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चीन से विश्व समुदाय पूर्ण रिश्ते समाप्त करें...........

देवेश प्रताप सिंह राठौर 
वरिष्ठ पत्रकार

........चीन के विरुद्ध आज कोरोना वायरस के कारण पूरा विश्व चीन के विरुद्ध आवाज उठानी चाहिए अमेरिका ने पूरी  तरह संबंध चीन से समाप्त करने की बात अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की वैसे पूरा विश्व चाइना की इस कोरोना वायरस की हरकत से बहुत परेशान है जिस तरह अमेरिका के राष्ट्रपति ने चीन से अपने संबंध समाप्त करने की बात कही है और भी देशों को सोचना चाहिए तथा चीन से अपने सारे रिश्ते एवं आर्थिक व्यवहार निर्यात आयात सब बंद कर देना चाहिए क्योंकि चीन एक ऐसा देश है जो पीछे से वार करता है कहता कुछ तो करता कुछ है उस पर विश्वास किया जाना बहुत बड़ी भूल होती है वह सन 1962 में भारत चीन के युद्ध में चीन की दोहरी नीत का पता चला हिंदू चीनी भाई भाई काय कर युद्ध कर दिया वहीं चीन है 1962 का गद्दार वो कैसे अपनी आदत को भूल जाए सिम के बारे में खोज इतिहास के पन्नों पर जो अंकित है वह जानने का प्रयास किया चीनी जनवादी गणराज्य की स्थापना एक अक्टूबर, १९४९ को हुई थी, जब साम्यवादियों ने गृहयुद्ध में कुओमिन्तांग पर जीत प्राप्त की। कुओमिन्तांग की हार के बाद वे लोग ताइवान या चीनी गणराज्य को चले गए और मुख्यभूमि चीन
पर साम्यवादी दल ने साम्यवादी गणराज्य की स्थापना की। लेकिन चीन, ताईवान को अपना स्वायत्त क्षेत्र कहता है जबकि ताइवान का प्रशासन स्वयं को स्वतन्त्र राष्ट्र कहता है। चीनी जनवादी गणराज्य और ताइवान दोनों अपने-अपने को चीन का वैध प्रतिनिधि कहते हैं।चीन विश्व की सबसे प्राचीन सभ्यताओं में से एक है जो अभी भी अस्तित्व में है। इसकी सभ्यता ५,००० वर्षों से अधिक भी पुरानी है। वर्तमान में यह एक "समाजवादी गणराज्य" है, जिसका नेतृत्व एक दल के हाथों में है, जिसका देश के २२ प्रान्तों, ५ स्वायत्तशासी क्षेत्रों, ४ नगरपालिकाओं और २ विशेष प्रशासनिक क्षेत्रों पर नियन्त्रण है।चीन विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और यह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थाई सदस्य भी है। यह विश्व का सबसे बड़ा निर्यातक और दूसरा सबसे बड़ा आयातक है और एक मान्यता प्राप्त नाभिकीय महाशक्ति है। चीनी साम्यवादी दल के अधीन रहकर चीन में "समाजवादी बाज़ार अर्थव्यवस्था" को अपनाया जिसके अधीन पूंजीवाद और अधिकारवादी राजनैतिक नियन्त्रण सम्मित्लित है। विश्व के राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक ढाँचे में चीन को २१वीं सदी की अपरिहार्य महाशक्ति के रूप में माना और स्वीकृत किया जाता है।यहाँ की मुख्य भाषा चीनी हैजिसका पाम्परिक तथा आधुनिक रूप दोनों रूपों में उपयोग किया जाता है। प्रमुखनगरोंमें बीजिंग (राजधानी), शंघाई (प्रमुख वित्तीयकेन्द्र), हांगकांग, शेन्ज़ेन, ग्वांगझोउ इत्यादी हैं। चीन वर्तमान में जातीय तिब्बतियों, उइगरों मुसलमानोंऔर फालुन गोंग के आध्यात्मिक अभ्यास के सदस्यों के खिलाफ मानवाधिकारों को अपमानित करने में अग्रणी भूमिका का निर्वहन कर रहा है। चीन के इतिहास में हमेशा रहा है जब से भारत आजाद हुआ उसकी निगाहें भारत पर भारत पर जमीन हड़पने की  नियत हमेशा बनी रही है। आज पूरा विश्व चीन की गलती का क्या हालत है विश्व युद्ध होताा तो इतने हालात खराब नहीं होते, आज विश्व के लगभग सभी देश कोरोना वायरस के महामारी से ग्रस्त हैं 2 लाख के ऊपर लोगों की मृत्युु हो चुकी और अभी कोरोना वायरस के संक्रमित मरीज संख्या बढ़ती जा रही है कम नहीं हो रही । विश्व की महाशक्ति के रूप में अमेरिका क्या हाल है पूरा विश्व जान रहा है परंतु चीन यहां से कोई भी समाचार प्राप्त नहीं हो पाता है क्योंकि वहां की सरकार इतना अधिकार मीडियाा को नहीं दे रखा है देश की बात दूसरे देशोंंं में  जा सके आज कितने खराब हालत हो गए हैं इंसान बहुत