आंच से जगा तो देखा कि घर धू-धूकर जल रहा है। किसी तरह घर के बाहर बनी छप्पर को बचाने का प्रयास किया। जिससे छप्पर तो बचा लिया, लेकिन घर में रखी सारी गृहस्थी जलकर खाक हो गई। जिसमें खाद्यान्न एवं अन्य सामग्री भी जल गई। गृहस्वामी ने गृहस्थी के बर्तन दिखाते हुए बताया कि सभी बर्तन आग की ज्वालाओं में जलकर धातु के रूप में परिवर्तित हो गई। बताया कि समूचे परिवार के समक्ष उदरपूर्ति की भयंकर समस्या खड़ी हो गई है। गृहस्वामी ने बताया कि समूचा घर जलने व अन्य पशुओं की मृत्यु के बाद बादलों की गडगडाहट के साथ वर्षा हुई। जिससे घर में लगी आग बुझ गई। यह भी बताया कि उसका मकान गांव के अंदर गली में होने के चलते दमकल को जानकारी नहीं दी जा सकी। कारण बताते हुए कहा कि राजस्व विभाग के संबंधित लोगों को इस आग की विभीषिका में हुई क्षति की जानकारी देने पर मृत बकरियों व मुर्गियों का शव विच्छेदन कराने के आदेश पशु विीााग को दिए गए हैं। डा बीएनएस चैहान ने घटना स्थल पर पहुंच कर मतक बकरियों और मुर्गियों का शव विच्छेदन किया। 

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