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कोरोना वायरस, पाक आतंकवाद खतरा भारत के लिए...................

देवेश प्रताप सिंह राठौर 

(वरिष्ठ पत्रकार)

...आज सबसे बढ़िया स्थिति कोरॉना वायरस कि भारत की है काफी हद तक अन्य देशों की अपेक्षा भारत मैं नियंत्रण हुआ है । परंतु भारत से  सटे देश पाकिस्तान दुश्मन रहा हमेशा भारत का देश पाकिस्तान जो कोरोना वायरस को आतंकवादी हथियार बनाकर भारत में भेज सकता है । क्योंकि पाकिस्तान के हालात बहुत खराब है परंतु भारत के लिए चाहे जितने हालात खराब हो पाकिस्तान के वह भारत के विषय में खराब ही सोच रखता है और उसके लिए हैं कोरोना आतंकवाद इस्तेमाल कर सकता है भारत को खासकर जम्मू कश्मीर में जहां पर बहुत ही ध्यान से सतर्क होकर रहना पड़ेगा क्योंकि वह पाकिस्तान भूखा  मर जाएगा भारत में आतंकवाद फैलाने के लिए वह पैसा का इस्तेमाल आतंकवादियों के लिए करता रहेगा और करता आ रहा है।क्योंकि उसकी नियत हमेशा भारत को किस तरह हानी पहुंचाई जाए वह दसको दसको बरसो से चली आ रही है भारत के विरुद्ध कोई भी चाल चल सकता है खुद इस समय इतना ज्यादा परेशान है पाकिस्तान लेकिन भारत को नुकसान करने के लिए वह अपना चाहे जितना नुकसान हो वह कोई भी कसर नहीं छोड़ेगा ।भारत आज जब कोरोनावायरस महामारी के संक्रमण केतीसरेचरण सामुदायिक संक्रमण  के कगार पर खड़ा है, तो ऐसे में हमारी सशस्त्र सेनाओं के सामने तीन बड़ी चुनौतियां हैं. अपनी ऑपरेशनल तैयारियों को बनाए रखने के लिए सैनिकों के बीच वायरस के फैलाव को रोकना. जम्मू-कश्मीर में सेना और आम आबादी के खिलाफ कोविड-19 का जैविक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर उग्रवाद बढ़ाने के लिए मौके का इस्तेमाल करने से आतंकवादियों को रोकना और महामारी के तीसरे और चौथे चरण तक पहुंचने की स्थिति में इसके खिलाफ सरकार के अभियानों में मदद करनासेना को स्वच्छता और साफ-सफाई के ऊंचे मानकों और अच्छी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जाना जाता है. लेकिन सैनिकों के रहन-सहन और क्रिया-कलापों संबंधी परिस्थितियां गंभीर जोख़िम भी पैदा करती हैं. सैनिक जिन बैरकों में रहते हैं वहां उनके लिए साझा शौचालयों और गुसलखानों की व्यवस्था होती है. वे सामुदायिक मेसों में खाना खाते हैं. व्यावहारिक रूप से प्रशिक्षण और अभियानों के दौरान उन्हें परस्पर करीब रहते हुए काम करना होता है. इसलिए सेना अपने माहौल में कोविड-19 को पैठ बनाने देने का खतरा मोल नहीं ले सकती है क्योंकि वहां
सामाजिक दूरी कायम करना मुश्किल है. इतिहास ऐसे उदाहरणों से भरा पड़ा है. जब संक्रामक रोगों के चलते वास्तविक लड़ाई की तुलना में कहीं अधिक सैनिक हताहत हुए थे.