से लोग हैं जो अपने दैनिक कमाई से परिवार का पालन पोषण करते हैं आज उनके सामने समस्या है तथा भारत सरकार जोो कार्य कर रही है। जितनी तारीफ की जाए वह कम है गरीबों के खातेे में पैसे देने का काम किया, तथा जितना संभव हो उससे अधिक सरकार देश की जनता को काफी राहत पैकेज प्रदान कर  रही है। भारत    को चाहिए जिस तरह अमेरिका द्वारा चीन से रिश्ते समाप्त करने की बात कही है। भारत भी  चीन से रिश्ते समाप्तत करें क्यो कि भारत के हित की बात कभी नहीं करता है। भारत के साथ चीन हमेशा विरोध में ही है रहा है चाहे पाकिस्तान में बैठे आतंकवादी आकाओं की बात हो वहां पर अपना वीटो पावर लगाकर हमेशा पाकिस्तान के आतंकवादियों के आकाओं को बचाता रहता है। भारत विरोधी जितनी भी गतिविधियां हमेशा हुआ करता रहता है इसलिए आर्थिक रूप से जब तक चीन को कमजोर नहीं किया जाएगा तब तक यह चीन दवेगा नहीं क्योंकि आज पूरा भारत इतनी सावधानी बरतने के बाद भी समय से लॉक डाउन का निर्णय लेने के बाद भी आज कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। चिंता का विषय है पूरी अर्थव्यवस्था लगभग डगमगा रही है। जहां पर कोरोनावायरस से अधिक मात्रा में फैला है वहां केनियम कानून बहुत सख्त है फिर कोरोना वायरस की दर कमी नहीं हो पा रही है। भारत देश इतना मजबूत कानून नहीं है लापरवाही बहुत है नियम तोड़ना यहां की आदत में सवार है यह हालातों में कोरोना वायरस को कैसे कम किया जाएगा। बहुत चिंता का विषय है सभी लोग गंभीरता से इसे पालन करें सुरक्षा बचाओ ही और कोई दूसरा उपाय नहीं है। लेकिन मैं केंद्र सरकार और राज्य सरकार से निवेदन करना चाहता हूं नेता लोग इतनी सहायता जनता की नहीं कर रहे हैं इस कोरोना वायरस में सिर्फ 30 या 40पैकेट पाटकर और मीडिया के लोगों को बुलाकर फोटो खिंचवा कर पेपर में आ जाता है कि इतने जनप्रिय नेता जिले के किस तरह सेकोरोना वायरस की मदद कर रहे हैं। मैंने एक दो जगह जो वास्तव में मदद करने की स्थित है जिनको  मदद चाहिए उन्हें मदद नहीं पहुंच रही है मैंने एक दो जगह सांसद और विधायक से बात की बहुत से लोग परेशान हैं उन्हें राहत की जरूरत है सरकार ने आश्वासन दे रखा है उसके आधार पर आप उन तक कुछ सुविधाएं प्रदान करें जिससे उनका परिवार दो वक्त की रोटी खा सकें, कोरोना वायरस बड़ी माहवारी में मैं उन लोगों को कुछ राहत पहुंचाने के लिए बात कीजिए परंतु ना खाद्य सामग्री ना ही कोई सुविधा प्रदान की गई मैं पूर्ण विश्वास के साथ कह सकता हूं कि नेता लोग बहुत कम है जो अपने क्षेत्र के क्षेत्रवासियों का ध्यान दे रहे हैं वरना सिर्फ मीडिया में फोटो खिंचा कर सिर्फ अपना झूठा जनता की मदद का बात कर अपने मुखिया को दिखाना चाहते हैं कि हम अपने क्षेत्र में काम कर रहे हैं जबकि ऐसा दूर-दूर तक नहीं है। जो भूखा है वह भूखा है उसे स्वयंसेवी संस्थाएं जरूर उसका मदद कर रही हैं पर क्षेत्र के सांसद विधायकों से ही उम्मीद बहुत कम है। यह मैंने एक दो जगह बाता करते हैं कुछ कमजोर लोगों को राहत देने की बात की थी परंतु 1 महीने से अधिक हो गए हैं डालने के सिवाय कुछ नहीं फिर झूठे आश्वासन देना जनता को मूर्ख बनाना और अपना कार्य को सिद्ध करना यही नेता लोगों का चरित्र बन गया है। सरकार कोई भी गरीबों के लिए योजना बनाती है वह योजना उन तक नहीं पहुंच पाती है। के सिपेहसालार होते हैं उन्हीं को ही सिर्फ राहत का सामग्री प्राप्त हो पाती है। सरकार से विनम्र निवेदन है बहुत से लोग आज परेशान है आर्थिक रूप से खाद्य सामग्री घर में नहीं है उन तक पहुंच सके ऐसे नियम कानून कुछ बनाए जाएं जो सरकारी तंत्र के माध्यम से उस मोहल्ले उस वार्ड का सर्वे के आधार पर गरीब असहाय लोगों को इस मुसीबत की घड़ी में उन्हें कुछ राहत मिल सके। क्योंकि धोखा देना झूठ बोलना पद के अनुसार छोटा व्यक्ति तब तो जाता है लेकिन ईश्वर उसे कभी माफ नहीं करता है।

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