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सुखदेव के बलिदान को भुलाया नही जा सकेगा

हमीरपुर, महेश अवस्थी  । वर्णिता सन्स्था सुमेरपुर ने  विमर्श विविधा में जरा याद करो कुर्बानी के तहत बलिदानी बाना के बेमिसाल पुरोधा सुखदेव की जयंती पर  सन्स्था के अध्यक्ष डॉ भवानीदीन ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि सुखदेव भगत सिंह के अभिन्न मित्र थे । उनमें देश के प्रति साहस और समर्पण कूट कूट कर भरा हुआ था । देश के
प्रति उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है।चाहे सान्डर्स वध हो या फिर असेम्बली बम काण्ड,हर प्लान में सुखदेव ने भगतसिंह का पूरे मनोयोग से साथ दिया, सुखदेव बचपन से ही देश के प्रति सोचने लगे थे।सान्डर्स वध के कारण लाहौर षड्यंत्र के नाम से केस चला । इन पर अन्य मुकदमे भी चले, भगतसिंह और राजगुरु के साथ सुखदेव को फांसी हुई।23 मार्च 1931को तीनों को फांसी पर लटका दिया गया।इनकी शहादत आज भी प्रासंगिक हैं।

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