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प्रशासन की आंखों में धूल झोंक कर दुकानदारी कर रहे चौक के व्यापारी

कास्मेटिक व रेडीमेड दुकानों में लाकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ रही धज्जियां
थाने व चौकी में बैठकर गतिविधियों की टोह लेते रहते कुछ व्यापारी नेता 
 
फतेहपुर, शमशाद खान । कोविड-19 वैश्विक महामारी को फैलने से रोकने के लिए एक ओर जहां केन्द्र एवं प्रदेश सरकारों द्वारा लगातार लाकडाउन लगातार लोगों को घरों में रहने की अपील की जा रही है। वहीं प्रशासन की आंखों में धूल झोंक कर शहर के अति व्यस्ततम चैक बाजार के व्यापारी आधा शटर उठाकर दुकानदारी करने में मस्त हैं। कास्मेटिक व रेडीमेड दुकानों में लाकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इन व्यापारियों को कुछ नेताओं की शह मिली हुयी है। क्योंकि अपने आपको व्यापारी नेता कहने वाले लोग थाने एवं चैकी में दिनभर बैठकर पुलिस की गतिविधियों की टोह भी लेते रहते हैं। पुलिस गश्ती की जानकारी मिलते ही अपने व्यापारी साथियों को तत्काल शटर डाउन करने के लिए सतर्क कर देते हैं। ऐसे लाकडाउन की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। अगर हालात यही रहे तो शहर में कोरोना वायरस को फैलने से कोई नहीं रोक सकता। 
बताते चलें कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए पूरे देश में लाकडाउन चल रहा है। अभी तक फतेहपुर जनपद ग्रीन जोन में था। एक भी कोरोना पाजिटिव मरीज यहां नहीं मिला था। जिसका पूरा श्रेय जिलाधिकारी संजीव सिंह व पुलिस अधीक्षक प्रशांत वर्मा को मिला। लेकिन शुक्रवार को जाफरगंज थाना क्षेत्र के नया पुरवा गांव में मुम्बई से आये एक व्यक्ति की रिपोर्ट कोरोना पाजिटिव आते ही जिले में हड़कम्प मच गया। जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक समेत अन्य अधिकारियों ने पूरे गांव को सील करवा कर सेनेटाइज करवाया। कोरोना पाजिटिव केस जनपद में मिलते ही लोगों के बीच भी दहशत व्याप्त हो गयी है। इस दहशत को यहां के कुछ व्यापारी बढ़ाने का काम कर रहे हैं। क्योंकि जिलाधिकारी ने सिर्फ आवश्यक वस्तुओं की दुकानों को शर्तों के आधार पर खोलने के निर्देश दिये थे। इन निर्देशों पर अमल करते हुए आवश्यक वस्तुओं की दुकानें प्रतिदिन खोली भी जा रही हैं। बैठक में जिलाधिकारी को व्यापारी नेताओं ने आश्वस्त किया था कि 17 मई तक के लाकडाउन में पूरे चैक बाजार समेत अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान पूरी तरह से बंद रहेंगे। व्यापारी नेताआंे के इस कथन के
चौक बाजार में आधा शटर उठाकर बिक्री करता कास्मेटिक दुकानदार।
विपरीत शहर में आवश्यक वस्तुओं के अलावा अन्य दुकानें भी खुली दिखाई दे रही हैं। जो लाकडाउन का खुला उल्लंघन हैं। बता दें कि चैक चैराहे पर पूरा दिन पुलिस की पिकेट तैनात रहती है। वहीं लगातार पुलिस के अधिकारियों का आना-जाना भी लगा रहता है। पुलिस की नाक के नीचे ही कास्मेटिक, रेडीमेड सहित अन्य वस्तुओं के व्यापारी अपने-अपने प्रतिष्ठानों के आधे-आधे शटर खोलकर धड़ल्ले से सामान की बिक्री कर कर रहे हैं। ऐसे व्यापारियों को पुलिस का जरा सा भी भय नहीं है। ऐसा ही नजारा शुक्रवार को भी चैक बाजार में दिखाई दिया। जहां कुछ कास्मेटिक व रेडीमेड दुकानों के व्यापारियों ने अपने आधे शटर खोल रखे थे। इन दुकानों में महिलाओं की काफी भीड़ भी दिखाई दी। भीड़ के कारण सोशल डिस्टेंसिंग की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही थी। दुकानदार बड़े मजे से अपने सामान की बिक्री कर रहे हैं। जैसे ही उन्हें किसी तरह के खतरे का सिंगनल मिलता है तो वह तत्काल अपनी दुकानों को बंद कर दुकान के ऊपर बने मकानों में चले जाते हैं। इन व्यापारियों को कुछ नेताओं ने संरक्षण दे रखा है। कुछ व्यापारी नेता पूरा दिन थाने व चैकियों में बैठकर पुलिस प्रशासन की टोल में लगे रहते हैं। जैसे ही उन्हें जानकारी मिलती है कि पुलिस चैक की ओर जा रही है तो वह तत्काल मोबाइल के माध्यम से अपने चहेते व्यापारियों को तत्काल शटर डाउन करने के लिए सिंग्नल दे देते हैं। इस तरह से लाकडाउन का चैक बाजार में खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। अगर हालात यही रहे तो निश्चित ही शहर में कोरोना वायरस के फैलने का कारण चैक बाजार बनेगा। जिसका उत्तरदायित्व जिला प्रशासन व पुलिस का होगा। इसलिए समय रहते पुलिस प्रशासन को इस पर सख्त रूख अख्तियार करने की जरूरत है। 

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