इस प्रकार, खुद तक सिमट जाने के अलावा सेना के पास और कोई विकल्प नहीं है. छावनियों, सैन्य केंद्रों, वायुसेना और नौसेना के अड्डों को अलग-थलग करने के अलावा बैरकों में भीड़ कम की जानी चाहिए और कुछ सैनिकों को टेन्टों वाले शिविरों या पूर्वनिर्मित आश्रयों में ले जाया जाना चाहिए. असैनिक क्षेत्रों में रहने वाले सैनिकों और उनके परिवारों को सैन्य केंद्रों के अंदर अस्थाई आवासों में ले जाया जाना चाहिए. छुट्टियों पर जाने से सैनिकों को रोका जाना चाहिए और पहले से ही छुट्टी पर गए जवानों की छुट्टियां बढ़ा दी जानी चाहिए या वापसी पर उन्हें क्वारंटाइन में बाकियों से अलग रखा जाना चाहिए. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हमेशा यही कहते हैं चाइना द्वारा कोरोना वायरस फैला है इसकी कीमत चीन को चुकानी पड़ेगी मेरा मानना है पूरा विश्व समुदाय आज कोरोना से ग्रस्त है सभी देश मिलकर चीन के खिलाफ एक इस तरह कार्य करें की आर्थिक रूप से चीन कमजोर हो जाए क्योंकि ज्यादातर सामान विश्व में चीन द्वारा निर्यात किया जाता है आज इसकी मुख्य जाड़े सभी मिलकर चीन को अलग कर दें क्योंकि वहां की सरकार जो करती आती है वह सब तानाशाह की तरह कार्य करते हैं आज पूरा विश्व एक मंच पर खड़ा होकर चीन के द्वारा फैला यह वायरस पूरा विश्व आए परेशान है दो लाख के ऊपर लोगों की विश्व में मृत्यु का कोरोना वायरस से हुई है करीब 35 लाख लोग कोरोना वायरस के संक्रमित है अभी किसी देश में यह थम नहीं रहा है संख्या दर संख्या इसका आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। चीन एक ऐसा देश है जिसका बहुत ही नजदीकी दोस्त विश्व का आतंकवादी है पाकिस्तान मित्र हैं। आप सोच सकते हैं चीन द्वारा कभी भी आजादी के बाद भारत के हित में कभी नहीं रहा आज भी अरुणाचल प्रदेश उसमें चीन दखलअंदाजी किया करता है। पूरा विश्व चीन की जरा सी गलती का पुराना नाम आज पूरा विश्व परेशान है कोरोना वायरस से क्योंकि इसकी कोई समय सीमा नहीं है घर पर रहें सुरक्षित रहें परंतु इंसान कब तक घर पर रहे कब तक यह कोरोनावायरस समाप्त होगा इसका कोई अभी अनुमान नहीं लगाया अपने अपने तरीके से डब्ल्यूएचओ ने कुछ समय की बात कही है पर कब तक रहेगा इसका अभी तक सटीक अनुमान किसी के पास नहीं है क्योंकि आर्थिक रूप से पूरा विश्व भारत जहां है वहीं पर स्तर हो गया है क्योंकि कोरोना वायरस की महामारी यह ऐसी है इसका कोई आज तक इलाज नहीं है देश के बहुत सारे वैज्ञानिक पूरे विश्व के लगे हुए हैं इसकी वैक्सीन बनाने के लिए लगे हुए हैं परंतु अभी तक सफलता नहीं मिल पाई है जब कव यह वायरस खत्म होगा इसका सटीक हनुमान किसी के पास है सिर्फ आंकड़े के अनुसार अपनी अपनी राय दे रहे हैं परंतु जिस हालत में विश्व चल रहा है। लगता है आने वाले समय में चीन के साथ कुछ प्रतिबंध विश्व समुदाय के मिलकर चीन के खिलाफ कुछ कार्रवाई करने की उम्मीद लग रही है ऐसे अमेरिका के वक्तव्य है उस हिसाब से आर्थिक रूप से चीन को कमजोर कार वहां से कारखाने जिन देशों के हैं हटाकर कहीं अन्य स्थानों पर लगा सकते हैं बहुत देशों की निगाहें भारत के ऊपर हैं भारत बड़ा उद्योग क्षेत्र भविष्य में बनने की स्थिति में विश्व समुदाय देख रहा है।



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