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गर्मी की बिकरालता, पेयजल की कमी से नगर क्षेत्र का जन जीवन अस्त व्यस्त

दबंगों ने सरकारी हैण्डपम्पों में समरसेबिल डालकर किया कब्जा, दर्जनों हैण्डपम्प खराब
जल संस्थान आॅफिस में निर्मित अधिकारियों के आवास फांक रहे धूल, एसडीओ के दर्शन दुर्लभ

कालपी (जालौन), अजय मिश्रा । दिनों दिन विकराल होती जा रही गर्मी में नगर व क्षेत्र में पानी की कमी से जन जीवन अस्त व्यस्त होने के साथ पशु पक्षी भी बेहाल हो रहे है लेकिन सरकारी अमले की लगातार उपेक्षा से कालपी तहसील क्षेत्र में पेयजल की समस्या अत्यन्त गम्भीर होती जा रही है। वही सरकारी हैण्डपम्पों में दबंग लोगों ने शहर व क्षेत्र में अपनी निजी समरसेबिल डालकर गरीबों को पानी से बंचित करने की कुचेष्ठा बनाये हुये है।
     जल संस्थान कालपी के सूत्रांे के अनुसार नगर कालपी में 50 हजार से अधिक आवादी में पानी उपलब्ध कराने हेतु 14 सरकारी लनकूप निर्मित है जिससे नलकूप चलाने का जिम्मा ठेके पर तथा सरकारी चालक भी है लेकिन जल संस्थान के अधिकारियों, कर्मचारियो की लापरवाही से नगर के कई मुहल्लो में जनता को पानी उपलब्ध नही हो पा रहा है वही नलकूपो को चलाने का जिम्मा सम्हाले लोग इतने लापरवाह है कि उन्हे चलाने का समय ही नही है कई मुहल्लो में पाइप लाइने न होने के कारण हजारो परिवार पानी के लिये भटककर हैण्डपम्पो के ऊपर निर्भर है। नगर कालपी में जल निगम विभाग द्वारा लगभग साढे़ छैः सैकड़ा हैण्डपम्प लगवा रखे है जिसका संचालन का जिम्मा जल संस्थान को दिया गया था लेकिन किंही कारणोवश जिले के जिम्मेदार अधिकारी ने संचालन का जिम्मा नगर पालिका कालपी को दे रखा है जिसमे सैकडों हैण्डपम्प खराब है जब कि दर्जर्नो हैण्डपम्पो पर दमंगो का कब्जा है इतना ही नही दो दर्जन से अधिक हैण्डपम्प खराब है तथा कई मुहल्लो के हैण्डपम्प लम्बे समय से सफेद हाथी बने है और नलो के आने जाने का समय नही है जिससे नगर में हा हा कार मचा है।
   
सरकारी हैण्डपम्प में समरसेबिल पड़ी तथा खराब हैण्डपम्प।
  कालपी शहर में जब संस्थान का सुन्दर आफिस है जिसमें भारी लागत से एसडीओ जल संस्थान तथा जिम्मेदारों के सुंदर आवास बना है लेकिन जिला प्रशासन की लापरवाही से एसडीओ के तो नगर वासियो ने दर्शन ही नही किये और तथा अन्य अधिकारी उरई आवास बनाकर आराम फरमा रहे है। और नगर के पेयजल समस्या भगवान भरोसे है। इस सबंध में जल संस्थान कालपी अवर अभियंता सभापति ने दूरभाष के माध्यम से हुयी वार्ता में अवगत कराया कि नगर में 14 सरकारी पेयजल नलकूप स्थापित है जो संचालित है स्टाफ के आभाव में अधिकांश नलकूप ठेके पर संचालित हो रहे है। नगरवासी मनोज, रोहित, अमरदीप, राहुल, मंगल सिंह आदि का सयुक्त रूप से कहना है कि जब यह प्रदेश सरकार तथा जिला प्रशासन जनता को पानी उपलब्ध नही करा सकता तो और दे क्या सकता है। उन्होने कहा कि इस भीषण गर्मी में जल मानव जीवन का प्रमुख तत्व है और इस शासन में सैकड़ो परिवारो को पानी के लिये भटकना अत्यन्त चिन्तनीय विषय है। इधर कालपी क्षेत्र के विकास खण्ड कदौरा, महेवा आदि के दर्जनों गावों में पानी समस्या विकराल रूप धारण करती जा रही है क्योकि तमाम हैण्डपम्प खराब है जल स्तर घटने से कुआं सूख चुके है। शासन द्वारा कदौरा व महेवा क्षेत्र में लगभग 274 सरकारी नलकूप स्थित है जिसमें बहुत कम नलकूप चल रहे है अधिकांश नलकूप कागजांे पर भले ही संचालित हो रहे हो लेकिन धरातल पर बन्द है और चालक ऐशो आराम फरमा कर प्रशासन को चुनौती बने हुये है जिसके कारण क्षेत्र के अधिकांश तालाब भी सूख गये है जिससे पशु पक्षी और पालतू जानवर भी प्यास से तड़पने लगे है।
     कालपी क्षेत्र के यमुना बीहड़ पट्टी के अधिकांश गांव जिनमें हीरापुर, मैनूपुर, शेखपुर गुढ़ा, नरहान, दहेलखण्ड, सिमरा शेखपुर खड़गुई, रायपुर मडैया, लोहई टिकरी आदि आधा सैकड़ा गांव है जिनके आसपास रेतीला तथा गर्म रेतीले लपट के झोकों से तमाम रेत घरो में जाकर गिरता है और रेगिस्तान में मृग मरीचिका का भयादृश्य देखकर जनता अपने घरों में दुबक कर जान बचाने को विवश है। नगर व क्षंेत्र की जनता ने जिलाधिकारी जालौन डा. मन्नान अख्तर से अपेक्षा की है कि विशेष टीम गठित कर कालपी नगर व क्षेत्र का भ्रमण कर जनता को पेय जल संकट से राहत दिलाये जिससे मानव जीवन सुरक्षित रह सके।

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